
यह तस्वीर भोराई की है सब कुछ तो ठीक है पर धीरे-धीरे ही सही कुछ मत बुद्धि लोगों के द्वारा हमारी मूलभूत पहचान के साथ में छेड़छाड़ तो की जा रही है मैं समाज सेवी होने के नाते साथ ही आदिवासी समाज की बात करता हूं इसलिए मैं तमाम उन हमारे भराई पाल के पढ़े-लिखे युवा साथियों से निवेदन करूंगा कि अपनी मूल पहचान के साथ में अगर कहीं पर भी छेड़छाड़ हो रहा है तो उसको तत्काल रोका जाए और उसको सुरक्षित किया जाए यह आप लोगों की जिम्मेदारी है।।खाल बावसी के मंदिर में अन्य की क्या जरूरत है क्या हमारे समाज में कोई ऐसा योग्य व्यक्ति नहीं है जो वहां पर रहकर के इसकी देखरेख कर सके।।
ऐसा क्यों कर रखा है किसके कारण हो रहा है और ऐसे गुलाम लोग कौन है वहां पर जो हमारी मूल पहचान के साथ में छेड़छाडी कर रहे हैं ऐसे लोगों को चिन्हित करके वहां से हटाया जाए और अपनी मूल पहचान को सुरक्षित किया जाए धन्यवाद।। मना अहारी ,हमजी भररेया अहारी वह तो ठीक है हमारे पूर्वज हैं पर यह गा क्या है शुरू वीर गातोड कौन है क्या है और उसे हमारा क्या ताल्लुक है।। कब तक लूटने रहोगे भाई कम से कम अपनी विरासतों की तेरी तो ढंग से कर लिया करो अब तो पढ़े लिखे हो यार।। वहां का युवा जेनरेशन इस बात पर ध्यान दें धन्यवाद।