
समाहरणालय पूर्णिया,
जनसंपर्क कार्यालय,
प्रेस विज्ञप्ति:-702,
दिनांक 02/06/2026,
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प्रभारी सचिव श्री बी० कार्तिकेय धनजी (भा०प्र०से) की अध्यक्षता में पूर्णिया जिले में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ पूर्व अद्मतन तैयारी की समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई:-
पूर्णिया जिले में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़-2026 से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
इसी कड़ी में मंगलवार को
लघु जल संसाधन विभाग के सचिव-सह-पूर्णिया जिले के प्रभारी सचिव श्री बी० कार्तिकेय धनजी (भा०प्र०से०) की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ पूर्व तैयारियों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
समीक्षा के दौरान सचिव महोदय को अवगत कराया गया कि प्रभारी जिलापदाधिकारी श्री अंजनि कुमार के दिशा-निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
बैठक में बाढ़,अतिवृष्टि,सुखाड़ और हीटवेव (लू) से बचाव के लिए विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई और कईआवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिले के विभिन्न अंचलों में संकटग्रस्त व्यक्तियों (गर्भवती/धातृ महिलाएं, बच्चे, दिव्यांग एवं वृद्ध) की पहचान कर ली गई है ताकि आपात स्थिति में उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित निकाला जा सके।
अमौर, बैसा एवं बायसी अंचलों में कुल 13 संवेदनशील स्थलों पर बाढ़ निरोधात्मक कार्य (Anti-Erosion Work) प्रगति पर है।तटबंधों की निगरानी के लिए संबंधित अभियंताओं को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
राहत एवं बचाव कार्य के लिए जिले में सरकारी एवं निजी नाव की व्यवस्था की गई है। SDRF के पास 9 इन्फ्लैटेबल मोटरबोट और जिले में 868 लाइफ जैकेट उपलब्ध है।
जिले में 344 बाढ़ आश्रय स्थल और 291 सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं।
सूखा राशन (चूड़ा, गुड़, सत्तू) और फूड पैकेट्स की पैकेजिंग के लिए 14 स्थलों का चयन किया गया है। वर्तमान में जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न और 22,867 पॉलीथीन शीट्स उपलब्ध हैं।
मानव स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 103 मेडिकल टीमों (चलंत, स्थायी और अस्थायी) का गठन किया गया है। सभी राहत शिविरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सांप काटने (ASVS), कुत्ते काटने (ARV), ORS और हैलोजन टैबलेट जैसी जीवन रक्षक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में भंडारित हैं।
पशुओं के लिए 42 ऊंचे शरण स्थल और 37 पशु बाढ़ सहाय्य केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ पर्याप्त सूखा चारा और दवाइयां उपलब्ध हैं।
शुद्ध पेयजल के लिए 1253 पुराने चापाकलों की मरम्मति की जा चुकी है और जल शुद्धिकरण के लिए 8 प्लांट तैयार रखे गए हैं। सुदूर क्षेत्रों के लिए 'जलदूत' और जेरीकेन की व्यवस्था की गई है।
आपदा सम्पूर्ति पोर्टल के माध्यम से अधिक लाभुकों के आधार और बैंक खातों का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि बाढ़ के समयअनुग्रह अनुदान की राशि सीधे उनके खातों (DBT) में भेजी जा सके l
वर्तमान में जिले में भू-गर्भ जल स्तर 10'09" फीट है।
हीटवेव से बचाव के लिए शहरी निकायों में सार्वजनिक प्याऊ, हाई कैपेसिटी RO वॉटर हाउस और अस्पतालों में AC युक्त बेड की विशेष व्यवस्था की गई है। कृषि विभाग को फसल क्षति का आकलन कर त्वरित अनुदान देने और आकस्मिक फसल योजना तैयार रखने का निर्देश दिया गया है।
प्रभारी सचिव महोदय ने सभी संबंधित पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंताओं और नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 24×7 अलर्ट मोड पर रहे। प्रभारी सचिव महोदय के द्वारा जिले में डूबने से हो रही मृत्यु पर चिंता व्यक्त किया गया एवं इसमें कमी लाने हेतु जन जागरुकता कार्यक्रम कराने हेतु
सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी को निदेशित किया गया।
बैठक में प्रभारी जिला पदाधिकारी,पुलिस अधीक्षक,अपर समाहर्ता ( आपदा प्रबंधन), सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, कार्य पालक अभियंता जल संसाधन विभाग, जिला पशुपालन पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Purnia, Bihar | Jun 2, 2026