
पूर्व जिला अध्यक्ष एवं विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में मोहम्मदी विधानसभा ने भाजपा को लगातार मजबूती दी है। मोहम्मदी भाजपा का ऐसा गढ़ माना जाता है जहां से भाजपा को ऐतिहासिक सफलताएं मिली हैं, और लोकेंद्र प्रताप सिंह लगातार दूसरी बार विधायक बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं।
लेकिन एक सवाल आज भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है... लखीमपुर खीरी में 8 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें मोहम्मदी हमेशा संगठन और राजनीति दोनों में प्रभावशाली रही है। एक समय था जब जिले के भाजपा संगठन में मोहम्मदी का अलग ही जलवा दिखाई देता था। स्वयं लोकेंद्र प्रताप सिंह जिला अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक दायित्व निभा चुके हैं।अब जब भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं तेज हैं, तो क्या इस बार मोहम्मदी को प्रतिनिधित्व मिलेगा? क्या भाजपा युवा मोर्चा का जिला अध्यक्ष मोहम्मदी विधानसभा से होना चाहिए? क्या संगठन को उस क्षेत्र को प्राथमिकता देनी चाहिए जिसने वर्षों तक भाजपा का झंडा बुलंद रखा? या फिर समीकरण कुछ और कह रहे हैं? राजनीति में मेहनत, संगठन, जातीय संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और नेतृत्व क्षमता — सभी की अपनी भूमिका होती है। लेकिन मोहम्मदी के कार्यकर्ताओं के मन में यह सवाल जरूर है कि क्या इस बार भी उनका नंबर आएगा?
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क्या युवा मोर्चा की कमान मोहम्मदी को मिलनी चाहिए? या फिर संगठन कोई नया राजनीतिक समीकरण साधने जा रहा है?
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