
बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर: इंसाफ की गुहार में DIG से मिली पीड़ित मां, बोली - सभी 11 आरोपियों पर हो कार्रवाई।
चर्चित भरत तिवारी हत्याकांड (पुलिस मुठभेड़ प्रकरण) में पीड़ित परिवार ने एक बार फिर वरीय अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। भरत तिवारी की मां आशा देवी ने बुधवार को शाहाबाद रेंज के DIG सत्य प्रकाश से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई।
आशा देवी के साथ उनके पुत्र चंदन तिवारी और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने DIG को आवेदन सौंपकर मामले की समीक्षा और लंबित कार्रवाई को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया।
*केवल 1 गिरफ्तारी पर सवाल*
परिजनों का कहना है कि इस मामले में कुल 11 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, लेकिन अब तक केवल STF जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी हुई है, जो जुलाई 2026 में हुई थी। परिवार ने तत्कालीन DSP राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार सहित अन्य नामजदों पर भी विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है।
*17 जून को मुठभेड़ में हुई थी मौत*
भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को पुलिस मुठभेड़ के दौरान भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी। परिजनों ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए हत्या का आरोप लगाया था। आशा देवी के बयान पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है।
परिजनों का दावा है कि भरत ने आत्मसमर्पण के लिए हथियार फेंक दिया था, फिर भी गोली मारी गई। हालांकि इस दावे की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया से होनी है।
*न्यायिक जांच भी जारी*
सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में आयोग गठित किया है। आयोग के समक्ष मृतक के माता-पिता की गवाही हो चुकी है और पुलिस पक्ष के करीब 15 पुलिसकर्मियों को समन जारी कर बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
*DIG ने दिया आश्वासन*
परिजनों ने कहा कि उनकी मांग किसी निर्दोष को फंसाने की नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच की है। DIG सत्य प्रकाश ने आवेदन पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।