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Sitamarhi District Administration

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जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय का जनता दरबार कार्यक्रम लाइव।
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जनसंख्या स्थिरीकरण समाज की साझा जिम्मेदारी, इसे जनआंदोलन बनाएं : डीएम
सीतामढ़ी, शुक्रवार। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 11 जुलाई से 31 जुलाई तक आयोजित जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के तहत शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति, सीतामढ़ी द्वारा परिवार नियोजन सेवाओं का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में जननी मोबियस फाउंडेशन की आकार योजना का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इस अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम एवं रैली में लगभग 200 एएनएम, जीएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ. आर.के. यादव एवं जिला संचारी रोग पदाधिकारी (एसीएमओ) डॉ. जेड. जावेद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बिहार की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) 2.7 है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इसे नियंत्रित करने के लिए परिवार नियोजन के प्रति व्यापक जनजागरूकता, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे प्रत्येक योग्य दंपति तक परिवार नियोजन संबंधी सही जानकारी एवं सेवाएं पहुंचाकर इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दें।
सिविल सर्जन डॉ. आर.के. यादव ने कहा कि स्वस्थ परिवार ही विकसित समाज की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी दोनों साधनों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पहला गर्भधारण 20 वर्ष की आयु के बाद तथा दो बच्चों के जन्म के बीच कम-से-कम तीन वर्ष का अंतर रखना मां और शिशु दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आने के साथ-साथ परिवार का सामाजिक एवं आर्थिक विकास भी सुनिश्चित होता है।
कार्यक्रम में पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम डायरेक्टर श्री परिमल झा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री असित रंजन, डीएम एंड ई श्री संतोष कुमार, डीपीसी श्री दिनेश कुमार, प्रतीक कुमार, बीसीएम श्री सुजीत कुमार, किशन कुमार, राहुल कुमार, जननी मोबियस फाउंडेशन के रीजनल मैनेजर श्री दीपक कुमार सिन्हा, जिला प्रबंधक श्री चंद्रमा प्रसाद, पीरामल फाउंडेशन से प्रोग्राम डायरेक्टर परिमल झा,  प्रभाकर कुमार,  दुर्गा प्रसाद, श्री रोहित कुमार, अकरम खान एवं श्री विक्रम कुमार, गांधी फेलो विक्रांत एवं रुचि, पीएसआई इंडिया से श्री विनय कुमार सहित जिला स्वास्थ्य समिति, जननी मोबियस फाउंडेशन एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में लगभग 200 एएनएम, जीएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से लोगों को छोटा परिवार–सुखी परिवार, सुरक्षित मातृत्व, जन्मांतराल, आधुनिक परिवार नियोजन साधनों तथा जिम्मेदार अभिभावकत्व के प्रति जागरूक किया गया। सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के दौरान अधिक से अधिक पात्र दंपतियों तक परिवार नियोजन संबंधी परामर्श एवं सेवाएं पहुंचाकर अभियान को सफल बनाया जाएगा।
सीतामढ़ी जिले के अनुमंडलीय अस्पताल बेलसंड में आज बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा रिमोट से डायलिसिस की सुविधा का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिले के सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी के साथ सांसद प्रतिनिधि ,प्रमुख और बेलसंड अनुमंडल के लोग मौजूद थे। नगर पंचायत बेलसंड के नगर अध्यक्ष रणधीर कुमार ने कहा कि अब किडनी से संबंधित लोगों को डायलिसिस के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।  सिविल सर्जन सीतामढ़ी डॉक्टर रविंद्र कुमार यादव ने कहा कि आज से अनुमंडलीय अस्पताल बेलसंड में  तीन लोगों की डायलिसिस एक साथ करने की सुविधा हो गई है और यहां एक दिन में  6 लोगों को डायलिसिस किया जा सकता है आगे जरूरत के हिसाब से इसे और बढ़ाया जाएगा। अभी बेलसंड अनुमंडल में डायलिसिस की सुविधा होने से तीन जिलों के लोग शिवहर सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर के लोग इससे लाभान्वित होंगे ।सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार सिंह और अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा भी डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करने पर अपनी खुशी प्रकट किया गया।
नवपदस्थापित उप विकास आयुक्त सुश्री श्वेता भारती, आईएस ने पदभार ग्रहण कर कार्यों की समीक्षा की, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
 
