Public App Logo
Profile Picture

Sitamarhi District Administration

@DPROSitamarhi
951Followers
0Following
आज जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के द्वितीय अपील की सुनवाई की गई। कुल 10 मामलों की सुनवाई की गई जिसमें 04 पर आदेश पारित किया गया ।
"सबका सम्मान-जीवन आसान" कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सुनीं जन समस्याएं।

बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ’’सात निश्चय-3’’ अंतर्गत सातवें निश्चय सबका सम्मान-जीवन आसान के तहत आज समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय ने आमजनों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी शिकायतें सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं  जहां परिवादों को सुना गया एवं उसके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम  उठाए गए।

जनसुनवाई के दौरान 150 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना,आई सी डी एस, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क, राशन कार्ड,अतिक्रमण, सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी परिवाद प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले की बारीकी से समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी श्री पांडेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं के निष्पादन में जिले के सभी पदाधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल  समाधान निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने कहा कि सेवा-संवाद-समाधान कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है। इससे न केवल समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया तेज हुई है, बल्कि प्रशासन के प्रति आम लोगों का भरोसा भी और अधिक मजबूत हुआ है।
बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने ली ईमानदारी और भ्रष्टाचार उन्मूलन की शपथ

बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत शुक्रवार को समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने समाहरणालय के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को सतर्कता शपथ दिलाई।

शपथ के दौरान सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ करने, सभी कार्यों में विधि-सम्मत नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन करने तथा जनहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया। साथ ही भ्रष्टाचार के किसी भी स्वरूप का न समर्थन करने और न ही उसमें किसी प्रकार की भागीदारी निभाने की शपथ भी ली।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी प्रशासन सुशासन की आधारशिला है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं जवाबदेही के साथ करने तथा आमजन को बेहतर एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में समाहरणालय के सभी वरीय पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
डुमरा में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का उद्घाटन, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं आश्रितों को स्थानीय स्तर पर मिलेंगी सभी सुविधाएं

सीतामढ़ी, 03 जुलाई। जिले के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों को सैनिक कल्याण से संबंधित सेवाएं अब स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। इसी उद्देश्य से डुमरा स्थित जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का उद्घाटन जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय फीता काटकर द्वारा किया गया।

उद्घाटन समारोह में जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी विंग कमांडर यू. के. त्रिपाठी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आनंद कुमार, अपर समाहर्ता (सामान्य) श्री अमूल्य रतन सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां, उनके आश्रित एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने कहा कि जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के संचालन से जिले के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों को अब सैनिक कल्याण संबंधी कार्यों के लिए अन्य जिलों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अब एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा, जिससे समय एवं संसाधनों की बचत के साथ-साथ समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के प्रति पूर्णतः संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के सुचारु संचालन तथा भविष्य में इसके सुदृढ़ीकरण हेतु प्रशासन द्वारा हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी विंग कमांडर यू. के. त्रिपाठी ने उपस्थित अतिथियों एवं पूर्व सैनिकों का स्वागत करते हुए कहा कि यह कार्यालय सैनिक समुदाय, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों के हितों की रक्षा तथा उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुंचाने के लिए कार्यालय निरंतर कार्य करेगा।

समारोह में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के कर्मी टुनटुन साह सहित पूर्व वायु सैनिक नरेंद्र कुमार सिंह, अनिल कुमार, लक्ष्मी राय, रामेश्वर पूर्वे, शिवेंद्र मिश्रा, अरुण कुमार सिंह, एस. के. सिंह, विजय प्रसाद, अवध बिहारी प्रसाद, एस. के. पटेल, सुशील राय, अशोक चौधरी, एस. पी. मिश्रा तथा बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां एवं उनके आश्रित उपस्थित रहे।
जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय का जनता दरबार कार्यक्रम लाईव।
जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय द्वारा जिला लोक शिकायत निवारण की द्वितीय अपील की सुनवाई कार्यक्रम लाइव।
सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लाभुकों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त द्वारा रीगा प्रखंड की रीगा प्रथम पंचायत के विभिन्न वार्डों का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), एलएसबीए, मनरेगा एवं नल-जल योजना की विस्तृत जांच की गई। इस क्रम में उप विकास आयुक्त ने विभिन्न योजनाओं के लाभुकों से सीधे संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन, गुणवत्ता एवं प्राप्त लाभ के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

वार्ड संख्या-14 में नल-जल योजना के संबंध में ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने पर उप विकास आयुक्त ने संबंधित कनीय अभियंता (JE) से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया।

