
पहलेजा से देकुली धाम तक कांवड़ यात्रा शुरू करने की पहल, क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल सकता है नया आयाम
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शिवहर श्रावण मास में बाबा भुवनेश्वरनाथ देकुली धाम के प्रति आस्था को नई पहचान देने के उद्देश्य से पहलेजा गंगा घाट से हाजीपुर,वैशाली, कांटी, सिवाईपट्टी, तरियानी, कुशहर होते हुए देकुली धाम तक पैदल कांवड़ यात्रा शुरू करने की पहल यदि यह यात्रा नियमित रूप से शुरू होती है, तो आने वाले समय में इसका लाभ धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर पूरे क्षेत्र को मिल सकता है।
प्रस्तावित कांवड़ यात्रा से बाबा भुवनेश्वरनाथ देकुली धाम की पहचान उत्तर बिहार के प्रमुख शिवधामों में और मजबूत हो सकती है। सावन के दौरान अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से मार्ग में पड़ने वाले बाजारों, छोटे दुकानदारों, होटल, भोजनालय, फल, फूल, पूजन सामग्री और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी कारोबार बढ़ने की संभावना है।
इसके साथ ही सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, विश्राम स्थल और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास को भी गति मिल सकती है। इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को भी बेहतर आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और श्रद्धालु मिलकर इस पहल को आगे बढ़ाते हैं, तो पहलेजा–वैशाली–कांटी–सिवाईपट्टी–तरियानी–कुशहर–देकुली धाम कांवड़ यात्रा आने वाले वर्षों में उत्तर बिहार की एक महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा के रूप में स्थापित हो सकती है।
हालांकि, इस पहल की सफलता के लिए सुव्यवस्थित योजना, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सभी संबंधित पक्षों के सहयोग की आवश्यकता होगी।