सीतामढ़ी जिले की नवपदस्थापित उप विकास आयुक्त (DDC) सुश्री श्वेता भारती, आईएएस ने आज पदभार ग्रहण करने के उपरांत समाहरणालय के विमर्श कक्ष में अपनी प्रथम बैठक आयोजित की। बैठक में उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मियों से परिचय प्राप्त करते हुए जिले में संचालित विकास योजनाओं एवं प्रशासनिक कार्यों की जानकारी ली।

बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का क्रियान्वयन प्राथमिकता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी विभाग बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

इसके उपरांत उप विकास आयुक्त ने जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ टीबी भारत अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) एवं कार्यक्रम पदाधिकारी (PO) भी उपस्थित रहे। उन्होंने अभियान की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति एवं जनजागरूकता गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

पदभार ग्रहण करने के प्रथम दिन ही उप विकास आयुक्त ने पुनौरा धाम मंदिर निर्माण परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। इस क्रम में उन्होंने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर आहलूवालिया कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों एवं निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा कहा कि परियोजना का कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूर्ण कराया जाए।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि जिले में संचालित सभी विकास योजनाओं एवं आधारभूत संरचना से संबंधित परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडे एवं पुलिस अधीक्षक श्री अमित रंजन द्वारा परिहर प्रखंड अंतर्गत लहुरिया पंचायत के मध्य विद्यालय में आयोजित सहयोग शिविर कार्यक्रम लाइव
बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज Suspected Ration Card, CMR, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), राशन कार्ड निर्गमन सहित खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
 समाहरणालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष से जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों के साथ बैठक में भाग लिया। समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं की प्रगति, लंबित मामलों के निष्पादन तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव के द्वारा  संदिग्ध राशन कार्डों के मामलों का नियमनुसार निष्पादन,पीडीएस से संबंधित रिक्तियों के विरुद्ध अगस्त माह में  चयनित को अनुज्ञप्ति निर्गत करने तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने हेतु निर्देश दिया गया। उन्होंने राशन कार्ड निर्गमन,CMR से संबंधित लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन के साथ विभागीय कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष बल दिया।
बैठक के उपरांत जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाए, कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा सरकार द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रत्येक स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र लाभुकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज Suspected Ration Card, CMR, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), राशन कार्ड निर्गमन सहित खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
 समाहरणालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष से जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों के साथ बैठक में भाग लिया। समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं की प्रगति, लंबित मामलों के निष्पादन तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव के द्वारा  संदिग्ध राशन कार्डों के मामलों का नियमनुसार निष्पादन,पीडीएस से संबंधित रिक्तियों के विरुद्ध अगस्त माह में  चयनित को अनुज्ञप्ति निर्गत करने तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने हेतु निर्देश दिया गया। उन्होंने राशन कार्ड निर्गमन,CMR से संबंधित लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन के साथ विभागीय कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष बल दिया।
बैठक के उपरांत जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाए, कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा सरकार द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रत्येक स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र लाभुकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का उद्घाटन कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय का संबोधन लाइव।
माननीय मुख्यमंत्री ने किया 'सरस्वती विद्या निकेतन' आदर्श विद्यालयों का वर्चुअल उद्घाटन

सीतामढ़ी जिले के 17 विद्यालयों को मिली नई पहचान, आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम

बिहार सरकार के 'सात निश्चय-3 (2025–30)' के अंतर्गत शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को बेगूसराय स्थित IOCL स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय भव्य समारोह से राज्य के 551 'सरस्वती विद्या निकेतन' (आदर्श विद्यालयों) का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर सीतामढ़ी जिले के 17 विद्यालयों का भी वर्चुअल उद्घाटन किया गया।
सीतामढ़ी जिले में इस अवसर पर एम.पी. हाई स्कूल में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के पदाधिकारियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने समारोह का सीधा प्रसारण देखा तथा इस ऐतिहासिक पहल के साक्षी बने।
इन आदर्श विद्यालयों में विद्यार्थियों को आधुनिक एवं तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सभी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन विद्यालयों का उद्देश्य कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों के समकक्ष गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा निःशुल्क उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को समान अवसर प्राप्त हो सके।

