
शनिवार,04 जुलाई 2026*
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*सहकारिता से आत्मनिर्भर गांवों की नींव होगी मजबूत, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता : उपायुक्त*
*सहकारिता सप्ताह पर जिला स्तरीय बैठक आयोजित, धान अधिप्राप्ति, फसल बीमा, रक्तदान एवं जन-जागरूकता अभियानों में MPCS की भूमिका होगी और सशक्त*
सहकारिता सप्ताह के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय में उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में सहकारिता आंदोलन को नई गति देने, सहकारी संस्थाओं को अधिक सशक्त बनाने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ग्रामीण विकास को गति देने की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि "सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक एवं ग्रामीण परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है। जब सहकारी संस्थाएं मजबूत होंगी, तब किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।"
उन्होंने पदाधिकारियों एवं सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सहकारिता को जन-आंदोलन का स्वरूप दें। उन्होंने कहा कि आजीविका संवर्धन, कृषि विकास, मत्स्य पालन, वित्तीय समावेशन एवं ग्रामीण स्वावलंबन के लिए सहकारी संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उपायुक्त ने विशेष रूप से धान अधिप्राप्ति, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा विभिन्न प्रायोजन योजनाओं को बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से ग्राम स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां किसानों और ग्रामीणों के लिए सरकार एवं समाज के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करें।
बैठक में सामाजिक सरोकारों पर भी विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने स्वैच्छिक रक्तदान को जनभागीदारी का अभियान बनाने, बढ़ते सर्पदंश एवं मलेरिया के मामलों के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता फैलाने तथा स्वास्थ्य संबंधी संदेशों को गांव-गांव तक पहुंचाने में बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में सहायक समाहर्ता, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सहायक निबंधक (सहकारिता), चक्रधरपुर, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, डीपीएम-जेएसएलपीएस, झारखंड राज्य सहकारी बैंक की चाईबासा, नोवामुंडी, चक्रधरपुर, जगन्नाथपुर एवं मझगांव शाखाओं के शाखा प्रबंधक, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी-सहकारिता, चाईबासा एवं चक्रधरपुर क्षेत्र की बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियों के अध्यक्ष एवं सचिव तथा जेएसएलपीएस के सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक के समापन अवसर पर सहकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं हरित जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी प्रतिभागियों के बीच पौधों का वितरण किया गया।
बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान करते हुए जिले में किसानों, ग्रामीणों एवं स्वयं सहायता समूहों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सभी विभाग एवं सहकारी संस्थाएं समन्वित रूप से कार्य करेंगी।