
पांगी की तुलना ‘लाल चौक’ से करने वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर विरोध, लोगों ने जताई कड़ी आपत्ति
राजनीतिक टिप्पणी के नाम पर पांगी की पहचान को संवेदनशील संदर्भ से जोड़ने का आरोप, अभद्र भाषा पर भी उठे सवाल
पांगी, 28 सितंबर।
सोशल मीडिया पर पांगी क्षेत्र को लेकर की गई एक विवादित टिप्पणी के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। “Kumar Monnu” नामक फेसबुक प्रोफाइल से सामने आई पोस्ट में पांगी की तुलना जम्मू-कश्मीर के ‘लाल चौक’ से करते हुए वहां की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर टिप्पणी की गई है। इस तुलना को लेकर पांगी के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
पोस्ट में लिखा गया है— “चंबा में पांगी को भी वही दर्जा प्राप्त है जो भारत में कश्मीर को है। सुना है आज लाल चौक पर मोटा ही माहौल था भैं।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि पांगी एक विशिष्ट जनजातीय क्षेत्र है और इसकी सामाजिक, सांस्कृतिक तथा भौगोलिक परिस्थितियों की तुलना इस प्रकार के संवेदनशील राजनीतिक संदर्भ से करना क्षेत्र की वास्तविकता को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है। लोगों ने सवाल उठाया है कि राजनीतिक गतिविधियों या नेताओं के दौरे पर टिप्पणी करने के लिए पूरे पांगी क्षेत्र को ‘लाल चौक’ जैसे संवेदनशील संदर्भ से जोड़ना आखिर किस उद्देश्य से किया गया।
‘लाल चौक’ से तुलना पर सबसे अधिक आपत्ति
लोगों का कहना है कि पांगी में विभिन्न राजनीतिक दलों की गतिविधियां होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। यदि किसी राजनीतिक कार्यक्रम या नेता के दौरे पर टिप्पणी करनी है तो उस पर तथ्यात्मक और राजनीतिक तरीके से सवाल उठाए जा सकते हैं, लेकिन पूरे क्षेत्र की तुलना एक अत्यंत संवेदनशील राजनीतिक प्रतीक से करना उचित नहीं माना जा सकता।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इस तरह की भाषा से पांगी की छवि और यहां रहने वाले लोगों की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। उनका कहना है कि पांगी को किसी विवादित राजनीतिक प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय उसके वास्तविक सामाजिक और जनजातीय संदर्भ को समझना चाहिए।
दूसरी पोस्ट में भी अभद्र भाषा का आरोप
इसी फेसबुक प्रोफाइल से सामने आई एक अन्य पोस्ट में पांगी के लोगों को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं के दौरे और कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी की गई है। इस पोस्ट में भी एक अभद्र एवं अशोभनीय शब्द के इस्तेमाल को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई है।
नागरिकों का कहना है कि राजनीतिक विचारधारा या दलगत मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी क्षेत्र के लोगों को संबोधित करते हुए गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल सार्वजनिक संवाद की मर्यादा के खिलाफ है।
विरोध का आह्वान, लेकिन मर्यादित तरीके से
स्थानीय स्तर पर लोगों ने ऐसी टिप्पणियों का विरोध करने की बात कही है। साथ ही नागरिकों का कहना है कि विरोध भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से होना चाहिए। यदि किसी पोस्ट में कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति प्रशासन या साइबर पुलिस के समक्ष शिकायत कर सकता है।
लोगों ने कहा कि पांगी पर राजनीतिक बहस का स्वागत है, लेकिन पांगी की पहचान और यहां के लोगों के सम्मान के साथ समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मामले में संबंधित फेसबुक प्रोफाइल के संचालक का पक्ष सामने आने के बाद विवादित टिप्पणी के संदर्भ और मंशा की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, सोशल मीडिया पर सामने आई पोस्ट को लेकर पांगी में चर्चा और विरोध जारी है।
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Saach, Chamba | Sep 29, 2026