
क़िले के जीर्णोद्धार में गुणवत्ता का रखें विशेष ध्यान : डीसी अनुपमा अंजली
डीसी अनुपमा अंजली ने महेंद्रगढ़ के ऐतिहासिक किले के जीर्णोद्धार कार्य का किया निरीक्षण
महेंद्रगढ़। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने कहा कि जिला महेंद्रगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। यह बात डीसी ने आज महेंद्रगढ़ के किले के निरीक्षण के दौरान कही।
उपायुक्त ने कहा कि महेंद्रगढ़ का क़िला हमारी ऐतिहासिक धरोहर है जिसका जीर्णोद्धार का कार्य 4 फेज में पूरा होगा। उन्होंने कहा कि क़िले में ख़ाली पड़े भाग में स्टेज बनाने का प्रपोजल तैयार किया जाए ताकि यहा सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेलो का आयोजन किया जा सके। उन्होंने क़िले के आस पास कचरा डालने वालो के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने और क़िले की चारदीवारी के आसपास पड़े कचरे को साफ़ करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिला में महेंद्रगढ़ का किला, माधोगढ़ किला, जल महल, छत्ता राय बालमुकुंद दास जैसी कई ऐतिहासिक धरोहर हैं। इसके अलावा भी कई ऐतिहासिक धरोहर इस जिले में है। कई नेशनल तथा स्टेट हाईवे से कनेक्टिविटी होने के बाद अब यहां पर पर्यटन की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने एचएसआरडीसी के अधिकारियों को मरम्मत कार्य में गुणवत्ता लाने के निर्देश दिए।
एचएसआरडीसी के डीजी एम आदित्य देशवाल ने बताया कि किले की मरम्मत में दीवारों पर किए जा रहे प्लास्टर के लिए चूने का ही प्रयोग किया जा रहा है ताकि दीवारों को असली रूप दिया जा सके। उन्होंने बताया कि पहले चरण में क़रीब 8.5 करोड़ की लागत से क़िले के मुख्य द्वार व चारदीवारी का जीर्णोद्धार किया जाएगा। जिसके लिए 18 माह की अवधि निर्धारित है।
इसके बाद उपायुक्त ने सार्वजनिक शौचालय का निरीक्षण किया और महिलाओं से बात की। उपायुक्त ने नगर पालिका सचिव को शौचालयों की सफ़ाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने वहां पर निर्माणाधीन भवन के बारे में जानकारी ली तथा निर्देश दिए की भवन निर्माण में गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
इस मौके पर उनके साथ महेंद्रगढ़ के एसडीएम योगेश सैनी, नगर पालिका सचिव प्रशांत परासर भी मौजूद रहे।