
मारवाड़ में MD ड्रग्स फैक्ट्री की साजिश नाकाम, ANTF ने 6 तस्करों को दबोचा
जोधपुर/बाड़मेर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मारवाड़ क्षेत्र में एमडी ड्रग्स बनाने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए बाड़मेर और जोधपुर में संचालित किए जा रहे अवैध नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है तथा भारी मात्रा में एमडी बनाने में प्रयुक्त रसायन, उपकरण और एक कार जब्त की गई है।
एएनटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत टीम को बाड़मेर जिले के धनाऊ क्षेत्र में एमडी ड्रग्स बनाने की तैयारी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने भुणियां गांव स्थित एक खेत में छापेमारी की, जहां एक कमरे में एमडी निर्माण में प्रयुक्त होने वाला अवैध रसायन 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन बड़ी मात्रा में बरामद किया गया। मौके से आरोपियों को हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की गई।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी नारायणराम ने खुलासा किया कि जोधपुर जिले के कापरड़ा थाना क्षेत्र के रामड़ावास कल्ला स्थित उसके मकान में भी एमडी ड्रग्स बनाने के उपकरण और रसायन रखे हुए हैं। इस सूचना पर एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने वहां दबिश दी, जहां से विभिन्न रसायन, तरल पदार्थ, मिश्रित घोल और एमडी निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए।
जांच में सामने आया कि आरोपी आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान थे। बेंगलुरु में मजदूरी के दौरान उनकी मध्यप्रदेश के कुछ युवकों से दोस्ती हुई थी, जिन्हें एमडी निर्माण की जानकारी थी। इसके बाद सभी ने मिलकर अवैध ड्रग्स फैक्ट्री स्थापित कर मोटा मुनाफा कमाने की योजना बनाई। आरोपियों ने इंटरनेट और यूट्यूब की मदद से एमडी बनाने के प्रयास भी किए, लेकिन इससे पहले कि उनका नेटवर्क सक्रिय हो पाता, एएनटीएफ ने पूरी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया।
कार्रवाई के दौरान बाड़मेर से 42.660 किलोग्राम अवैध रसायन से भरा ड्रम और एक कार जब्त की गई, जबकि जोधपुर से डाइक्लोरोमीथेन, एसीटोन, मिथाइलामीन सहित अन्य रसायन और उपकरण बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों में जोधपुर के रामड़ावास कल्ला निवासी नारायणराम, जालोर निवासी अशोक कुमार, बाड़मेर निवासी हेमाराम तथा मध्यप्रदेश के मंदसौर और रतलाम जिले के तीन आरोपी शामिल हैं। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
आईजी विकास कुमार ने कहा कि एएनटीएफ केवल तैयार मादक पदार्थों की जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि नशा बनाने में प्रयुक्त प्रीकर्सर केमिकल्स की सप्लाई चेन पर भी प्रहार कर रही है। उनका कहना है कि यदि मूल रसायनों की उपलब्धता रोक दी जाए तो नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।