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*सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा* *प्रेस विज्ञप्ति संख्या:-811/2026* *शुक्रवार,03 जुलाई 2026* ================= झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष शबनम परवीन ने किया पश्चिमी सिंहभूम का भ्रमण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, शिकायतों के त्वरित निष्पादन एवं पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के दिए निर्देश ------------------------- झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष सह सदस्या श्रीमती शबनम परवीन ने दो दिवसीय पश्चिमी सिंहभूम जिला भ्रमण के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की तथा विभिन्न संस्थानों एवं जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) से संबंधित केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान परिसदन में जिला पंचायत राज पदाधिकारी सह प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। भ्रमण के प्रथम चरण में प्रभारी अध्यक्ष ने सदर अस्पताल स्थित कुपोषण उपचार केंद्र (NRC) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में भर्ती बच्चों एवं उनकी माताओं से उपचार एवं उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। बच्चों की माताओं द्वारा उपचार व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया गया। प्रभारी अध्यक्ष ने केंद्र में उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता में सुधार, भोजन संबंधी मेन्यू को प्रमुखता से प्रदर्शित करने तथा लाभुकों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। लाभुकों को राशि उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए केंद्र प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही राशि भुगतान में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं से आयोग को लिखित रूप से अवगत कराने को कहा, ताकि विभागीय स्तर पर आवश्यक पहल की जा सके। द्वितीय दिवस प्रभारी अध्यक्ष ने प्रखंड खूंटपानी अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, बदिया का निरीक्षण किया। विद्यालय में भोजन व्यवस्था, मेन्यू एवं अन्य सुविधाओं का जायजा लिया गया। छात्राओं से बातचीत के दौरान उन्होंने भोजन की गुणवत्ता एवं नियमित उपलब्धता पर संतोष व्यक्त किया। इसके उपरांत ग्राम उपर लोटा एवं ग्राम बारीपी में जन वितरण प्रणाली के लाभुकों से खाद्यान्न वितरण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की गई। निरीक्षण के दौरान लाभुकों ने कुछ स्थानों पर कम मात्रा में राशन वितरण की शिकायत की। इस संबंध में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा संबंधित जन वितरण प्रणाली विक्रेता के विरुद्ध पूर्व में निलंबन की कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई। प्रभारी अध्यक्ष ने जिला पंचायत राज पदाधिकारी सह प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि 15 दिनों के भीतर जांच पूर्ण करते हुए जिन लाभुकों को कम खाद्यान्न प्राप्त हुआ है, उन्हें नियमानुसार बकाया राशन मुआवजे सहित उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सभी पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा में पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कुछ वृद्ध लाभुकों द्वारा e-PoS मशीन में अंगूठे का निशान दर्ज नहीं हो पाने की समस्या भी सामने आई। इस पर प्रभारी अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर लाभुकों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। प्रभारी अध्यक्ष ने सदर प्रखंड अंतर्गत मॉडल आंगनबाड़ी प्री-नर्सरी स्कूल, किलीगोट का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बच्चों को निर्धारित मानक के अनुरूप प्रतिदिन अंडा उपलब्ध नहीं कराए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार नियमित रूप से पोषाहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। भ्रमण के उपरांत परिसदन भवन में आयोजित समीक्षात्मक बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के क्रियान्वयन, आयोग में लंबित शिकायतों, निरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायतों तथा झारखंड राज्य आकस्मिक खाद्यान्न कोष की समीक्षा की गई। बैठक में प्रभारी अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से वंचित ऐसे निर्धन एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को आकस्मिक परिस्थितियों में झारखंड राज्य आकस्मिक खाद्यान्न कोष के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पात्र लाभुकों का राशन कार्ड शीघ्र बनाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयोग में लंबित शिकायतों की प्रतियां संबंधित पदाधिकारियों को उपलब्ध कराते हुए 10 दिनों के भीतर कार्रवाई प्रतिवेदन आयोग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं निरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायतों का 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करते हुए इसकी सूचना आयोग को उपलब्ध कराने का निर्देश अपर उपायुक्त सह जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी को दिया। बैठक में अपर उपायुक्त सह जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी सह प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, संबंधित अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 6, 2026

