
#हिसार_घग्घर मल्टीपरपज ड्रेन परियोजना हरियाणा और राजस्थान के बीच बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी (सेमनाला) की एक प्रमुख मेगा परियोजना है। हरियाणा सरकार इसकी वहन क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग ₹1710 करोड़ खर्च कर रही है, वहीं राजस्थान सरकार भी ഇതിके बरसाती पानी का उपयोग करने का प्रस्ताव कर रही है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं और लक्ष्यक्षमता विस्तार: ड्रेन की क्षमता मौजूदा 500 क्यूसेक से बढ़ाकर 1600 से 2750 क्यूसेक तक की जाएगी।बजट और आधुनिकीकरण: करीब ₹1710.81 करोड़ की लागत से ड्रेन का चौड़ीकरण और आधुनिकीकरण किया जा रहा है।प्रभावित क्षेत्र: इससे हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद और हिसार जिलों में बाढ़ और जलभराव (Waterlogging) की पुरानी समस्या से राहत मिलेगी।राजस्थान के लिए महत्वराजस्थान सरकार ने हरियाणा को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसके तहत सिरसा-फतेहाबाद सीमा से सटे रामसरा-मेहराना गांव के पास से नई ड्रेन निकालकर भादरा तहसील (हनुमानगढ़) तक 700 क्यूसेक बरसाती पानी पहुंचाया जाएगा।
राजस्थान सिंचाई विभाग द्वारा इस प्रस्ताव का सर्वे किया जा रहा है, जिस पर हरियाणा ने प्रारंभिक सहमति दे दी है।वर्तमान स्थिति और विवादक्षमता और जलभराव: ड्रेन में भारी गाद (Silt) जमा होने और क्षमता कम होने के कारण आसपास के गांवों में जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिसको लेकर स्थानीय किसान लगातार प्रशासन से ड्रेन की सफाई और पक्के बांधों के निर्माण की मांग कर रहे हैं।पानी का उपयोग/विवाद: कुछ क्षेत्रों (जैसे नोहर, राजस्थान) में ड्रेन के प्रदूषित पानी को सीधे नहरों में जोड़े जाने को लेकर किसानों में नाराजगी भी देखने को मिली है, जिसके कारण वे उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
क्या प्रोजेक्ट पास होगा तो कितना होगा फायदा...
या आप लोग कुछ सुझाव देना चाहते है....बताए जरूर
Sirsa, Sirsa | Jun 25, 2026