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Sitamarhi District Administration

@DPROSitamarhi
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"सबका सम्मान-जीवन आसान" कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सुनीं जन समस्याएं।

बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ’’सात निश्चय-3’’ अंतर्गत सातवें निश्चय सबका सम्मान-जीवन आसान के तहत आज समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय ने आमजनों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी शिकायतें सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं  जहां परिवादों को सुना गया एवं उसके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम  उठाए गए।

जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना,आई सी डी एस, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क, राशन कार्ड,अतिक्रमण, सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी परिवाद प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले की बारीकी से समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी श्री पांडेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं के निष्पादन में जिले के सभी पदाधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत काजिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल  समाधान निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने कहा कि सेवा-संवाद-समाधान कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है। इससे न केवल समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया तेज हुई है, बल्कि प्रशासन के प्रति आम लोगों का भरोसा भी और अधिक मजबूत हुआ है।
आज जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के द्वितीय अपील की सुनवाई की गई। कुल 08 मामलों की सुनवाई की गई जिसमें 02 पर आदेश पारित किया गया।
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर सीतामढ़ी जिले में बाल श्रम उन्मूलन एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास निगम, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में शपथ एवं जागरूकता कार्यक्रम 

समाहरणालय स्थित विमर्श कक्ष में जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय के नेतृत्व में बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों ने शपथ लेते हुए संकल्प व्यक्त किया कि वे किसी भी रूप में बाल श्रम का समर्थन नहीं करेंगे और न ही उसे बढ़ावा देंगे। साथ ही यह भी प्रतिज्ञा की गई कि 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से श्रम कार्य नहीं कराया जाएगा तथा समाज में बाल श्रम उन्मूलन के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रतिभागियों ने अपने राज्य एवं जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने हेतु पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।

(जागरूकता रथ को दिखाई गई हरी झंडी) 

बाल श्रम के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से समाहरणालय परिसर से जिला पदाधिकारी द्वारा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस रथ के द्वारा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जाकर बाल श्रम निषेध संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

इस मौके पर जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं और उनका बचपन शिक्षा, सुरक्षा एवं समुचित विकास के लिए समर्पित होना चाहिए, न कि श्रम कार्यों में व्यतीत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाल श्रम न केवल बच्चों के अधिकारों का हनन है, बल्कि समाज के समग्र विकास में भी बाधक है। जिला प्रशासन बाल श्रम उन्मूलन के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा संबंधित विभागों के समन्वय से लगातार जागरूकता एवं प्रवर्तन की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों, अभिभावकों, नियोजकों एवं सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे बाल श्रम के विरुद्ध अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा किसी भी बच्चे को श्रम कार्य में संलग्न पाए जाने पर इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।
तस्करी के लिए रखा गया 70 बोरी यूरिया उर्वरक जब्त, अज्ञात तस्करों पर प्राथमिकी की अनुशंसा

जिले के कन्हौली थाना क्षेत्र में तस्करी के उद्देश्य से रखे गए 70 बोरी यूरिया उर्वरक को जब्त किया गया है। इस संबंध में कृषि समन्वयक-सह-उर्वरक निरीक्षक, सोनबरसा द्वारा कन्हौली थाना में अज्ञात उर्वरक तस्करों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने हेतु आवेदन दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर कन्हौली इंडो-नेपाल सड़क से कन्हौली गांव की ओर जाने वाली सड़क पर लगभग 100 मीटर की दूरी पर सड़क के पूर्वी किनारे काले तिरपाल से ढंका हुआ यूरिया उर्वरक बरामद किया गया। जांच के दौरान मौके से कुल 70 बोरी यूरिया उर्वरक जब्त किया गया।
जब्त उर्वरक को मे० भवानी ट्रेडर्स, कन्हौली के जिम्मेनामे पर सौंप दिया गया है। उर्वरक निरीक्षक संजय कुमार सिंह द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि बरामद उर्वरक को तस्करी के उद्देश्य से रखा गया था। उन्होंने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की सुसंगत धाराओं के तहत अज्ञात तस्करों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
*विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर ..कर्पूरी ठाकुर ग्रामीण विकास संस्थान ने पुलिस व प्रशासन के सहयोग से  लगभग दर्ज़नो बच्चों को कराया बाल मजदूरी से मुक्त*

जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे संगठन . *कर्पूरी ठाकुर ग्रामीण विकास संस्थान* ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के मौके पर पुलिस व प्रशासन के सहयोग से ..दर्ज़नो बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया।

 यह कार्रवाई राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और एजेंसियों की ओर से जून को बाल मजदूरी के खिलाफ कार्रवाई माह या ‘एक्शन मंथ’ के रूप में मनाने के बाबत जारी अधिसूचना व निर्देशों के तहत की गई। इन निर्देशों में बाल मजदूरी की शिकायत वाले इलाकों में छानबीन करने व बच्चों को मुक्त कराने के लिए साझा अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। *कर्पूरी ठाकुर ग्रामीण विकास संस्थान* ने जिले में बाल मजदूरी के खिलाफ जनजागरूकता अभियान भी चलाए जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के अफसरों, सामुदायिक नेताओं और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। .*कर्पूरी ठाकुर ग्रामीण विकास संस्थान* बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है।   

