
10 दिवसीय ‘परंपरागत चितेरी लोक कला कार्यशाला’ का हुआ सफल समापन
उरई (जालौन)। उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) के सहयोग से गांधी नगर स्थित सुनीता सुमन शिक्षा एवं सेवा संस्थान में आयोजित 10 दिवसीय ‘परंपरागत चितेरी लोक कला कार्यशाला’ का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। यह कार्यशाला 1 जून से 11 जून तक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के लगभग 50 बच्चों ने बुंदेलखंड की पारंपरिक चितेरी लोक कला का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी शांति स्वरूप महेश्वरी रहे। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों का अवलोकन किया तथा कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि लोक कलाएं हमारी सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए इस प्रकार की कार्यशालाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बच्चों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने और कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला का संचालन एवं प्रशिक्षण प्रसिद्ध चित्रकार रोहित विनायक द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को चितेरी लोक कला की विभिन्न शैलियों, रंग संयोजन, पारंपरिक आकृतियों तथा सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अनेक आकर्षक कलाकृतियों का निर्माण किया।
संस्थान की संस्थापक शिवांगी दीक्षित ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी बच्चों और युवाओं के लिए कला, संस्कृति एवं शिक्षा से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के स्वयंसेवकों अभिनव शर्मा, शिवम सेंगर, रूपाली श्रीवास्तव, हर्ष शर्मा, अतुल परिहार, अपर्णा पटेल, दीपांशु राजपूत, साक्षी, किशन प्रजापति, श्रद्धा सहित अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा उनके द्वारा बनाई गई कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
Orai, Jalaun | Jun 11, 2026