
# बीएलओ से मारपीट मामले में ग्रामीणों ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार, शिक्षक पर दर्ज शिकायत को बताया झूठा
**नाथूसरी चौपटा/चोपटा।** चुनाव ड्यूटी के दौरान जेबीटी शिक्षक एवं बीएलओ हरपाल सिंह के साथ हुई कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में गांव नाथूसरी कलां एवं चौपटा क्षेत्र के ग्रामीणों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण से मुलाकात कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के दो दिन बाद आरोपी पक्ष की महिला ने शिक्षक पर दबाव बनाने के उद्देश्य से महिला थाना सिरसा में झूठी शिकायत दर्ज करवाई है।
इससे पहले ग्रामीण गांव के मुख्य चौक स्थित ठाकुर जी मंदिर के पास एकत्रित हुए और बाद में महिला थाना प्रभारी सुनीता से भी मुलाकात की। इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने एसपी दीपक सहारण को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक हरपाल सिंह भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार बूथ नंबर-73, नाथूसरी कलां में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाताओं के घर-घर जाकर फॉर्म वितरित करने और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कराने की सरकारी ड्यूटी निभा रहे थे। आरोप है कि 10 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे जब वह अपने सहायक दीपक कुमार के साथ सरकारी कार्य कर रहे थे, तभी गांव निवासी धर्मवीर मोठिया ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और बाद में कथित रूप से मारपीट कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना में शिक्षक को चोटें आईं और उनके कपड़े भी फट गए।
इस मामले में थाना नाथूसरी चौपटा में एफआईआर नंबर 149 दिनांक 10 जुलाई 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया जा चुका है।
ग्रामीणों का कहना है कि घटना के दो दिन बाद आरोपी पक्ष की महिला द्वारा महिला थाना सिरसा में शिक्षक के खिलाफ छेड़छाड़ के आरोप लगाते हुए शिकायत दी गई, जिसे उन्होंने पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत बताया। उनका आरोप है कि यह शिकायत शिक्षक पर दबाव बनाने और मूल मामले को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई है।
ग्रामीणों और शिक्षक प्रतिनिधियों ने कहा कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व का निर्वहन कर रहे सरकारी कर्मचारी के साथ इस प्रकार की घटना से शिक्षक समाज में रोष और असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। उन्होंने मांग की कि ड्यूटी के दौरान सरकारी कर्मचारी पर हमला करने और यदि जांच में शिकायत झूठी पाई जाती है तो झूठी शिकायत दर्ज कराने वाले लोगों के विरुद्ध भी कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय भय का सामना न करे।
इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि जगतपाल कासनियां, समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, पूर्व सरपंच रणजीत कासनियां, पूर्व सरपंच प्रदीप सिंह, सुरेंद्र कासनियां, बलराम कासनियां, अनिल कासनियां, मास्टर पाला राम, अनिल कुमार, बंसीलाल, नेकी राम, मांगेराम नाई, जेपी कड़वासरा और सेठी कासनियां सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
Sirsa, Sirsa | Jul 13, 2026