जून महीने को बाल श्रम के खिलाफ ‘एक्शन मंथ’ के तौर पर मनाया जाता है और चूंकि बाल दुर्व्यापार यानी बच्चों की ट्रैफिकिंग बाल मजदूरी का मुख्य कारण है, इसलिए नागरिक समाज संगठन इस दौरान पुलिस व प्रशासन के साथ मिलकर दुर्व्यापारियों और उनके गठजोड़ की शिनाख्त के लिए कड़ी नजर रखते हैं। 
इस मौके पर कानून लागू करने वाली एजेंसियों और जिला प्रशासन को हरसंभव सहयोग का वादा करते हुए .*.कर्पूरी ठाकुर ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक सुबोध कुमार सुमन* ने कहा, “शोषण व मजदूरी से मुक्त कराए गए हर बच्चे के शिक्षा के अधिकार, सुरक्षा व गरिमा की आज एक बार फिर बहाली हुई है। बाल श्रम बच्चों को उनके बचपन और मूल अधिकारों से महरूम कर देता है, लिहाजा इस समस्या से तत्काल निपटने की जरूरत है। बच्चों की जगह ढाबों और फैक्ट्रियों में नहीं बल्कि स्कूल में है। चूंकि ट्रैफिकिंग और बाल मजदूरी आपसे में गहरे तक जुड़े हैं, हम ट्रैफिकिंग की रोकथाम, बच्चों को मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन प्रशासन व कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ करीबी समन्वय के साथ काम करते रहेंगे। साथ ही, हम सुनिश्चित करेंगे कि हर बच्चे की देखभाल हो, समुचित पुनर्वास हो और उसे वो सभी सुविधाएं मिलें जिसका वह हकदार है।”   
इस नेटवर्क की सबसे बड़ी ताकत इसका साझा निगरानी तंत्र और आपसी सहयोग है। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के देश भर में फैले सहयोगी संगठन एक दूसरे की आंख-कान का काम करते हैं और आपस में सूचनाएं साझा करने के साथ ट्रैफिकिंग के मामलों की निगरानी करते हैं। नेटवर्क के खुफिया सूचना-साझाकरण तंत्र ने देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रैफिकिंग के शिकार बच्चों की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन्हें मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नतीजे में अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच 1.45 लाख से अधिक बच्चों को ट्रैफिकिंग से मुक्त कराया गया। इनमें अधिकांश मामले ऐसे थे, जिनमें बच्चों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें बाल श्रम करने के लिए मजबूर किया गया था।
लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में सीतामढ़ी जिला प्रदेश में 12वें स्थान पर।

बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में सीतामढ़ी जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए माह मई–2026 में राज्य स्तर पर 12 वाँ स्थान प्राप्त किया है। निर्धारित मापदंडों एवं कार्य निष्पादन के आधार पर जारी इस रैंकिंग में जिले को कुल 85.72अंक प्राप्त हुए हैं।
  जिला ने 01 अप्रैल 2022 से समीक्षित माह तक नियत समय-सीमा के भीतर परिवादों के निष्पादन में जिले ने 93.45 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज करते हुए 10 में  9.35 अंक हासिल किए।

समीक्षित माह में नियत समय सीमा में निवारित मामलों में सीतामढ़ी द्वारा 100 प्रतिशत का लक्ष्य पूरा कर 30 में 30 अंक अर्जित किया गया ।
लोक प्राधिकारियों की उपस्थिति 100 प्रतिशत रही, जो जिले की कार्य संस्कृति और अनुशासन को दर्शाती है।

इसके अतिरिक्त द्वितीय अपील के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन, दंड अधिरोपित राशि की वसूली, तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं बैठक विवरण के समय पर अपलोड करने के मामलों में भी जिले का प्रदर्शन सराहनीय रहा।

वहीं जिला  लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने बताया कि जनवरी माह में जिले की रैंकिंग 13 वीं थी, जो सुधारात्मक छलांग लगाते हुए 12 वीं पायदान पर पहुँच गई है। इसे जिले की उल्लेखनीय प्रगति और सतत सुधार का परिणाम माना जा सकता है।

जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने जिले की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम आम नागरिकों को त्वरित एवं प्रभावी न्याय दिलाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी जिले की यह उपलब्धि सभी लोक शिकायत निवारण पदाधिकारियों, लोक प्राधिकारियों एवं संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि आम नागरिकों की शिकायतों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए।
जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय द्वारा जिला लोक शिकायत निवारण की द्वितीय अपील की सुनवाई कार्यक्रम लाइव।
जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय का जनता दरबार कार्यक्रम लाइव।
सीतामढ़ी ने रचा कीर्तिमान, टीबी मुक्त भारत अभियान में बिहार में प्रथम स्थान

-राज्यपाल और स्वास्थ्य मंत्री ने किया जिले की टीम को सम्मानित

-76 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर बना राज्य का अग्रणी जिला

