
*भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की बड़ी कार्रवाई: 1200 बोतल नेपाली शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, दो बाइक जब्त**
**सुरसंड (सीतामढ़ी)।**
भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने मंगलवार को अंधेरे सुबह में तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। 51वीं वाहिनी (Bn) सीतामढ़ी-II के अंतर्गत डी कंपनी (D Coy) सुरसंड के जवानों ने सीमा चौकी (BOP) सुरसंड और सीमा स्तंभ संख्या 304/1 के पास से भारी मात्रा में नेपाली शराब के साथ एक तस्कर को दबोचा है। इस दौरान तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं।
### **नियमित नाका चेकिंग के दौरान मिली सफलता**
मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई उस समय हुई जब एएसआई/जीडी (ASI/GD) नुमल तिमसिना के नेतृत्व में एसएसबी की टीम सीमा क्षेत्र में नियमित नाका ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान नेपाल की ओर से दो बाइकों पर संदिग्ध बोरों को लादकर भारत की सीमा में प्रवेश करने का प्रयास किया जा रहा था। एसएसबी जवानों को देखते ही तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी कर एक आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया।
### **भारी मात्रा में शराब और वाहन जब्त**
एसएसबी टीम द्वारा की गई सघन तलाशी के दौरान दोनों मोटरसाइकिलों से कुल **1200 बोतल गौरव सोफी शराब (मात्रा लगभग 360 लीटर)** बरामद की गई। इसके साथ ही तस्करी में प्रयुक्त एक होंडा शाइन (Honda Shine) और एक हीरो स्प्लेंडर (Hero Splendor) मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया गया है। पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ है कि इस खेप को नेपाल से अवैध रूप से भारत लाया जा रहा था।
### **बाजपट्टी का रहने वाला है गिरफ्तार तस्कर**
पकड़े गए तस्कर की पहचान **छोटू कुमार (20 वर्ष)**, पिता- लालबाबू दास के रूप में हुई है, जो सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी थाना क्षेत्र के रसलपुर गांव का निवासी बताया जा रहा है।
### **कार्रवाई में शामिल जांबाज टीम**
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली एसएसबी नाका पार्टी में पार्टी कमांडर एएसआई/जीडी नुमल तिमसिना के साथ मुख्य रूप से कांस्टेबल (CT/GD) मनोज कुमार, विक्रम कुमार, अभय नारायण प्रसाद और नीरज मेवारी शामिल थे।
एसएसबी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पकड़े गए अभियुक्त, जब्त शराब और वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय सुरसंड पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया (Handing over) की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि इस तस्करी नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं।