केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम अभी भी एक जारी प्रयोग है और इसके असली प्रभाव अगले वर्ष तक और स्पष्ट हो पाएंगे।
मतलब, आपकी-हमारी गाड़ियां फिलहाल इस प्रयोग कार्यक्रम की लैब रैट हैं।
और इसके प्रभाव आने वाले सालों में स्पष्ट होंगे।