-जनभागीदारी और प्रभावी रणनीति से मिली बड़ी सफलता

सीतामढ़ी। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सीतामढ़ी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित राज्य स्तरीय ‘टीबी मुक्त बिहार सम्मेलन’ में सीतामढ़ी की स्वास्थ्य टीम को सम्मानित किया गया।
बुधवार को आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन बिहार के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों की सामूहिक भागीदारी से सफल होने वाला जनआंदोलन है। उन्होंने टीबी के खिलाफ जागरूकता, समय पर जांच और उपचार को अभियान की सफलता का आधार बताया।
सम्मेलन में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि सुदृढ़ जांच व्यवस्था, बेहतर उपचार सुविधाओं तथा जनसहभागिता के बल पर बिहार तेजी से टीबी मुक्त राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण और परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के कई जिलों ने उत्कृष्ट कार्य किया है, जिनमें सीतामढ़ी का प्रदर्शन सबसे प्रेरणादायक रहा है।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. जेड. जावेद तथा जिले की पूरी टीबी उन्मूलन टीम को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान जिले द्वारा टीबी नियंत्रण एवं उन्मूलन के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों की पहचान है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी के निर्देशन में व्यापक जनजागरूकता, सक्रिय खोज अभियान, समयबद्ध उपचार एवं सामुदायिक सहयोग के माध्यम से जिले की कुल 76 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था। इसी उपलब्धि के आधार पर सीतामढ़ी ने पूरे बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य में एक नया मानदंड स्थापित किया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जिले की यह उपलब्धि भविष्य में टीबी मुक्त समाज के निर्माण के लिए अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
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17 एवं 18 जून 2026 को प्रखंड सहयोग–सह–जन कल्याण शिविर का आयोजन सीतामढ़ी जिला के सभी 17 प्रखंडों में किया जाएगा। उक्त शिविर में केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं यथा:– आयुष्मान भारत, आयुष्मान वय वंदना कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना,पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ,लखपति दीदी, पीएम स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान  सम्मान निधि, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान, छात्रवृत्ति योजनाएं, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री  दिव्यांग कल्याण योजनाएं, मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना ,श्रम विभाग की योजनाएं तथा अन्य योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। सभी प्रखंड मुख्यालय में चिन्हित स्थल पर शिविर लगाया जाएगा एवं शिविर में सभी योजनाओं का अलग-अलग काउंटर होगा। सभी काउंटर पर उपरोक्त योजनाओं से संबंधित नोडल अधिकारी भी होंगे। सभी प्रखंडों में आयोजित शिविर स्थल पर हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी। जहां आवेदकों को सभी तरह के सहायता प्रदान किए जाएंगे। साथ ही शिविर स्थल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक मेडिकल स्टॉल की भी व्यवस्था की जाएगी। इस संबंध में डीडीसी की अध्यक्षता में विमर्श सभा कक्ष में बैठक की गई।सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देशित किया गया  कि उक्त शिविर का व्यापक प्रचार– प्रसार पंचायत स्तर पर करना सुनिश्चित करेंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। बैठक में सभी एसडीओ ,प्रखंडों के सभी वरीय अधिकारी एवं सभी बीडीओ को निर्देशित किया गया कि सभी प्रखंडों में विशेष शिविर का आयोजन सफलतापूर्वक करवाना सुनिश्चित करेंगे ताकि अधिक से अधिक आम जनों की सहभागिता हो सके। बैठक में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सात निश्चय के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा
जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने सात निश्चय-2 एवं सात निश्चय-3 के तहत संचालित योजनाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं, किसानों एवं आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। अतः सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने, कौशल विकास कार्यक्रमों को गति देने, महिला सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय वृद्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए तथा आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जल संकट की संभावित स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभाग पूर्व तैयारी सुनिश्चित करें तथा जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं।इस संबंध में पीएचईडी को विशेष निर्देश दिए गए। नल जल की लंबित योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया

बैठक में नगर निगम एवं नगर निकायों को निर्देश दिया गया की ठोस एवं तरल कचड़ा प्रबंधन की दिशा में प्रभावी कार्य करना सुनिश्चित करें।
वही लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत घर-घर से कचरा उठाव अभियान की समीक्षा की गई ।समीक्षा के क्रम में पाया गया कि उपयोगिता शुल्क में प्राप्त किए जाने वाले ₹30 प्रति माह की वसूली लगभग न के बराबर है ।इस पर जिलाधिकारी द्वारा खेद प्रकट करते हुए निर्देश दिया गया कि उपयोगिता शुल्क का कलेक्शन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप करना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 के अंतर्गत स्वच्छ एवं हरित वातावरण, सतत विकास, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, नागरिक सुविधाओं की सुलभ उपलब्धता तथा आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए। सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी स्तर पर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी  संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखें। क्षेत्रीय भ्रमण कर योजनाओं का भौतिक सत्यापन करें तथा लाभुकों से प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त संदीप कुमार के साथ सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल,माननीय राजस्व मंत्री ,बिहार के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग  के माध्यम से सीतामढ़ी जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा की गई। उक्त समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय,अपर समाहर्ता राजस्व संजीव कुमार के साथ राजस्व कार्यो से जुड़े सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा
बैठक के दौरान माननीय मंत्री ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस के आवेदनों के निष्पादन, अभियान बसेरा–2, आधार सीडिंग, एडीएम एवं डीसीएलआर न्यायालयों में मामलों के निष्पादन, ई-मापी 
 ऑनलाइन जमाबंदी, भूमि विवादों के निष्पादन,अतिक्रमण हटाने, सरकारी भूमि की सुरक्षा, तथा लोक शिकायतों के निष्पादन की प्रगति की समीक्षा की।
माननीय मंत्री ने सभी राजस्व पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व संबंधी मामलों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर पारदर्शी एवं जवाबदेह तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं का लाभ सरल एवं सुगम तरीके से उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।बैठक में राजस्व सचिव जय सिंह भी उपस्थित थे।
माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा सामाजिक सुरक्षा के पेंशनधारियों को आज दी गई मई माह के पेंशन की सौगात।

जिले के कुल 3,03,728 पेंशनधारियों के खाते में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 35 करोड़ 17 लाख 15 हजार 500 रु की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई।

जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने वृद्ध,विधवाओं एवं दिव्यांग जनों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान का दिया संदेश।