कार्यक्रम में उपस्थित माननीय सांसद, सीतामढ़ी श्री देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का आधार बनेगी। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इन विद्यालयों के माध्यम से जिले के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
वहीं जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने कहा कि 'सरस्वती विद्या निकेतन' की स्थापना राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इन विद्यालयों के माध्यम से जिले के विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से युक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे उनकी शैक्षणिक क्षमता, तकनीकी दक्षता तथा प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता की संभावनाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इन विद्यालयों के प्रभावी संचालन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं  शिक्षक गण उपस्थित थे।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना में सीतामढ़ी पूरे बिहार में प्रथम

सरकार द्वारा निर्धारित सभी गुणवत्ता मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन, 

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन का मिला पुरस्कार

आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के अंतर्गत बिहार सरकार द्वारा जारी जिला स्तरीय रैंकिंग में सीतामढ़ी जिला ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मालूम हो कि मई माह में  जिला का स्थान पांचवां था । जून की रैंकिंग में जिला को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।

यह रैंकिंग राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन एवं सेवा गुणवत्ता से संबंधित निर्धारित मानकों की विस्तृत समीक्षा के उपरांत जारी की गई है।

ज्ञातव्य है कि पंचायत स्तर पर संचालित स्वास्थ्य उपकेंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में उत्क्रमित किया गया है, जहां आम नागरिकों को उनके घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जिले की यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO), एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।
रैंकिंग निर्धारण के दौरान जिन प्रमुख मानकों की समीक्षा की गई, उनमें आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, सभी केंद्रों पर एएनएम एवं सीएचओ की नियमित पदस्थापना, ओपीडी संचालन, 14 प्रकार की जांचों की उपलब्धता, गैर-संचारी रोग (NCD) की स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन, योग सत्रों का आयोजन, टेलीमेडिसिन सेवा, जन आरोग्य समिति की नियमित बैठकें तथा सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सभी संचालन संबंधी मानकों का प्रभावी अनुपालन शामिल था।

सीतामढ़ी जिले ने इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, बेहतर प्रबंधन एवं आमजन को सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों को दर्शाती है।

जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि "सीतामढ़ी का राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करना जिले के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम की मेहनत, समर्पण एवं बेहतर समन्वय का परिणाम है।
आज जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के द्वितीय अपील की सुनवाई की गई। कुल 10 मामलों की सुनवाई की गई जिसमें 06 पर आदेश पारित किया गया ।
"सबका सम्मान-जीवन आसान" कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सुनीं जन समस्याएं।

बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ’’सात निश्चय-3’’ अंतर्गत सातवें निश्चय सबका सम्मान-जीवन आसान के तहत आज समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय ने आमजनों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी शिकायतें सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं  जहां परिवादों को सुना गया एवं उसके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम  उठाए गए।

जनसुनवाई के दौरान 162 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना,आई सी डी एस, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क, राशन कार्ड,अतिक्रमण, सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी परिवाद प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले की बारीकी से समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी श्री पांडेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं के निष्पादन में जिले के सभी पदाधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल  समाधान निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने कहा कि सेवा-संवाद-समाधान कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है। इससे न केवल समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया तेज हुई है, बल्कि प्रशासन के प्रति आम लोगों का भरोसा भी और अधिक मजबूत हुआ है।
जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय का जनता दरबार कार्यक्रम लाइव।
जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय द्वारा जिला लोक शिकायत निवारण की द्वितीय अपील की सुनवाई कार्यक्रम लाइव।
मुख्य सचिव ने पुनौरा धाम मंदिर निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण, गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर दिया विशेष जोर

बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत एवं पुलिस महानिदेशक श्री विनय कुमार ने गुरुवार को पुनौरा धाम मंदिर परिसर का भ्रमण कर निर्माणाधीन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत मंदिर परिसर स्थित सभाकक्ष में मंदिर निर्माण एवं परिसर के समग्र विकास कार्यों की प्रगति को लेकर विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पर्यटन विभाग के वरीय पदाधिकारी, जिलाधिकारी रिची पांडेय,एसपी अमित रंजन ,डीडीसी संदीप कुमार, संबंधित अभियंतागण तथा मंदिर निर्माण कार्य कर रही एजेंसी अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। एजेंसी द्वारा पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण (PPT) के माध्यम से निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति से मुख्य सचिव को अवगत कराया गया।
समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में उपलब्ध मानव संसाधन एवं मशीनरी की वर्तमान स्थिति, अस्थायी निर्माण कार्यों की प्रगति, निर्माण सामग्री एवं उपकरणों की उपलब्धता, आगामी तीन माह (1 सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026) के लक्ष्यों, सड़क नेटवर्क के विकास, सार्वजनिक संपर्क मार्गों की प्रगति सहित विभिन्न तकनीकी एवं आधारभूत पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिया कि मंदिर निर्माण एवं पुनौरा धाम परिसर के समग्र विकास से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना  सरकार की महत्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में शामिल है, इसलिए प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी करते हुए कार्यों में अपेक्षित गति बनाए रखना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को भी आपसी समन्वय के साथ सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
उल्लेखनीय है कि बिहार के मुख्य सचिव द्वारा पुनौरा धाम मंदिर निर्माण एवं समग्र विकास परियोजना की प्रगति की समय-समय पर समीक्षा की जाती रही है। इसी क्रम में आज की समीक्षा बैठक में उन्होंने कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन करते हुए निर्माण एजेंसी एवं संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधार एवं नियमित मॉनिटरिंग पर जोर, जिला पदाधिकारी ने विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों की विस्तृत समीक्षा की

जून माह में संस्थागत प्रसव के क्षेत्र में सीतामढ़ी का पूरे बिहार में 7वां स्थान

जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में परिचर्चा भवन, सीतामढ़ी में जिले के विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, राज्य सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति तथा विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति का मूल्यांकन करना था।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव, डीपीआरओ कमल सिंह, सीडीओ डॉ. जेड. जावेद, डीआईओ मुकेश कुमार, जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम असित रंजन, डीपीसी दिनेश कुमार, आरबीएसके जिला समन्वयक प्रतीक यादव, डीएम एंड ई संतोष कुमार, पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार, दुर्गा प्रसाद एवं बिकेश कुमार, पीएसआई (इंडिया) के विनय कुमार, वाधवानी एआई के राकेश कुमार सहित जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सभी प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं सभी प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान राज्य सरकार के निर्देशानुसार टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान टीबी रोगियों की समय पर पहचान, जांच, उपचार, उपचार की सफलता दर तथा निक्षय पोषण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि टीबी मुक्त सीतामढ़ी के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रत्येक स्तर पर सतत निगरानी एवं समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।
इसके अतिरिक्त 11 से 31 जुलाई तक चल रहे जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के अंतर्गत परिवार नियोजन सेवाओं की उपलब्धता, योग्य दंपत्तियों की काउंसलिंग एवं विभिन्न गर्भनिरोधक साधनों की पहुंच की समीक्षा की गई। साथ ही प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान तथा समय पर रेफरल की स्थिति का भी मूल्यांकन किया गया।
बैठक में संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, सी-सेक्शन सेवाएं, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, 102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता एवं रिस्पॉन्स टाइम, एक्यूट एन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) की तैयारियों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। विभिन्न प्रखंडों के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