*आरटीई के प्रभावी क्रियान्वयन, सुरक्षित एवं समावेशी विद्यालयी वातावरण पर जिला प्रशासन का विशेष जोर*

*निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन की हुई समीक्षा, बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव पर होगी सख्त कार्रवाई*

पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा का अधिकार अधिनियम(आरटीई) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिले के निजी विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशिक्षु आईएएस सुश्री ईरा जोरवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री प्रवीण कुमार सहित जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों के प्राचार्य एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर नामांकन की अद्यतन स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आरटीई के प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र बच्चों के नामांकन में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आरटीई के तहत नामांकित बच्चों सहित विद्यालय में अध्ययनरत किसी भी छात्र-छात्रा के साथ किसी प्रकार का भेदभाव, असमान व्यवहार अथवा उपेक्षा स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी बच्चों को समान अवसर, सम्मान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रत्येक विद्यालय की जिम्मेदारी है। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिया कि जिले के सभी निजी विद्यालयों में वाहन सुरक्षा एवं फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन सभी सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करें ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं संरक्षित वातावरण उपलब्ध हो सके।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय प्राचार्यों से अपील की कि वे केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों में सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता विकसित करने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में नियमित रूप से सड़क सुरक्षा, मलेरिया एवं डायरिया से बचाव, तंबाकू निषेध, स्वच्छता तथा स्वस्थ जीवनशैली जैसे विषयों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि बच्चे स्वयं जागरूक नागरिक बनने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक कर सकें।

बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सरकारी विद्यालयों की तर्ज पर निजी विद्यालयों में भी "प्रोजेक्ट परख" के अंतर्गत "बोलेगा सिंहभूम" तथा "आज क्या सीखे" कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में अभिव्यक्ति क्षमता, तार्किक सोच, संवाद कौशल एवं आत्मविश्वास का विकास होगा, जो उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से प्रत्येक निजी विद्यालय में प्रत्येक माह "खेल महोत्सव" आयोजित करने का भी निर्देश दिया। इसके साथ ही प्रत्येक माह की 20 तारीख को विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों का सामूहिक "जन्मोत्सव" आयोजित कर उन्हें सम्मानित करने एवं सकारात्मक विद्यालयी वातावरण विकसित करने पर बल दिया।

उपायुक्त ने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत सभी निजी विद्यालय प्रबंधन से अपील की कि वे "निक्षय मित्र" बनकर जिले के टीबी मरीजों को गोद लेने की दिशा में आगे आएं तथा उनके पोषण एवं उपचार सहयोग में सहभागिता निभाएं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम संस्थान की भागीदारी से ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जा सकेगा। बैठक में पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष महत्व देते हुए उपायुक्त ने सभी विद्यालयों को निर्देशित किया कि विद्यालय परिसर एवं उपलब्ध खाली स्थानों पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाए तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है।

बैठक के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री प्रिंस कुमार एवं जिला शिक्षा अधीक्षक श्री प्रवीण कुमार ने भी आरटीई के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति, सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा जिला प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न नवाचार कार्यक्रमों में निजी विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया।

बैठक के अंत में उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य सरकारी एवं निजी विद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सुरक्षा, सामाजिक संवेदनशीलता तथा समग्र व्यक्तित्व विकास को नई दिशा देना है। उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधन से अपेक्षा की कि वे प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए इन सभी निर्देशों का गंभीरतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करें, जिससे पश्चिमी सिंहभूम शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में एक आदर्श जिला बन सके।