 बिहार सरकार  द्वारा  सामाजिक सुरक्षा के पेंशनधारियों की पेंशन को ₹400 से बढ़कर 1100 रुपए करने की घोषणा की गई थी। इसके साथ ही सरकार द्वारा पेंशनधारियों को जानकारी दी गई थी कि हर माह 10 तारीख को पेंशनधारी विगत माह का पेंशन₹1100 प्रति माह की दर से प्राप्त कर सकेंगे ।इस कड़ी में आज 10 जून 2026 को माह मई 2026 की पेंशन की राशि पेंशनधारियों के खाते में अंतरित की गई। इस  कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। सीधे प्रसारण के माध्यम से पूरे राज्य भर से बड़ी संख्या में पेंशनधारी इस अवसर के साक्षी बने। 
    

  सीतामढ़ी  जिला में मुख्य कार्यक्रम समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में आयोजित किया गया। जिलास्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी,श्री रिची पांडेय के द्वारा किया गया।

 इस अवसर पर उपस्थित पेंशनधारियों को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री, बिहार के वृद्धजनों विधवाओं एवं दिव्यांगजनों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान की आकांक्षा के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया। उनके द्वारा वृद्ध, विधवाओं एवं निशक्त जिला वासियों के अधिकारों के संरक्षण तथा उत्थान के लिए निरंतर कार्य  करने का आश्वासन भी दिया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वृद्धजन, विधवाओं एवं दिव्यांग जनों की आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है।उन्होंने आज आश्वस्त किया कि प्रशासन इन वर्गों के अधिकारों के संरक्षण और कल्याण हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगा। 
 
 इस कार्यक्रम में सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा श्री लाल कृष्ण राय द्वारा जानकारी दी गई कि जिला में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के 71858 वृद्ध जनों हेतु कुल 7,92,78,700 इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन के तहत 19908 पेंशनधारियों हेतु कुल 2,22,67,700 रूपये, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्तता पेंशन के 2078
पेंशनधारियों हेतु ₹22,88,000, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन  योजना के 168967 पेंशनधारीय हेतु कुल 20,17,99,900 रू, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 15570 पेंशनधारियों के लिए ₹1,77,48,900 ,बिहार राज्य निशक्तता पेंशन योजना के 25347 पेंशन धारी के लिए 2,83,32,300 सहित कुल 3,03,728 पेंशनधारियों के लिए  कुल 35 करोड़ 17 लाख 15 हजार 500 रुपए की राशि पेंशनधारियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई है। जिलाधिकारी  द्वारा सभी पेंशनधारियों को माह मई 2026 का पेंशन प्राप्त करने पर बधाई दी गई। ये
                आज के इस कार्यक्रम में डीडीसी संदीप कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा लाल कृष्ण राय,डीपीओ आईसीडीएस निशिकांत एवं अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी  उपस्थित थे ।
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मस्तिष्क ज्वर को लेकर नानपुर प्रखंड अन्तर्गत शिवमोहम्मदपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर (HWC) पर संध्या चौपाल का आयोजन किया गया जिसमे स्थानीय ग्रामीणों के साथ आशा कार्यकर्ता एवं पंचायतीराज प्रतिनिधियों ने भाग लिया।  
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा रवीन्द्र कुमार यादव ने मस्तिष्क ज्वर एवं जापानी ईन्सेफ्लाईटिस के लक्षण, बचाव व उपचार के बारे मे लोगों को जनकारी दी और बताया कि बच्चों को खाली पेट न सोने दें ,यदि बच्चे सो गये हैं तो उन्हे जगाकर खिला दें ।माता पिता या अभिभावक बच्चों मे बुखार, सुस्ती, ऐंठन या चमकी के लक्षण दीखते ही तत्काल आशा कार्यकर्ता से सम्पर्क कलरें और एम्बुलेंस 102 या निजी वाहन से तुरंत नजदीकी अस्पताल मे ले जायें। ओझा, भक्ता मे समय बर्बाद न करें ।
उक्त अवसर पर राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा भेजे गये  प्रचार प्रसार वाहन द्वारा मस्तिष्क ज्वर और जापानी ईन्सेफ्लाईटिस से बचाव से सम्बंधित फिल्म भी दिखाए गये जिसे लोगों ने ध्यान लगाकर देखा । 
डा यादव ने मोहम्मदपुर के 2022 मे पीडित बच्चे की जांच भी की और उनके माता पिता को समय-समय पर बच्चे को चिकित्सक से दिखाते रहने की सलाह भी दी ।चौपाल मे नानपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा दीपक कुमार, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अनिल कुमार,  भीडीसीओ प्रिंस कुमार, मो आरिफ ,पवन कुमार, भी बी डी एस दीपक कुमार HWC मोहम्मदपुर के सी एच ओ ,उत्पल कुमार व ए एन एम ,हर्षिता कुमारी , पायल कुमारी तथा कमलेश कुमार आदि उपस्थित थे ।
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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सीतामढ़ी जिले में 8,300 गर्भवतियों की जांच, लगभग 810 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं प्रबंधन
सीतामढ़ी, बिहार। राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के निर्देशानुसार सीतामढ़ी जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों—सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में "प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA)" का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना तथा गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। अभियान के तहत दूसरी एवं तीसरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर आमंत्रित कर रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, एचआईवी, यूरिन एल्ब्यूमिन, रक्त समूह, मधुमेह सहित विभिन्न आवश्यक जांचें की गईं। जांच के उपरांत महिलाओं को आवश्यक दवाएं, पोषण संबंधी परामर्श एवं सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं। साथ ही उच्च जोखिम वाले गर्भधारण (High Risk Pregnancy) की पहचान कर उनके समयबद्ध प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, डुमरा में सिविल सर्जन सीतामढ़ी डॉ. अखिलेश कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अक्षय कुमार, डीपीएम असित रंजन, जिला अनुश्रवण वा मूल्यांकन पदाधिकारी संतोष कुमार, जिला योजना समन्वयक दिनेश कुमार वो प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक अनुपमा सिंह द्वारा की गई। वहीं सदर अस्पताल सीतामढ़ी में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. मनोज कुमार, अस्पताल प्रबंधक विजय कुमार तथा पीरामल फाउंडेशन से जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार एवं कार्यक्रम लीड रोहित कुमार ने संयुक्त रूप से उदघाटन किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरसंड में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आर. के. सिंह , बीएचएम मोहम्मद सदरूदिन, बीसीएम कृष्णनंदन तथा पीरामल फाउंडेशन के कार्यक्रम लीड दुर्गा प्रसाद एवं नवनीत कुमार वो गांधी फेलो एंथोनी जोसफ की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिले के अन्य सभी स्वास्थ्य संस्थानों में संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा अभियान का सफल संचालन किया गया।
जिलेभर में आयोजित इस विशेष अभियान के दौरान कुल 8,300 से ऊपर गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के क्रम में लगभग 810 से अधिक उच्च जोखिम गर्भधारण (HRP) वाली महिलाओं को चिन्हित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन सभी उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का आवश्यक प्रबंधन, नियमित निगरानी एवं समयबद्ध चिकित्सीय परामर्श सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि प्रसव के दौरान संभावित जटिलताओं को कम किया जा सके तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।
सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से नियमित प्रसव पूर्व जांच कराने तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी : प्रभारी मंत्री