जिला पदाधिकारी ने जिले की हालिया उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। जून माह में संस्थागत प्रसव के क्षेत्र में सीतामढ़ी ने पूरे बिहार में 7वां स्थान प्राप्त किया है, वहीं जन्म के समय लिंगानुपात (Sex Ratio at Birth) में जिला राज्य में दूसरे स्थान पर रहा है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को बनाए रखते हुए अन्य स्वास्थ्य सूचकांकों में भी निरंतर सुधार लाना सभी अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जिला पदाधिकारी ने कार्य में लगातार लापरवाही बरतने वाले बोखरा प्रखंड के बीएचएम के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीं बैरगनिया, बोखरा, रीगा, बाजपट्टी, परिहार, डुमरा एवं रुन्नीसैदपुर प्रखंडों में लगातार कम संस्थागत प्रसव होने पर संबंधित प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरकों (BCM) का वेतन स्थगित करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया।
इसके साथ ही जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव को निर्देश दिया कि जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए Jio Tag Location के माध्यम से उनकी उपस्थिति का सत्यापन कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित रूप से उपस्थित रहकर स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी निगरानी करें तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित करें।
अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक सप्ताह निर्धारित स्वास्थ्य सूचकांकों की समीक्षा करें तथा जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनिटरिंग, डेटा की गुणवत्ता एवं समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में निरंतर सुधार लाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से ही जिले को राज्य के अग्रणी जिलों में स्थापित किया जा सकता है।
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जिले में उद्योगों की स्थापना में बैंक निभाएं सक्रिय भूमिका, 

योजनाओं के लाभुकों को समय पर उपलब्ध कराएं ऋण :–जिलाधिकारी

बैठक से अनुपस्थित छह बैंकों से स्पष्टीकरण, खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों को चेतावनी

जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति को लेकर सभी बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन (PMFME), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सहित अन्य स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में बंधन बैंक, एक्सिस बैंक लिमिटेड, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, आईसीआईसीआई बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया एवं एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बैंकों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा अधिक से अधिक उद्योगों की स्थापना, स्वरोजगार के अवसरों का सृजन तथा स्थानीय उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसमें बैंकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि बैंक समय पर ऋण स्वीकृत नहीं करेंगे तो सरकार की योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होगा, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने LDM को निर्देश दिया कि सभी बैंकों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करें तथा प्रत्येक बैंक की प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित करें। जिन बैंकों का प्रदर्शन कमजोर है, उनके साथ विशेष बैठक कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन कराया जाए।

PMFME योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले का कुल भौतिक लक्ष्य 356 है, जिसके विरुद्ध 134 आवेदन विभिन्न बैंकों को भेजे गए हैं। इनमें अब तक 18 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं तथा 23 लाभुकों को मार्जिन मनी का वितरण किया जा चुका है। जबकि 114 आवेदन अभी भी विभिन्न बैंकों में लंबित हैं।
प्रदर्शन की समीक्षा में Indian Overseas Bank ने 66.67 प्रतिशत स्वीकृति दर के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। HDFC Bank ने 33.33 प्रतिशत तथा Central Bank of India ने 10.87 प्रतिशत स्वीकृति दर दर्ज की। वहीं State Bank of India, Bank of India एवं Axis Bank का प्रदर्शन असंतोषजनक पाया गया। अग्रसारित आवेदनों के बावजूद इन बैंकों द्वारा एक भी परियोजना स्वीकृत नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए लंबित मामलों का अविलंब निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि बैंक केवल वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि जिले के औद्योगिक विकास के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में बैंकों की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है। सभी बैंक पात्र आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन करें तथा अनावश्यक विलंब से बचें। भविष्य की समीक्षा बैठकों में खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत 4,918 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं, जिनमें से 1,314 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं तथा 1,141 लाभुकों को ऋण का वितरण (Disbursement) किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने इस योजना के लंबित मामलों का भी शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में बैंकिंग उप समाहर्ता आशुतोष श्रीवास्तव, डीपीआरओ कमल सिंह,उद्योग महाप्रबंधक प्रिया भारती, एलडीएम अनिल कुमार सिंह के साथ विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सीतामढ़ी को मिली उच्च शिक्षा की ऐतिहासिक सौगात, नौ प्रखंडों में एक साथ शुरू हुए राजकीय डिग्री कॉलेज

बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम सात निश्चय–03 के अंतर्गत उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश के नवस्थापित 211 राजकीय डिग्री कॉलेजों का एक साथ डिजिटल उद्घाटन कराया। भागलपुर के गोराडीह से माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने रिमोट के माध्यम से इन महाविद्यालयों का लोकार्पण किया, जिससे राज्य में उच्च शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत हुई।
इस क्रम में सीतामढ़ी जिले को भी बड़ी सौगात मिली। जिले के रुन्नीसैदपुर, सोनबरसा, बाजपट्टी, परसौनी, सुप्पी, चोरौत, नानपुर, बोखरा एवं मेजरगंज प्रखंडों में नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ हुआ। अब इन क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

रुन्नीसैदपुर प्रखंड के थुम्मा स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, जिलाधिकारी रिची पांडेय, स्थानीय विधायक पंकज मिश्रा सहित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। अन्य प्रखंडों में भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रिची पांडेय ने कहा कि एक साथ नौ राजकीय डिग्री कॉलेजों का प्रारंभ होना जिले के शैक्षणिक विकास की दिशा में मील का पत्थर है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने घर के निकट गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध होगी तथा विशेष रूप से छात्राओं को शिक्षा जारी रखने में बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इन महाविद्यालयों के सुचारु संचालन एवं आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
माननीय सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि यह सीतामढ़ी के लिए गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक उपलब्धि है। लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में डिग्री कॉलेजों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे राज्य सरकार ने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज के समग्र विकास का आधार है और इन महाविद्यालयों के शुरू होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को भी बेहतर उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा।

उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
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जून –2026 की राजस्व रैंकिंग में सीतामढ़ी का राज्य में प्रथम स्थान।

 ADM—राजस्व राज्य में तीसरे स्थान पर ,बेलसंड डीसीएलआर को  प्रथम स्थान,पुपरी डीसीएलआर को आठवां, सीतामढ़ी सदर को 12 वाँ स्थान ।

 बैरगनिया अंचल को भी राज्य में प्रथम स्थान,सोनबरसा को दूसरा स्थान

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार द्वारा जून— 2026 माह की राज्यस्तरीय रैंकिंग जारी की गई है, जिसमें राजस्व संबंधित कार्यों के निष्पादन में सीतामढ़ी जिला को उल्लेखनीय एवं अप्रत्याशित सफलता प्राप्त हुई है।
1. राजस्व कार्य निष्पादन में सीतामढ़ी जिला राज्य में प्रथम  स्थान पर
जारी जिलावार रैंकिंग में राजस्व संबंधी कार्यों के समग्र निष्पादन के आधार पर सीतामढ़ी जिला को पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जिले को कुल 61.40 अंक प्राप्त हुए हैं।
यह रैंकिंग राज्य के सभी जिलों में निम्नलिखित मानकों के आधार पर जारी की गई है –
सुपरविजन ऑफ म्यूटेशन
सुपरविजन ऑफ परिमार्जन प्लस
अभियान बसेरा–2
आधार सीडिंग स्टेटस
अपर समाहर्ता कोर्ट में निष्पादन
डीसीएलआर कोर्ट में निष्पादन
जिलाधिकारी न्यायालय में मामलों का निष्पादन
तथा अन्य निर्धारित राजस्व मानक।

निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रभावी कार्य निष्पादन एवं लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के कारण जिला को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है।

2.ADM POP रैंकिंग में अपर समाहर्ता (राजस्व) को राज्य में तीसरा स्थान
ADM POP रैंकिंग में सीतामढ़ी के अपर समाहर्ता (राजस्व)संजीव कुमार  को 58.88 अंक के साथ पूरे राज्य में तीसरा  स्थान प्राप्त हुआ है।
यह उपलब्धि सुपरविजन ऑफ म्यूटेशन, सुपरविजन ऑफ परिमार्जन प्लस, अंचल अधिकारी कार्यालयों का निरीक्षण, अभियान बसेरा–2, म्यूटेशन रिवीजन, जमाबंदी कलेक्शन तथा अन्य राजस्व कार्यों में अपेक्षित एवं प्रभावी प्रदर्शन के कारण संभव हो सकी है।