*आरटीई के प्रभावी क्रियान्वयन, सुरक्षित एवं समावेशी विद्यालयी वातावरण पर जिला प्रशासन का विशेष जोर* *निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन की हुई समीक्षा, बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव पर होगी सख्त कार्रवाई* पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा का अधिकार अधिनियम(आरटीई) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिले के निजी विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशिक्षु आईएएस सुश्री ईरा जोरवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री प्रवीण कुमार सहित जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों के प्राचार्य एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर नामांकन की अद्यतन स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आरटीई के प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र बच्चों के नामांकन में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आरटीई के तहत नामांकित बच्चों सहित विद्यालय में अध्ययनरत किसी भी छात्र-छात्रा के साथ किसी प्रकार का भेदभाव, असमान व्यवहार अथवा उपेक्षा स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी बच्चों को समान अवसर, सम्मान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रत्येक विद्यालय की जिम्मेदारी है। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिया कि जिले के सभी निजी विद्यालयों में वाहन सुरक्षा एवं फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन सभी सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करें ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं संरक्षित वातावरण उपलब्ध हो सके। बैठक के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय प्राचार्यों से अपील की कि वे केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों में सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता विकसित करने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में नियमित रूप से सड़क सुरक्षा, मलेरिया एवं डायरिया से बचाव, तंबाकू निषेध, स्वच्छता तथा स्वस्थ जीवनशैली जैसे विषयों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि बच्चे स्वयं जागरूक नागरिक बनने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक कर सकें। बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सरकारी विद्यालयों की तर्ज पर निजी विद्यालयों में भी "प्रोजेक्ट परख" के अंतर्गत "बोलेगा सिंहभूम" तथा "आज क्या सीखे" कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में अभिव्यक्ति क्षमता, तार्किक सोच, संवाद कौशल एवं आत्मविश्वास का विकास होगा, जो उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से प्रत्येक निजी विद्यालय में प्रत्येक माह "खेल महोत्सव" आयोजित करने का भी निर्देश दिया। इसके साथ ही प्रत्येक माह की 20 तारीख को विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों का सामूहिक "जन्मोत्सव" आयोजित कर उन्हें सम्मानित करने एवं सकारात्मक विद्यालयी वातावरण विकसित करने पर बल दिया। उपायुक्त ने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत सभी निजी विद्यालय प्रबंधन से अपील की कि वे "निक्षय मित्र" बनकर जिले के टीबी मरीजों को गोद लेने की दिशा में आगे आएं तथा उनके पोषण एवं उपचार सहयोग में सहभागिता निभाएं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम संस्थान की भागीदारी से ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जा सकेगा। बैठक में पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष महत्व देते हुए उपायुक्त ने सभी विद्यालयों को निर्देशित किया कि विद्यालय परिसर एवं उपलब्ध खाली स्थानों पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाए तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है। बैठक के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री प्रिंस कुमार एवं जिला शिक्षा अधीक्षक श्री प्रवीण कुमार ने भी आरटीई के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति, सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा जिला प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न नवाचार कार्यक्रमों में निजी विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। बैठक के अंत में उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य सरकारी एवं निजी विद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सुरक्षा, सामाजिक संवेदनशीलता तथा समग्र व्यक्तित्व विकास को नई दिशा देना है। उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधन से अपेक्षा की कि वे प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए इन सभी निर्देशों का गंभीरतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करें, जिससे पश्चिमी सिंहभूम शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में एक आदर्श जिला बन सके।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 6, 2026

आमजनों को सहकारिता विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रति जागरूक करने के लिए डीसी ने रथ को हरि झंडी दिखाकर किया रवाना 

सहकारिता सप्ताह के अवसर पर आमजनों को सहकारिता विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आज जिला समाहरणालय परिसर से जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने सहकारिता सप्ताह जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह जागरूकता वाहन जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए जिला सहकारिता विभाग की योजनाओं सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की जानकारी आमजनों तक पहुंचाएगा

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, किसानों एवं ग्रामीणों को संगठित कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने आमजनों से सहकारिता सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा सहकारिता विभाग की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

आमजनों को सहकारिता विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रति जागरूक करने के लिए डीसी ने रथ को हरि झंडी दिखाकर किया रवाना सहकारिता सप्ताह के अवसर पर आमजनों को सहकारिता विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आज जिला समाहरणालय परिसर से जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने सहकारिता सप्ताह जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता वाहन जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए जिला सहकारिता विभाग की योजनाओं सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की जानकारी आमजनों तक पहुंचाएगा इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, किसानों एवं ग्रामीणों को संगठित कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने आमजनों से सहकारिता सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा सहकारिता विभाग की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 4, 2026

सड़क जाम हटने पर कारण महतो ने कहा

सड़क जाम हटने पर कारण महतो ने कहा

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jun 30, 2026