
*पर्यावरण दिवस पर सीतामढ़ी जिले के विभिन्न पंचायतों में दिखा जनजागरण का रंग, वृक्षारोपण और जागरूकता कार्यक्रमों से गूंजा परिसर*
*सीतामढ़ी* : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिहार के सीतामढ़ी जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में पर्यावरण संरक्षण का संदेश गूंजा। जिला पंचायत राज पदाधिकारी के निर्देश के अनुसार विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। पीरामल फाउंडेशन के टीम के द्वारा भी विभिन्न पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित करने में सहयोग प्रदान करते हुए कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रमों में जल स्रोत, मिट्टी स्वास्थ्य, वायु गुणवत्ता, प्लास्टिक के दुरुपयोग और वृक्षारोपण जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
हर पंचायत में औसतन 150 ग्रामीण, किशोर-किशोरियां और स्वयंसेवी समूहों के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रमों की शुरुआत प्रभात फेरी, पोस्टर प्रस्तुति और पर्यावरण पर कविता पाठ से हुई। विजेताओं को पंचायत मुखिया द्वारा सम्मानित कर पुरस्कार दिए गए।
*मिसरौलिया पंचायत, डुमरा प्रखंड*
यहाँ मुख्यिया श्रीमती आरती कुमारी के नेतृत्व में पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से एक विस्तृत जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल स्रोतों की स्वच्छता, मिट्टी की उर्वरकता बनाए रखने, वायु प्रदूषण नियंत्रण और एकल-उपयोग प्लास्टिक के विकल्प अपनाने पर जोर दिया गया।
पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम लीड दुर्गा प्रसाद सिंह ने ग्रामीणों को बताया कि "पर्यावरण बचाना सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं, हर घर की जिम्मेदारी है। एक पेड़ लगाना मतलब आने वाली पीढ़ी को जीवन देना।" कार्यक्रम के अंत में 200 से अधिक पौधे लगाए गए। पोस्टर और कविता प्रतियोगिता में अव्वल रहे प्रतिभागियों को मुखिया आरती कुमारी ने पुरस्कृत किया।
*भिट्टा पंचायत, सुरसंड प्रखंड*
भिट्टा में युवाओं ने "प्लास्टिक मुक्त पंचायत" का संकल्प लिया। किशोरों द्वारा बनाए गए पोस्टरों में नदी-तालाब बचाने का संदेश प्रमुख रहा। पंचायत मुखिया ने सर्वश्रेष्ठ पोस्टर और कविता पाठ करने वाले 10 प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
*चंदौली पंचायत, बेलसंड प्रखंड*
चंदौली में पीरामल फाउंडेशन से रोहित कुमार के सहयोग से वायु गुणवत्ता और जैविक खेती पर विशेष सत्र चला। ग्रामीणों ने घर-घर जाकर प्लास्टिक कचरा संग्रह अभियान चलाया। कार्यक्रम में "धरती माँ" विषय पर कविता पाठ ने सभी को भावुक कर दिया। मुखिया ने विजेताओं को पौधे और प्रमाण पत्र भेंट किए।
*हरदिया पंचायत, पुपरी प्रखंड*
हरदिया में स्कूल के बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जल बचाने का संदेश दिया। "बूंद-बूंद से सागर" थीम पर आधारित नाटक को खूब सराहना मिली। मुखिया द्वारा वृक्षारोपण प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों को पुरस्कार दिए गए।
*मजौरगंज पंचायत, मजौरगंज प्रखंड*
मजौरगंज में महिला स्वयं सहायता समूहों ने आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उन्होंने मिट्टी परीक्षण और जैविक खाद के उपयोग पर डेमो दिया। पोस्टर प्रतियोगिता में "स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ जीवन" पर बने पोस्टर को प्रथम पुरस्कार मिला।
सभी पंचायतों में कार्यक्रम का समापन सामूहिक वृक्षारोपण और "पर्यावरण शपथ" के साथ हुआ। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे प्लास्टिक का कम उपयोग करेंगे, जल का संरक्षण करेंगे और हर साल कम से कम 5 पेड़ लगाएंगे।
पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार ने कहा कि पंचायत स्तर पर ऐसी पहल से ही धरती को बचाया जा सकता है। सभी पंचायत के मुखिया ने भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण को पंचायत की प्राथमिकता में रखा जाएगा।