सरकार की विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से सभी विभाग आपसी समन्वय एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें। 

योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए तथा सभी कार्य निर्धारित मानकों, गुणवत्ता एवं स्वीकृत विशिष्टियों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराए जाएं।
उक्त बातें सुश्री श्रेयसी सिंह, माननीया मंत्री,उद्योग एवं  खेल विभाग-सह-प्रभारी मंत्री, सीतामढ़ी ने समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में आयोजित विभिन्न विभागों की समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर कोताही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, प्रतिबद्धता एवं संवेदनशीलता के साथ करें तथा यह सुनिश्चित करें कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंचे।
बैठक के प्रारंभ में प्रभारी जिलाधिकारी श्री संजीव कुमार द्वारा माननीया प्रभारी मंत्री, माननीय सांसद सीतामढ़ी श्री देवेश चंद्र ठाकुर एवं माननीया सांसद शिवहर श्रीमती लवली आनंद को पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। वहीं उप विकास आयुक्त सहित अन्य वरीय अधिकारियों द्वारा उपस्थित जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया गया।

नल-जल योजना एवं पेयजल व्यवस्था की समीक्षा

बैठक में नल-जल योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। माननीया मंत्री ने लंबित योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने तथा बंद अथवा प्रभावित योजनाओं को अविलंब चालू कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित, पूर्ण एवं लंबित योजनाओं की अद्यतन सूची सभी माननीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए।
कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी को निर्देशित किया गया कि जहां नल-जल योजनाएं प्रभावित हैं, वहां तत्काल मरम्मत एवं पुनर्संचालन सुनिश्चित करें। साथ ही आमजन की शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बरतते हुए प्राप्त फोन कॉल एवं शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करें। प्रभारी जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया कि पीएचईडी की पृथक समीक्षा कर लंबित योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें।

(विद्युत विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी)
बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता द्वारा फोन नहीं उठाने एवं जनसमस्याओं के समाधान में उदासीनता बरतने की शिकायत की गई। इस पर माननीया मंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी को कार्यशैली में तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया तथा उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई हेतु प्रतिवेदन भेजने का निर्देश प्रभारी जिलाधिकारी को दिया।

(शहरी क्षेत्रों में सफाई एवं जलजमाव पर विशेष जोर)
नगर निगम एवं विभिन्न नगर परिषद क्षेत्रों में साफ-सफाई की अपर्याप्त व्यवस्था का मुद्दा जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाया गया। इस पर माननीया मंत्री ने नगर आयुक्त एवं सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को नियमित साफ-सफाई, कचरा निष्पादन एवं जलनिकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।
सदर अस्पताल रोड एवं सदर अस्पताल परिसर में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया। माननीय सांसद द्वारा भी नगर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर जलजमाव की समस्या दूर करने तथा स्वच्छता व्यवस्था में सुधार लाने पर बल दिया गया।

(स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश)
बैठक में बुडको द्वारा क्रियान्वित स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना की समीक्षा की गई। कार्य में विलंब पर असंतोष व्यक्त करते हुए माननीया मंत्री ने योजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया ताकि शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

(अवैध नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कार्रवाई)
माननीया मंत्री ने जिले में संचालित निजी नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों की विशेष जांच कराने का निर्देश दिया। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि जांच दल गठित कर बिना लाइसेंस अथवा अनधिकृत रूप से संचालित संस्थानों की जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

(सड़क एवं संपर्क पथों की स्थिति सुधारने का निर्देश)
जनप्रतिनिधियों द्वारा जिले की विभिन्न सड़कों की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाए जाने पर माननीया  मंत्री ने आरसीडी एवं आरडब्ल्यूडी के अभियंताओं को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि खराब सड़कों को शीघ्र दुरुस्त किया जाए, जहां आवश्यकता हो वहां एप्रोच रोड का निर्माण कराया जाए। बरसात के पूरे सड़कों की मरम्मती अनिवार्य रूप से कर लें।

