
अपनी आत्मा को खोजो : समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया
श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरु धारा हिमाचल के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर
आचार्य डॉ.मिश्रा ने बताया कि समर्थगुरु धाम, मुरथल, हरियाणा के संस्थापक समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी के सान्निध्य में स्पैशल शब्द योग और स्पैशल सम्मोहन प्रज्ञा के फीडबैक सेशन में आनंद से भरा एक दिव्य उत्सव मनाया गया।
110 से ज़्यादा प्रतिभागियों ने कृतज्ञता के साथ दिव्य कृपा का अनुभव किया।
ध्यान योग और उच्च कार्यक्रमों के ग्रेजुएट्स को समर्थगुरु धाम, मुरथल में 3 दिन के अजपा सिद्ध योग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाता है, ताकि वे 100 साल तक स्वस्थ, समृद्ध और आध्यात्मिक जीवन जी सकें।
शुक्रवार को दोपहर 2:15 बजे समर्थगुरु से मिलने का विशेष अवसर भी मिलता है।
26 जून से 28 जून 2026 को स्पैशल महाजीवन प्रज्ञा, स्पैशल ऊर्जा योग और अजपा सिद्ध योग कार्यक्रम हो रहा है।
आज ट्विटर के माध्यम से आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया जी ने विशेष बताया कि परमात्मा की मर्ज़ी अर्थात् परमात्मा का जो परम नियम है, उससे राजी होकर चलना तथाता है। आत्मभाव आत्मज्ञान के बाद ही होता है। सदगुरु शिल्पकार की भांति होता है। वह तराश-तराश कर तुम्हारे भीतर छुपी आत्मा, असली बुद्ध को बाहर लाता है। अपनी आत्मा को खोजो।