एलएसबीए के अंतर्गत साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि सफाईकर्मी नियमित रूप से कार्य पर नहीं आते हैं तथा कभी-कभी ही साफ-सफाई की जाती है। इस पर संबंधित बीसी (BC) से भी स्पष्टीकरण की मांग करने का निर्देश दिया गया।

उप विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को सभी योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान निदेशक, डीआरडीए, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा),APO श्री आलोक, प्रखंड विकास पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) सहित प्रखंड के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
सभी पंचायत स्तरीय पदाधिकारी/कर्मी निर्धारित कार्य दिवसों में अपने पंचायत भवन/पंचायत सरकार भवनों में नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे।
समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में आरटीपीएस, लोक शिकायत, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, सीपीग्राम, जिला जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार एवं सहयोग शिविर पोर्टल से संबंधित लंबित परिवादों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी प्रखंड एवं अंचल स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आरटीपीएस अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाएं समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाति, आय, आवासीय प्रमाण-पत्र, दाखिल-खारिज, पेंशन सहित अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरटीपीएस रैंकिंग में सुधार लाने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने बैठक से अनुपस्थित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश देते हुए कहा कि लोक शिकायत निवारण अधिनियम सुशासन का महत्वपूर्ण माध्यम है और प्रत्येक नागरिक को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को सभी शिकायतों के समयबद्ध निष्पादन एवं नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान डीएम ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत भवन में कार्यपालक सहायक, पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी, विकास मित्र सहित सभी पंचायत स्तरीय कर्मी नियमित रूप से उपस्थित रहें और पूरी निष्पक्षता एवं गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि पंचायत कार्यालय पूरी तरह क्रियाशील रहे। साथ ही पीएचईडी, पंचायत, मनरेगा, आईसीडीएस, जीविका एवं अन्य सरकारी योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित कर आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में लोक शिकायत, सीएम डैशबोर्ड, सीपीग्राम, जिला जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार एवं सहयोग शिविर पोर्टल पर लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित परिवादों के त्वरित निष्पादन का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि कार्य में शिथिलता या अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ए० एन० एम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने  का निर्देश।

तीन डॉक्टर का वेतन स्थगित करने का निर्देश।

सदर अस्पताल में रोगी कल्याण समिति की बैठक आयोजित, 

स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देश

जिलाधिकारी सीतामढ़ी रिची पांडे की अध्यक्षता में आज  सदर अस्पताल, सीतामढ़ी में रोगी कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सदर अस्पताल एवं जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान कार्य में अनुशासनहीनता एवं लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने संबंधित एएनएम रितु  कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने हेतु अस्पताल उपाधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। 

वहीं डॉ. निवेदिता, डॉ. रीता महतो तथा डॉ. अनुजा प्रीतम की अनधिकृत अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए उनका वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही इस संबंध में विभाग को प्रतिवेदित करने एवं नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।

बैठक में संस्थागत प्रसव के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा नियमित जांच एवं परामर्श के माध्यम से उच्च जोखिम वाले गर्भधारण की पहचान कर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने अल्ट्रासाउंड जांच की संख्या बढ़ाने तथा गर्भवती महिलाओं के प्रथम त्रैमास (प्रथम ट्राइमेस्टर) में ही आवश्यक अल्ट्रासाउंड जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि गर्भावस्था से संबंधित संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान एवं उपचार संभव हो सके।

बैठक में सीटी स्कैन सेवा की समीक्षा करते हुए संबंधित एजेंसी को निर्देशित किया गया कि मरीजों को समय पर जांच सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा सीटी स्कैन रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उपचार में अनावश्यक विलंब न हो।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति, आपातकालीन सेवाओं की सुदृढ़ता तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाओं का नियमित अनुश्रवण किया जाए, अस्पताल परिसर की स्वच्छता एवं साफ-सफाई बनाए रखी जाए तथा आवश्यक जांच एवं उपचार सेवाओं को निर्बाध रूप से संचालित किया जाए।
बैठक में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, टीकाकरण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा मरीजों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने पर भी बल दिया गया।