(संभावित बाढ़, सुखाड़ एवं जल संकट की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा)

माननीया मंत्री ने जिले में संभावित बाढ़, सुखाड़ एवं जल संकट की स्थिति को देखते हुए की जा रही तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आपदा आने के बाद कार्रवाई करने की बजाय पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में आमजन को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
बैठक में बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान, राहत सामग्री की उपलब्धता, नावों की व्यवस्था, सामुदायिक रसोई संचालन की तैयारी, सुरक्षित शरणस्थलों की पहचान, पशु चारा व्यवस्था, चिकित्सा दलों की तैनाती एवं तटबंधों की सुरक्षा संबंधी तैयारियों की समीक्षा की गई।
रसलपुर से जमला तक बागमती नदी के किनारे कटाव निरोधी कार्य की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 2.8 किलोमीटर लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 1000 मीटर कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष कार्य 20 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। माननीया मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी कटावरोधी एवं बाढ़ सुरक्षा कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं।
संभावित सुखाड़ एवं जल संकट के मद्देनजर पेयजल स्रोतों की सतत निगरानी, खराब चापाकलों की त्वरित मरम्मत, नल-जल योजनाओं के निर्बाध संचालन, आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वाटर टैंकरों की व्यवस्था तथा जलापूर्ति प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।
 बताया गया कि पूर्व में चिन्हित 716 वंचित टोलों में से 139 टोलों में नल-जल योजनाएं पूर्ण कर जलापूर्ति प्रारंभ कर दी गई है। शेष योजनाओं को भी शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। सभी नगर निकायों को आवश्यकतानुसार अतिरिक्त जल टैंकर उपलब्ध कराने तथा वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए गए।

अन्य विभागों की समीक्षा
बैठक में कृषि, शिक्षा, कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, पशुपालन, मत्स्य, जीविका, लघु जल संसाधन सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई।
साथ ही जनकपुर रोड क्षेत्र में जाम की समस्या के समाधान, मनुषमारा नदी में रेवासी ग्राम के समीप जलकुंभी हटाने, लखनदेई नदी की उड़ाही, निर्माण स्थलों पर श्रमिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जांच तथा मिश्रोलिया पंचायत के वार्ड संख्या-04 स्थित एससी/एसटी टोला में नल-जल योजना शीघ्र प्रारंभ कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में माननीय सांसद श्री देवेश चंद्र ठाकुर , माननीया सांसद शिवहर श्रीमती लवली आनंद ,माननीय सदस्य बिहार विधान सभा श्री वंशीधर बृजवासी,माननीय विधायक रुन्नीसैदपुर पंकज मिश्रा, माननीय विधायक परिहार श्रीमती गायत्री देवी ,माननीय विधायक बथनाहा अनिल कुमार ,माननीय विधायक सुरसंड प्रो नागेन्द्र राउत,,माननीय विधायक बाजपट्टी श्री रामेश्वर महतो, माननीय विधायक रीगा श्री बैद्यनाथ प्रसाद,  माननीय विधायक बेलसंड श्री अमित कुमार , मेयर श्रीमती रौनक जहां परवेज, जिला परिषद अध्यक्ष अदिति कुमारी ,20 सूत्री उपाध्यक्ष श्री मनीष कुमार गुप्ता एवं श्री सत्येंद्र सिंह कुशवाहा, विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा पुलिस अधीक्षक अमित रंजन,डीडीसी संदीप कुमार  उपस्थित थे।
आज दिनांक 08.06.2026 को जिला स्तरीय शारदीय (खरीफ) कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उदघाटन दीप प्रज्वलीत कर जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के द्वारा किया गया। जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक, "आत्मा" द्वारा स्वागत भाषण करते हुए विभागीय योजनाओं की जानकारी विस्तृत रूप से दी गयी। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा अपने संबोधन के दौरान फार्मर रजिस्ट्री एवं "खेत बचाओ अभियान" के तहत प्राकृतिक खेती अपनाने हेतु किसानों को जागरूक करने के लिए निदेशित किया गया। उक्त कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषि विभाग द्वारा शारदीय (खरीफ) मौसम में संचालित योजनाओं की जानकारी एवं प्रशिक्षण जिला, प्रखण्ड एवं पंचायत स्तरीय प्रसार पदाधिकारी एवं कर्मी को दिया गया। उक्त कार्यक्रम में नेयाज अहमद, जिला उद्यान पदाधिकारी, अनुमण्डल कृषि पदाधिकारी, सीतामढ़ी सदर/पुपरी, श्री गुंजन कुमार, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण, सीतामढ़ी, सुश्री आकांक्षा, सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण, सीतामढ़ी, श्री अजय मणि, उप परियोजना निदेशक, "आत्मा", सीतामढ़ी, श्री अनिल कुमार, सहायक निदेशक (रसायन), सीतामढ़ी, डी०डी०एम० नाबार्ड, सीतामढ़ी, डी०पी०एम० जीविका, सीतामढ़ी, डॉ० राम ईश्वर प्रसाद, वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, कृषि विज्ञान केन्द्र, पुपरी, सीतामढ़ी, सभी प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधक, प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी, सभी कृषि समन्वयक, सभी सहायक तकनीकी प्रबंधक, सभी किसान सलाहकार एवं अन्य प्रसार कर्मी उपस्थित हुए।
*डुमरा में बाल पंचायत गठन एवं बाल हितैषी ग्राम पंचायत पर उन्मुखीकरण प्रशिक्षण आयोजित* 

