पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर प्रखंड के उत्तरांचल स्थित दोन क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। बाढ़ के कारण 22 गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जिसके बाद ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क ध्वस्त होने के बाद करीब एक सप्ताह तक जिम्मेदार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई। ऐसे में डुमरी गांव के करीब आधा दर्जन नाबालिग बच्चे खुद आगे आए और बांस की चचरी तैयार कर टूटे रास्ते पर पुलिया बना दी।
बच्चों की इस पहल से ग्रामीणों को आने-जाने में कुछ राहत मिली है। हालांकि, सवाल यह है कि जिस काम की जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की है, उसे आखिर नाबालिग बच्चों को क्यों उठाना पड़ा?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त सड़क और पुलिया का जल्द से जल्द स्थायी रूप से निर्माण कराया जाए, ताकि 22 गांवों के लोगों को आवागमन की समस्या से निजात मिल सके।