हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले से सामने आई एक ऐसी खौफनाक वारदात ने हर किसी की रूह कंपा दी है, जिसे सुनकर शायद ही कोई यकीन कर पाए। आरोप है कि एक पिता ने अपने ही 6 साल के मासूम बच्चे को पुल से उफनती रावी नदी में फेंक दिया।
जिस उम्र में बच्चे को पिता की उंगली पकड़कर दुनिया देखनी थी, उसी मासूम को कथित तौर पर मौत के मुंह में धकेल दिया गया। मंगलवार को सामने आई इस घटना के बाद पूरे चम्बा जिले में सनसनी फैल गई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चम्बा दिनेश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। हालात का जायजा लेने के बाद पुलिस ने बिना वक्त गंवाए रावी नदी में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों की मदद से नदी के किनारों को खंगाला जा रहा है। गोताखोरों और पुलिस जवानों की टीमें लगातार बच्चे की तलाश में जुटी हैं। लेकिन रावी का तेज और उफनता बहाव हर गुजरते पल के साथ चुनौती बढ़ा रहा है।
घंटों की तलाश के बावजूद अभी तक मासूम का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। नदी का शोर, तेज बहाव और उसके किनारे चल रहा सर्च ऑपरेशन—हर तरफ एक ही सवाल है...
आखिर उस मासूम का क्या हुआ?
चम्बा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्चे की तलाश युद्धस्तर पर जारी है। पुलिस इस बात की तह तक जाने में जुटी है कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने एक पिता को अपने ही मासूम बच्चे के खिलाफ इतना खौफनाक कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
आरोपी पिता से पूछताछ की जा रही है और घटना के पीछे की वजह, परिस्थितियों और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
लेकिन इस वक्त पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल जांच से भी बढ़कर है...
रावी की तेज धार में कहीं जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे उस 6 साल के मासूम को आखिर कब ढूंढ पाएगी पुलिस?
हर गुजरते मिनट के साथ परिवार की बेचैनी बढ़ती जा रही है और उम्मीदें उसी उफनती रावी के किनारे टिकी हैं।
फिलहाल पुलिस की पहली और सबसे बड़ी प्राथमिकता है—
उस मासूम को ढूंढना