
बागपत। 10वीं फेल साइबर अपराधी ने यूपी और बिहार के पुलिस अधिकारियों से खूब ऑनलाइन ठगी की है। बागपत की ललियाना चौकी इंचार्ज अमित कुमार से ठगी करने के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
वह अपने दो साथियों के साथ मिलकर एसपी क्राइम मुख्यालय बताकर जनपद के पुलिस कंट्रोल रूम काल करता था, जहां से पुलिसवालों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कर रुपये की डिमांड करता था। पुलिस उसके दो साथियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी कर रही है।
चौकी इंचार्ज अमित कुमार के मोबाइल पर पांच अप्रैल को कंट्रोल रूम बागपत से फोन आया था कि एसपी क्राइम मुख्यालय लखनऊ बात करना चाहते हैं। इसके बाद वाट्सएप नंबर पर काल करते हुए काॅलर ने खुद को एसपी क्राइम बताते हुए कहा था कि डीजीपी के घनिष्ठ मित्र गोल्ड कारोबारी है, जिनसे दो लोग तीन किग्रा सोना लेकर भाग गए हैं।
इनमें से एक व्यक्ति को हमारी टीम ने शामली से पकड़ लिया है तथा दूसरा आपके चौकी क्षेत्र में एक मंदिर के पास अपाचे बाइक लेकर खड़ा हुआ है, जिसे पकड़ने के लिए सोना खरीदने की बात की जा रही है। इसके लिए बयाना के तौर पर कुछ रुपये खाते में ट्रांसफर कर दो।
मना किया तो डीजीपी के मित्र का हवाला देते हुए सस्पेंड कराने की धमकी दी थी। उसके बाद दोबारा उसी नंबर से किसी अन्य व्यक्ति की काल आई थी, जिसने खुद को इंस्पेक्टर क्राइम बताते हुए कहा था कि एसपी क्राइम साहब ने जो आदेश दिया है, उसका पालन क्यों नहीं कर रहे हो।
इसके बाद भेजे गए बार कोड पर दो बार में अपने जानकार शौकीन से 25 हजार रुपये ट्रांसफर करा दिए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गहनता से जांच की।
फरीदाबाद में परिवार के साथ रहता है आरोपित
विवेचक इंस्पेक्टर संत शरण सिंह के मुताबिक विवेचना में बिहार के जनपद मोतीहारी के थाना लखौरा के लक्ष्मीपुर कटहारिया का मूल निवासी लाल मोहन राय पुत्र दीप लाल राय का नाम प्रकाश में आया। यह वर्तमान में अपने परिवार के साथ फरीदाबाद के सेक्टर 81 में परिवार के साथ रहता है।
आरोपित को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि आरोपित लाल मोहन राय ने अपने साथी अजय चौबे निवासी गोपाल गंज (बिहार) और एक अन्य के साथ मिलकर बिहार के जनपद जमुई के सिमुलतला थाना प्रभारी रूबी कुमारी से 50 हजार रुपये हड़पे। सिद्धार्थनगर की मोहाना चौकी इंचार्ज सुदीप कुमार यादव से 30 हजार रुपये की ठगी की। इसी तरह करीब 20 पुलिसवालों से लाखों ऑनलाइन ठगी की हैं.
रोहटा थाना इंचार्ज से भी किया ठगी का प्रयास
विवेचक के मुताबिक पकड़े गए आरोपित ने अपने साथियों के साथ मिलकर मेरठ में रोहटा थाना इंचार्ज पूजा पंवार को भी झांसे में लेकर रुपये खाते में डलवाने की कोशिश की थी। पर थाना इंचार्ज ने ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर करने से मना कर दिया था.
ऐसे करते थे ऑनलाइन ठगी
पुलिस के अनुसार आरोपित आनलाइन नंबर सर्च कर सबसे पहले जनपद के पुलिस कंट्रोल रूम में काॅल करते है। खुद को एसपी क्राइम मुख्यालय बताकर थाना इंचार्ज या चौकी इंचार्ज का नंबर लेते है और बोलते है कि आप काॅल कर दीजिए कि सर बात करेंगे।
इसके बाद खुद काॅल कर डीजीपी के मित्र से सोने की लूट करने वाले बदमाश को पकड़ने के बहाने रुपये खातों में ट्रांसफर कराते हैं। कंट्रोल रूम से काल आने पर पुलिसवालों को विश्वास हो जाता है कि अधिकारी बोल रहे हैं और खाते में रुपये ट्रांसफर कर देते हैं.