बैठक में सिविल सर्जन डॉक्टर आरके यादव सहित अन्य पदाधिकारी तथा गणमान्य मौजूद थे।
मेजरगंज प्रखंड के 04 खाद्य उर्वरक प्रतिष्ठान के लाइसेंस को रद्द किया गया।
आज दिनांक 01.07.2026 को सोनबरसा प्रखंड अन्तर्गत कृषि विभाग एवं सशस्त्र सीमा बल द्वारा संयुक्त रूप से छापामारी के दौरान सोनबरसा बॉर्डर पर तस्करी करने के आरोप में दो नेपाली नागरिकों को पकड़ा गया है। पकड़े गये नागरिकों का नाम नागेन्द्र प्रसाद सिंह एवं सुरेश प्रसाद सिंह है, जिसके पास 02 बोरी यूरिया एवं 06 बोरी डी०ए०पी० पाया गया है। पकड़े गये व्यक्ति पर सोनबरसा थाना में प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सोनबरसा द्वारा प्राथमिकी दर्ज करते हुए विधिसम्मत कार्रवाई किया जा रहा है।
जिलाधिकार श्री रिची पांडे द्वारा आज मेजरगंज प्रखंड अंतर्गत बहेरा पंचायत के विश्वंभरपुर नन्हकार स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय एवं मध्य विद्यालय का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन की व्यवस्था तथा उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कक्षा 12 के विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं तथा विद्यालय में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा एवं क्षमता निहित होती है। विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों की रुचि एवं नैसर्गिक प्रतिभा की पहचान कर उन्हें उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित एवं मार्गदर्शन प्रदान करें। उन्होंने विद्यार्थियों के नियमित काउंसलिंग सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि वे अपने करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च शिक्षा के संबंध में उचित निर्णय ले सकें।
उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करते हुए कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाए तथा उनकी सीखने की क्षमता में सुधार हेतु अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में नियमित रूप से करियर गाइडेंस एवं मोटिवेशनल सत्र आयोजित किए जाएं, जिससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता विकसित हो सके।
जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों के साथ नियमित संवाद स्थापित किया जाए। साथ ही विद्यालय परिसर की स्वच्छता, पेयजल, शौचालय एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ एवं क्रियाशील बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल परीक्षा परिणाम का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य निर्माण का आधार है। इसलिए शिक्षकों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करना चाहिए।
जिलाधिकारी सीतामढ़ी श्री रिची पांडे द्वारा आज मेजरगंज प्रखंड अंतर्गत बहेरा पंचायत के वार्ड संख्या-10 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने केंद्र पर उपलब्ध बच्चों एवं लाभार्थियों से संबंधित अभिलेखों, पोषण सेवाओं, पूरक पोषाहार वितरण, बच्चों की उपस्थिति तथा पोषण ट्रैकर ऐप पर की जा रही प्रविष्टियों की समीक्षा की। जांच के दौरान यह पाया गया कि पोषण ट्रैकर पर बच्चों की विवरणी से संबंधित आंकड़ों की गलत प्रविष्टि की गई थी। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित सीडीपीओ को कड़ी फटकार लगाते हुए पोषण ट्रैकर पर सभी लाभार्थियों एवं बच्चों की विवरणी का सत्यापन कर सही एवं अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर संचालित सभी सेवाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएं तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर पर दर्ज आंकड़े सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं नीति निर्माण का महत्वपूर्ण आधार होते हैं, इसलिए डेटा की शुद्धता एवं अद्यतनता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र पर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका विशेष अनुश्रवण किया जाए। साथ ही गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को समय पर पोषण परामर्श एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि पूरक पोषाहार का वितरण पारदर्शी एवं नियमित रूप से किया जाए तथा केंद्र पर उपलब्ध वजन मशीन, ऊंचाई माप उपकरण एवं अन्य संसाधनों का उपयोग करते हुए बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी की जाए।

उन्होंने केंद्र परिसर की स्वच्छता, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था को संतोषजनक बनाए रखने तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा उपलब्ध कराने एवं अभिभावकों को बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने पर बल दिया।

निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी रिची पांडे ने आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित गोद भराई कार्यक्रम में भी सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया तथा स्वस्थ मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए संचालित सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया।
मेजरगंज प्रखंड की बहेरा पंचायत में आयोजित हुआ 'जनता का दरबार', जिलाधिकारी ने सुनीं आमजनों की समस्याएं

