
पिता को खोया, दादी और मां के संघर्ष ने दिलाई सफलता; भाई-बहन बने सेकंड ग्रेड शिक्षक
तिंवरी। मांडियाई गांव के भाई-बहन ओमप्रकाश लेगा और सुनीता लेगा ने कठिन परिस्थितियों को मात देते हुए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की द्वितीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। ओमप्रकाश ने सामाजिक विज्ञान विषय में 6वीं तथा सुनीता ने हिंदी विषय में 12वीं रैंक प्राप्त कर परिवार और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
दोनों की सफलता की कहानी संघर्ष, मेहनत और पारिवारिक हौसले की मिसाल है। कोरोना काल में पिता आईदान राम लेगा के निधन के बाद परिवार पर संकटों का पहाड़ टूट पड़ा। ऐसे समय में मां सुआ देवी और दादी रूपी देवी ने परिवार को संभालते हुए बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी।
ओमप्रकाश बताते हैं कि उनकी दादी का जीवन भी संघर्षों से भरा रहा है। पति के निधन के बाद उन्होंने खेती और मजदूरी कर बेटे का पालन-पोषण किया। बाद में बेटे को खोने का दुख भी सहा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पोते-पोती को पढ़ाई के लिए लगातार प्रेरित किया।
मां सुआ देवी ने भी सीमित संसाधनों में घर की जिम्मेदारियां निभाते हुए बच्चों के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिवार के इसी सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर दोनों भाई-बहन ने प्रतियोगी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया।
उनकी सफलता पर मांडियाई गांव, तिंवरी क्षेत्र और समाज के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति की जीत बताते हुए कहा कि ओमप्रकाश और सुनीता की उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।