3– बेलसंड के भूमि सुधार उप समाहर्ता को राज्य में प्रथम स्थान ,पुपरी डीसीएलआर को आठवां, सीतामढ़ी सदर डीसीएलआर को पूरे राज्य  में 12 वाँ स्थान

जून 2026 की ही POP रैंकिंग में कुल 69.48 अंक प्राप्त कर भूमि सुधार उप समाहर्ता, बेलसंड को राजस्व कार्यों के निष्पादन में पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि अनुमंडल स्तर पर राजस्व प्रशासन की कार्यकुशलता एवं प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वही डीसीएलआर पुपरी को आठवां एवं सीतामढ़ी सदर डीसीएलआर को 12 वां स्थान मिला है।

वहीं बैरगनिया अंचल को राजस्व कार्यो के निष्पादन में पूरे राज्य में प्रथम स्थान जबकि सोनबरसा अंचल को दूसरा, सुप्पी को छठा,चुरौत को 8वां तथा परिहार को 12 वाँ स्थान प्राप्त हुआ है।

समाहर्ता सीतामढ़ी ,श्री रिची पांडेय  ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि
राजस्व प्रशासन आमजन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ विभाग है। पारदर्शिता, समयबद्धता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करना हमारी प्राथमिकता है। यह उपलब्धि राजस्व टीम, अपर समाहर्ता, डीसीएलआर, अंचल अधिकारियों एवं सभी संबंधित कर्मियों के समन्वित एवं सतत प्रयास का परिणाम है। आने वाले महीनों में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ कार्यों में और अधिक गति लाई जाएगी तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी है तथा भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने का आह्वान किया है।
9 प्रखंडों में खुलेगा उच्च शिक्षा का नया द्वार, अब घर के पास मिलेगी डिग्री की पढ़ाई

सात निश्चय–3 के तहत ग्रामीण विद्यार्थियों को बड़ी सौगात, 15 जुलाई को मुख्यमंत्री करेंगे नवस्थापित राजकीय महाविद्यालयों का वर्चुअल शुभारंभ
                                 बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय–3 (2025–30) के अंतर्गत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है। इसके तहत सीतामढ़ी जिले के नौ प्रखंडों में नवस्थापित राजकीय महाविद्यालयों का शुभारंभ किया जाएगा। इन महाविद्यालयों के शुरू होने से अब ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही प्रखंड में स्नातक (डिग्री) स्तर की पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
इसी क्रम में मंगलवार को समाहरणालय स्थित विमर्श कक्ष में जिलाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर 15 जुलाई को होने वाले वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त संदीप कुमार सहित शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी  एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
जिले के बाजपट्टी, बोखरा, चोरौत, मेजरगंज, नानपुर, परसौनी, रुन्नीसैदपुर, सोनबरसा एवं सुप्पी प्रखंडों में स्थापित इन राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक स्तर की पढ़ाई संचालित की जाएगी। इसके लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं शैक्षणिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
15 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन (वर्चुअल मोड) से इन सभी नवस्थापित राजकीय महाविद्यालयों का एक साथ शुभारंभ करेंगे।
बैठक में जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने कहा कि इन महाविद्यालयों के संचालन से जिले के हजारों विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। अब उन्हें स्नातक शिक्षा के लिए दूर-दराज़ के शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी, वहीं छात्राएं भी अपने घर के निकट सुरक्षित वातावरण में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।
उन्होंने कहा, "यह पहल केवल नए महाविद्यालयों की स्थापना भर नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे शिक्षा का दायरा प्रखंड स्तर से आगे गांवों तक मजबूत होगा तथा स्थानीय युवाओं को बेहतर भविष्य गढ़ने का अवसर मिलेगा।"
बिहार सरकार की यह पहल उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ, समावेशी एवं जनोन्मुख बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इससे सीतामढ़ी जिले में उच्च शिक्षा का नया अध्याय शुरू होगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा एवं रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारी
उप विकास आयुक्त संदीप कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र मणि त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) प्रियदर्शी सौरभ, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुजीत कुमार दास, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नीलम राज सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी  एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
जून –2026 की राजस्व रैंकिंग में सीतामढ़ी का राज्य में प्रथम स्थान।