मेजरगंज प्रखंड अंतर्गत बहेरा पंचायत के मध्य विद्यालय, माधोपुर परिसर में जिलाधिकारी रिची पांडे की अध्यक्षता में 'जनता का दरबार' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों का स्थानीय स्तर पर त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना तथा प्रशासन एवं जनता के बीच संवाद को और अधिक सशक्त बनाना था।
जनता का दरबार सत्र के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में ग्रामीणों द्वारा यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया कि पंचायत भवन में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति नियमित एवं संतोषजनक नहीं रहती है, जिसके कारण आम लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए प्रखंड एवं जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देशित किया कि पंचायत  भवन में प्रतिनियुक्त सभी विभागीय कर्मियों एवं पदाधिकारियों की नियमित उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर ही अधिकतम सेवाओं की उपलब्धता सरकार की प्राथमिकता है तथा इस संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
जनता दरबार में खनन  साथ ही अतिक्रमण एवं अवैध गतिविधियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करने का भी निर्देश दिया।
कार्यक्रम के दौरान लोगों द्वारा सरकारी योजनाओं के लाभ, राजस्व मामलों, प्रमाण-पत्र निर्गत करने, पेयजल, सड़क एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित विषय भी उठाए गए, जिनके निष्पादन हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सफलता का वास्तविक मापदंड आम जनता की संतुष्टि एवं उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान में निहित है।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, बल्कि प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का निराकरण करे। जनता का दरबार इसी सोच को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी द्वारा फाइलेरिया के मरीजों के बीच फैलारिया किट का वितरण  किया गया। साथ ही  टीवी के मरीजों के बीच  न्यूट्रीशन सपोर्ट किट का वितरण किया गया।

इस अवसर पर जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
मेजरगंज में निर्माणाधीन विद्युत ग्रीड स्टेशन का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

जिलाधिकारी श्री रिची पांडे द्वारा आज  मेजरगंज प्रखंड में बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के द्वारा निर्माणाधीन नए विद्युत ग्रीड स्टेशन का स्थल निरीक्षण किया गया तथा निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
मालूम हो कि लगभग 162.73 करोड़ रुपये की लागत से 132/33 केवी क्षमता के इस ग्रीड स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रीड स्टेशन के निर्माण के उपरांत मेजरगंज, रीगा, सुप्पी, सोनबरसा एवं बथनाहा प्रखंड के विद्युत उपभोक्ताओं को इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा तथा इन क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
प्रस्तावित ग्रीड स्टेशन की क्षमता 2×80 मेगावाट निर्धारित की गई है तथा इसके माध्यम से लगभग 1,33,417 विद्युत उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा बढ़ती विद्युत मांग की पूर्ति में भी सहायता मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जिले के विद्युत अधोसंरचना विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसके पूरा होने से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी द्वारा मध्य विद्यालय माधोपुर मेजरगंज में जनता दरबार कार्यक्रम का आयोजन लाइव
पंचायत सचिवों का स्थानांतरण
ग्रामीण विकास अभिकरण के अंतर्गत आवास सहायक एवं कार्यपालक सहायको का स्थानांतरण।
जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में आज परिचर्चा भवन में आईसीडीएस के कार्यों की समीक्षात्मक बैठक की गई। 

बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि हेतु कड़े निर्देश दिए गए।
बैठक में पोषक क्षेत्र में आने वाले इच्छुक सभी लाभुकों  को नियमानुसार लाभ देने हेतु सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया। बैठक में सभी सीडीपीओ को निर्देशित किया गया कि आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए शीघ्र भूमि चिन्हित करने की दिशा में अग्रेत्तर कार्रवाई करें।

समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा केंद्रों पर बच्चों एवं गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रयास किए जाएं।
उन्होंने निर्देश दिया कि पूरक पोषाहार का वितरण निर्धारित मानकों एवं समय-सीमा के अनुरूप किया जाए तथा इसकी नियमित निगरानी की जाए। बच्चों के वजन एवं लंबाई का मापन समय पर कर कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान करते हुए उन्हें आवश्यक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं से आच्छादित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, एनीमिया नियंत्रण एवं संतुलित पोषण के संबंध में नियमित रूप से जागरूक किया जाए। 
उन्होंने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-स्कूल शिक्षा गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल एवं शिक्षण सामग्री का समुचित उपयोग किया जाए।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर दूर कराया जाए। कार्यों में लापरवाही अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल से संबंधित कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में डीपीओ आईसीडीएस, सभी सीडीपीओ,एलएस  उपस्थिति थी।
बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत “उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य” संकल्प को धरातल पर उतारने के मद्देनजर जिले के 09 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज का संचालन किया जाना है।   जिलाधिकारी रिची पांडेय लगातार पूरी तैयारी पर नजर रखे हुए हैं।