डुमरा, सीतामढ़ी। पंचायती राज विभाग, यूनिसेफ एवं प्रथम संस्था के संयुक्त तत्वावधान तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिषेक चंदन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों में बाल पंचायत गठन एवं नियमित बैठकों के प्रभावी संचालन को लेकर जिला पंचायत संसाधन केंद्र , डुमरा में प्रखंड स्तरीय उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुखिया, पंचायत सचिव एवं कार्यपालक सहायकों को बाल पंचायत के गठन, संरचना एवं संचालन संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि बाल पंचायत की संरचना पंचायत के सभी वार्डों के प्रतिनिधित्व पर आधारित होगी। प्रत्येक वार्ड से एक किशोर एवं एक किशोरी सदस्य के रूप में चयनित किए जाएंगे, जिनकी आयु 10 से 18 वर्ष के बीच होगी। बाल पंचायत बच्चों से जुड़े मुद्दों की पहचान, समाधान एवं पंचायत स्तर पर उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी चंदन कुमार ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत बाल हितैषी ग्राम पंचायत की अवधारणा अत्यंत महत्वपूर्ण है। बाल पंचायत का गठन एवं उसका प्रभावी संचालन बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा एवं समग्र विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों एवं कर्मियों से निर्धारित समयसीमा के भीतर बाल पंचायत गठन की प्रक्रिया पूर्ण करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण सत्र का संचालन कार्यक्रम प्रबंधक शिव शंकर पाठक द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि बाल पंचायत के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सात विषयगत विभाग—शिक्षा, सुरक्षा, खेल एवं संस्कृति, स्वास्थ्य, पोषण, योजना तथा संचार—का गठन किया जाएगा। बाल पंचायत के संचालन एवं मार्गदर्शन के लिए ‘बाल मित्र’ का सहयोग लिया जाएगा। बाल पंचायत का कार्यकाल गठन की तिथि से एक वर्ष का होगा। यूनिसेफ व प्रथम संस्था के जिला समन्वयक सुधीर कुमार ने कहा कि बाल पंचायत बच्चों को नेतृत्व, निर्णय प्रक्रिया में सहभागिता तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने का सशक्त मंच प्रदान करती है। इसके माध्यम से बच्चे पंचायत स्तर पर अपनी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि बाल पंचायत की सक्रियता से ग्राम पंचायतों को बाल हितैषी बनाने की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित होगी तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में डीपीआरसी के नोडल पदाधिकारी शंकर कुमार मंडल, पंचायत सचिव श्रमेश भास्कर, प्रफुल्ल चंद्र भारती, कार्यपालक सहायक गोविंद कुमार, अनीश कुमार, रितु कुमारी, पुष्पलता, गुड्डी कुमारी तथा प्रथम संस्था के प्रखंड समन्वयक नवीन कुमार, मुकेश कुमार, बीरेंद्र कुमार, हरिशंकर कुमार सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।
Success Story 

गोबर से गैस, गांव की नई पहचान : मैथौरा में बन रहा बायोगैस प्लांट, 25 परिवारों को मिलेगा स्वच्छ ईंधन

स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में सीतामढ़ी जिला एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत डुमरा प्रखंड की मैथौरा पंचायत में गोवर्धन योजना के अंतर्गत बायोगैस प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है, जो ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छ और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

निर्माणाधीन बायोगैस प्लांट में आसपास के घरों एवं पशुशालाओं से प्राप्त गोबर का उपयोग कर गैस का उत्पादन किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से पंचायत के 25 परिवारों को सीधे बायोगैस की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए लाभुक परिवारों के घरों तक गैस कनेक्शन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। प्लांट के संचालन शुरू होते ही इन परिवारों के घरों में बायोगैस से चूल्हे जलने लगेंगे और स्वच्छ ईंधन के माध्यम से भोजन तैयार किया जाएगा।

यह पहल न केवल रसोई गैस का एक स्थानीय एवं सुलभ विकल्प उपलब्ध कराएगी, बल्कि गोबर जैसे जैविक अपशिष्ट के वैज्ञानिक उपयोग को भी बढ़ावा देगी। इससे पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता संवर्धन और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।

विभागीय निर्देशों के अनुरूप इस बायोगैस प्लांट के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी जीविका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को सौंपी जाएगी। इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार एवं आय सृजन के अवसर भी प्राप्त होंगे तथा सामुदायिक सहभागिता को बल मिलेगा।

आज जब ऊर्जा संसाधनों पर बढ़ता दबाव और ईंधन की उपलब्धता एक चुनौती बनती जा रही है, ऐसे समय में मैथौरा पंचायत का यह बायोगैस प्लांट ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और आत्मनिर्भर गांव की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

सीतामढ़ी जिला प्रशासन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की यह पहल ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित कर रही है, जिससे आने वाले समय में अन्य पंचायतों को भी प्रेरणा मिलेगी।
Success story 

कचरे से उपयोगिता तक : सीतामढ़ी में सिंगल यूज प्लास्टिक से बनीं 85 आकर्षक सीटिंग बेंच।

