झारखंड सरकार राज्य में डाक्टरों की भारी कमी को दूर करने के लिए अब एक बड़ा और सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अब केवल पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) मेडिकल छात्रों ही नहीं, बल्कि एमबीबीएस में नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों से प्रवेश के समय 10 वर्ष का बांड भरवाया जाएगा।
जिसमें उन्हें पीजी भी यहीं से करनी होगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जा रही है, जिसे जल्द लागू किया जा सकता है।
प्रस्ताव के अनुसार सरकारी मेडिकल कालेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को लगभग 10 वर्षों तक झारखंड सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा रहना होगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इससे राज्य के सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों में वर्षों से बनी डाक्टरों की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
Namkum, Ranchi | Jun 13, 2026