आज जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में डिग्री कॉलेज संचालन की तैयारियों की समीक्षा की गई।बैठक में नामित प्राचार्यों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए। जिले के बाजपट्टी,
बोखरा, चोरौत, मेजरगंज, नानपुर, परसौनी, रुन्नीसैदपुर, सोनवर्षा और सुप्पी प्रखंडों में फिलहाल चिह्नित सरकारी भवनों में डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू किया जाएगा। जिलाधिकारी ने भवन प्रमंडल को निर्देश दिया कि शीघ्र अपना कार्य पूर्ण करें। साथ ही सभी चिन्हित स्थलों पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से चौकीदार की 
प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया  गया।जिलाधिकारी ने कहा कि कॉलेजों के शुरू होने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के युवाओं को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा उपलब्ध होगी। इससे उच्च शिक्षा में नामांकन दर बढ़ेगी तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

बैठक में शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के साथ सभी तकनीकी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
कार्यहित एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से सहायक प्रशासी पदाधिकारी, प्रधान लिपिक, उच्च वर्गीय लिपिक, निम्न वर्गीय लिपिक एवं संविदा लिपिक तथा सूचना एवं प्रौद्योगिकी सहायक एवं कार्यपालक सहायक का स्थानांतरण किया गया।
जिले की सभी ग्राम पंचायतों में उत्साहपूर्वक मनाया गया "पंचायत विकास दिवस"।

डुमरा प्रखंड  के मिश्रौलीया पंचायत के कार्यक्रम में विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग एवं मेथौरा पंचायत सरकार भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए जिलाधिकारी रिची पांडेय।

जिले के वरीय अधिकारियों  ने पंचायतों में आयोजित "पंचायत विकास दिवस" कार्यक्रम में लिया भाग

 सरकार के निर्देश के आलोक में प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को आयोजित होने वाले "पंचायत विकास दिवस" के अंतर्गत आज दिनांक 28 जून 2026 को सीतामढ़ी जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पूर्वाह्न 10:00 बजे से अपराह्न 12:00 बजे तक विभिन्न कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।  

इस क्रम में डुमरा प्रखंड  के मिश्रौलीया पंचायत के कार्यक्रम में विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग पवन कुमार सिन्हा एवं मेथौरा पंचायत सरकार भवन में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी रिची पांडेय ने अपनी उपस्थिति सुनिश्चित की।

 कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्राम सभा के सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों, जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही। 

इस क्रम में जिले के तमाम वरीय अधिकारियों ने भी पंचायत में आयोजित पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। 

अपने संबोधन में जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने कहा कि आज "पंचायत विकास दिवस" के अवसर पर आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। पंचायतें हमारे लोकतंत्र की आधारशिला हैं। गांवों के विकास से ही राज्य एवं राष्ट्र का समग्र विकास संभव है। बिहार सरकार द्वारा प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस आयोजित करने का उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा, जनभागीदारी को बढ़ावा देना तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाया गया है। वार्ड स्तरीय निगरानी समितियों एवं स्थायी समितियों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सामाजिक न्याय एवं आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी संचालन एवं निगरानी की जा रही है। आज की थीम "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" है। हमारा विश्वास है कि महिलाओं के सशक्तिकरण से ही परिवार, समाज और पंचायत सशक्त होंगे। स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देना, महिला उद्यमिता, कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) तथा ई-ग्राम स्वराज जैसे डिजिटल माध्यम पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सुशासन को मजबूत कर रहे हैं। सीतामढ़ी जिले में जल संरक्षण, स्वच्छता,  मत्स्य आधारित आजीविका, डिजिटल पंचायत तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। आइए, पंचायत विकास दिवस के अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि  जनभागीदारी के माध्यम से सीतामढ़ी जिले की प्रत्येक पंचायत को स्वच्छ, स्वस्थ, आत्मनिर्भर, डिजिटल एवं महिला सशक्त पंचायत बनाएंगे।

 इस अवसर पर देश के माननीय प्रधानमंत्री के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" का सामूहिक प्रसारण भी किया गया, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक जुड़े और प्रधानमंत्री के विचारों को सुना। पंचायत विकास दिवस के अंतर्गत स्थानीयकृत सतत विकास के नौ प्रमुख लक्ष्य—गरीब मुक्त एवं आजीविका उन्नत पंचायत, स्वस्थ पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, जल पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी ढाँचा युक्त पंचायत, सामाजिक न्याय एवं सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत, सुशासन युक्त पंचायत तथा महिला हितैषी पंचायत—पर विशेष चर्चा की गई। आज के पंचायत विकास दिवस की थीम "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" रही, जिसके अंतर्गत महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, सहभागिता एवं नेतृत्व को बढ़ावा देने संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
पंचायत विकास दिवस पर कार्यक्रम लाइव।
स्थल :- मेथौरा पंचयात सरकार भवन।
Video 24
Sitamarhi District Administration (@DPROSitamarhi) | Public App