स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में सीतामढ़ी जिला लगातार नवाचारपूर्ण पहल कर रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत जिले में सिंगल यूज प्लास्टिक के संग्रहण, निष्पादन एवं पुनर्चक्रण की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है।
जिले के बाजपट्टी प्रखंड स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (PWMU) में पूरे जिले से लगभग 11 हजार किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक का संग्रह किया गया। इस संग्रहित प्लास्टिक को केवल अपशिष्ट के रूप में न देखकर उसे संसाधन में परिवर्तित करने की दिशा में कार्य किया गया। इसी क्रम में लगभग 4 हजार किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर 85 आकर्षक एवं उपयोगी सीटिंग बेंचों का निर्माण कराया गया है।
ये बेंच न केवल प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन का उदाहरण हैं, बल्कि सार्वजनिक उपयोग के लिए टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल विकल्प भी प्रस्तुत करती हैं। इस पहल से यह संदेश भी जाता है कि यदि कचरे का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन किया जाए तो उसे उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है।
जिला प्रशासन की यह पहल सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को कम करने के साथ-साथ आमजन में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में एक प्रेरक उदाहरण के रूप में उभर रहा है।
इस उपलब्धि को प्राप्त करने में जिले के सभी लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (LSBA) से जुड़े कर्मियों एवं पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वहीं जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय के मार्गदर्शन, सतत निगरानी एवं प्रेरणा से इस कार्य को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा जा सका।
सीतामढ़ी की यह पहल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिले की प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा "कचरे से संसाधन" की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
*पर्यावरण दिवस पर सीतामढ़ी जिले के विभिन्न पंचायतों में दिखा जनजागरण का रंग, वृक्षारोपण और जागरूकता कार्यक्रमों से गूंजा परिसर*

*सीतामढ़ी* : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिहार के सीतामढ़ी जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में पर्यावरण संरक्षण का संदेश गूंजा। जिला पंचायत राज पदाधिकारी के निर्देश के अनुसार विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। पीरामल फाउंडेशन के टीम के द्वारा भी विभिन्न पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित करने में सहयोग प्रदान करते हुए कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रमों में जल स्रोत, मिट्टी स्वास्थ्य, वायु गुणवत्ता, प्लास्टिक के दुरुपयोग और वृक्षारोपण जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।

हर पंचायत में औसतन 150 ग्रामीण, किशोर-किशोरियां और स्वयंसेवी समूहों के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रमों की शुरुआत प्रभात फेरी, पोस्टर प्रस्तुति और पर्यावरण पर कविता पाठ से हुई। विजेताओं को पंचायत मुखिया द्वारा सम्मानित कर पुरस्कार दिए गए।

*मिसरौलिया पंचायत, डुमरा प्रखंड*  
यहाँ मुख्यिया श्रीमती आरती कुमारी के नेतृत्व में पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से एक विस्तृत जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल स्रोतों की स्वच्छता, मिट्टी की उर्वरकता बनाए रखने, वायु प्रदूषण नियंत्रण और एकल-उपयोग प्लास्टिक के विकल्प अपनाने पर जोर दिया गया।  
पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम लीड दुर्गा प्रसाद सिंह ने ग्रामीणों को बताया कि "पर्यावरण बचाना सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं, हर घर की जिम्मेदारी है। एक पेड़ लगाना मतलब आने वाली पीढ़ी को जीवन देना।" कार्यक्रम के अंत में 200 से अधिक पौधे लगाए गए। पोस्टर और कविता प्रतियोगिता में अव्वल रहे प्रतिभागियों को मुखिया आरती कुमारी ने पुरस्कृत किया।

*भिट्टा पंचायत, सुरसंड प्रखंड*  
भिट्टा में युवाओं ने "प्लास्टिक मुक्त पंचायत" का संकल्प लिया। किशोरों द्वारा बनाए गए पोस्टरों में नदी-तालाब बचाने का संदेश प्रमुख रहा। पंचायत मुखिया ने सर्वश्रेष्ठ पोस्टर और कविता पाठ करने वाले 10 प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

*चंदौली पंचायत, बेलसंड प्रखंड*  
चंदौली में पीरामल फाउंडेशन से रोहित कुमार के सहयोग से वायु गुणवत्ता और जैविक खेती पर विशेष सत्र चला। ग्रामीणों ने घर-घर जाकर प्लास्टिक कचरा संग्रह अभियान चलाया। कार्यक्रम में "धरती माँ" विषय पर कविता पाठ ने सभी को भावुक कर दिया। मुखिया ने विजेताओं को पौधे और प्रमाण पत्र भेंट किए।

*हरदिया पंचायत, पुपरी प्रखंड*  
हरदिया में स्कूल के बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जल बचाने का संदेश दिया। "बूंद-बूंद से सागर" थीम पर आधारित नाटक को खूब सराहना मिली। मुखिया द्वारा वृक्षारोपण प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों को पुरस्कार दिए गए।

*मजौरगंज पंचायत, मजौरगंज प्रखंड*  
मजौरगंज में महिला स्वयं सहायता समूहों ने आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उन्होंने मिट्टी परीक्षण और जैविक खाद के उपयोग पर डेमो दिया। पोस्टर प्रतियोगिता में "स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ जीवन" पर बने पोस्टर को प्रथम पुरस्कार मिला।

सभी पंचायतों में कार्यक्रम का समापन सामूहिक वृक्षारोपण और "पर्यावरण शपथ" के साथ हुआ। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे प्लास्टिक का कम उपयोग करेंगे, जल का संरक्षण करेंगे और हर साल कम से कम 5 पेड़ लगाएंगे।

पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार  ने कहा कि पंचायत स्तर पर ऐसी पहल से ही धरती को बचाया जा सकता है। सभी पंचायत के मुखिया ने भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण को पंचायत की प्राथमिकता में रखा जाएगा।