 ADM—राजस्व राज्य में तीसरे स्थान पर ,बेलसंड डीसीएलआर को  प्रथम स्थान,पुपरी डीसीएलआर को आठवां, सीतामढ़ी सदर को 12 वाँ स्थान ।

 बैरगनिया अंचल को भी राज्य में प्रथम स्थान,सोनबरसा को दूसरा स्थान

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार द्वारा जून— 2026 माह की राज्यस्तरीय रैंकिंग जारी की गई है, जिसमें राजस्व संबंधित कार्यों के निष्पादन में सीतामढ़ी जिला को उल्लेखनीय एवं अप्रत्याशित सफलता प्राप्त हुई है।
1. राजस्व कार्य निष्पादन में सीतामढ़ी जिला राज्य में प्रथम  स्थान पर
जारी जिलावार रैंकिंग में राजस्व संबंधी कार्यों के समग्र निष्पादन के आधार पर सीतामढ़ी जिला को पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जिले को कुल 61.40 अंक प्राप्त हुए हैं।
यह रैंकिंग राज्य के सभी जिलों में निम्नलिखित मानकों के आधार पर जारी की गई है –
सुपरविजन ऑफ म्यूटेशन
सुपरविजन ऑफ परिमार्जन प्लस
अभियान बसेरा–2
आधार सीडिंग स्टेटस
अपर समाहर्ता कोर्ट में निष्पादन
डीसीएलआर कोर्ट में निष्पादन
जिलाधिकारी न्यायालय में मामलों का निष्पादन
तथा अन्य निर्धारित राजस्व मानक।

निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रभावी कार्य निष्पादन एवं लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के कारण जिला को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है।

2.ADM POP रैंकिंग में अपर समाहर्ता (राजस्व) को राज्य में तीसरा स्थान
ADM POP रैंकिंग में सीतामढ़ी के अपर समाहर्ता (राजस्व)संजीव कुमार  को 58.88 अंक के साथ पूरे राज्य में तीसरा  स्थान प्राप्त हुआ है।
यह उपलब्धि सुपरविजन ऑफ म्यूटेशन, सुपरविजन ऑफ परिमार्जन प्लस, अंचल अधिकारी कार्यालयों का निरीक्षण, अभियान बसेरा–2, म्यूटेशन रिवीजन, जमाबंदी कलेक्शन तथा अन्य राजस्व कार्यों में अपेक्षित एवं प्रभावी प्रदर्शन के कारण संभव हो सकी है।

3– बेलसंड के भूमि सुधार उप समाहर्ता को राज्य में प्रथम स्थान ,पुपरी डीसीएलआर को आठवां, सीतामढ़ी सदर डीसीएलआर को पूरे राज्य  में 12 वाँ स्थान

जून 2026 की ही POP रैंकिंग में कुल 69.48 अंक प्राप्त कर भूमि सुधार उप समाहर्ता, बेलसंड को राजस्व कार्यों के निष्पादन में पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि अनुमंडल स्तर पर राजस्व प्रशासन की कार्यकुशलता एवं प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वही डीसीएलआर पुपरी को आठवां एवं सीतामढ़ी सदर डीसीएलआर को 12 वां स्थान मिला है।

वहीं बैरगनिया अंचल को राजस्व कार्यो के निष्पादन में पूरे राज्य में प्रथम स्थान जबकि सोनबरसा अंचल को दूसरा, सुप्पी को छठा,चुरौत को 8वां तथा परिहार को 12 वाँ स्थान प्राप्त हुआ है।

समाहर्ता सीतामढ़ी ,श्री रिची पांडेय  ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि
राजस्व प्रशासन आमजन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ विभाग है। पारदर्शिता, समयबद्धता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करना हमारी प्राथमिकता है। यह उपलब्धि राजस्व टीम, अपर समाहर्ता, डीसीएलआर, अंचल अधिकारियों एवं सभी संबंधित कर्मियों के समन्वित एवं सतत प्रयास का परिणाम है। आने वाले महीनों में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ कार्यों में और अधिक गति लाई जाएगी तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी है तथा भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने का आह्वान किया है।