Public App Logo
Jansamasya
हादसा
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
कांग्रेस
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Up
अमित_शाह
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Nsui
उत्तरप्रदेश
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Uttarpradesh

Communication - संवाद इस फोटो में मेरे साथ दिख रहा यह व्यक्ति एक चाइनीज़ नागरिक है। इसका नाम है “काइ” काइ पेशे से चाइना में एक सिविल इंजीनियर था, लेकिन हायर स्टडीज और शायद विदेश में बसने के सपने के साथ कुछ वर्ष पहले न्यूज़ीलैंड आ गया। चीन में अपनी पत्नी और ५-६ वर्षीय बच्चे को छोड़कर पिछले करीब १० महीने से यह मेरे साथ घर शेयर करके रह रहा था। न्यूजीलैंड में मकान अकेले किराए में लेना काफ़ी मंहगा पड़ता है, सबसे ज़्यादा खर्चा ही किराए में होता है। इसलिए बड़ा घर किराए में लेकर उसे सबलेट करके शेयर करके रहना “फ्लैटिंग” ज़्यादा किफायती रहता है। पिछले ११ वर्षों में विभिन्न प्रांतों के भारतीय और विदेशी बहुत से लोगों के साथ रहने/काम करने का मौक़ा मिला, अरे खेलना तो मैं भूल ही गया, क्रिकेट भी बहुत खेला। काइ के साथ रहना इन सब अनुभवों से अलग अनुभव था, या ये कहिये कि सारे अनुभव अपने आप में यूनिक होते हैं, यह भी एक अलग अनुभव था। कारण था- Communication प्रॉब्लम। वो निरा चाइनीज़ आदमी, अंग्रेजी उतनी ही जानता है जितनी मोदी जी, जैसे मोदी जी अपने मित्र को ‘दोलांड’ करके संबोधित करते हैं, वैसे ही काइ भी मुझे अक..क्षित, टाइप का कुछ तो बोलता था। अंतर एकमात्र लैंग्वेज का ही नहीं था, ख़ान पान का भी था, मैं शुद्ध शाकाहारी, पिछले ३-४ साल से अंडे से भी दूर। काइ तो भैया चाइनीज़ है, खाने पीने में भेदभाव नहीं करता, एक बार मेरा कोई दूसरा चाइनीज़ मित्र बड़े गर्व से (मज़ाक़ में) कह रहा था कि, ”धरती पर चलती, आकाश में उड़ती, और पानी में तैरती हर चीज हमारा भोजन है।” “We eat everything that crawls, flies or swims.” इस मंगलवार को काइ अपनी मास्टर्स की पढ़ाई का आख़िरी प्रेजेंटेशन ख़त्म करके, अच्छे रोजगार के अवसर की तलाश में न्यूजीलैंड के सबसे बड़े शहर ऑकलैंड में शिफ्ट हो गया, तो मुझे पिछले १० महीने रिफ्लेक्ट करने का मौक़ा मिला। पिछले १० महीने में एक भी मौका नहीं आया जब हमारे बीच कोई विवाद हुआ हो, उसका कारण था एक दूसरे के लिए कंसीडरेट होना। एक दूसरे की संस्कृति, रहन सहन, आदतों इत्यादि को समझना और सम्मान करना। काइ को पता था भाई ये शाकाहारी लोग हैं, तो वो पूरी कोशिश करता था कि घर में मांस की बदबू ना आए, इसलिए मांस पकाते वक्त एग्जॉस्ट के साथ दरवाज़े खिड़कियां भी खोल देता था, और मैं यह समझता था कि भई जो वो बना रहा है वो उसका भोजन है, मैं वह सब नहीं खाता इसका अर्थ यह नहीं है कि वो ऐसा भोजन ना बनाये। इसके अलावा भी बहुत सी छोटी बड़ी बातें हैं। यह सब आज इसलिए लिख रहा हूँ कि जिन लोगों तक मेरी बात पहुँच रही है, वे ये समझें कि काफ़ी सारी समस्याएँ सिर्फ़ एक कम्युनिकेशन गैप या संवाद की कमी के कारण उत्पन्न होती हैं, और बहुत सारी ग़लतफ़हमियाँ तो सिर्फ़ २ मिनट की बातचीत से दूर हो जाती हैं। सामने वाले की बातें प्रेम पूर्वक समझकर और अपनी बातें विनम्रतापूर्वक समझाकर समस्याओं के हल निकल आते हैं। तावबाज़ी से आप ख़ुद देख लो कितना पागलपन दुनिया में छा रखा है, और मिलता क्या है अंत में ? सालों के युद्ध के बाद अंत में समस्याएँ बातचीत और आपसी समझदारी से ही निपटाई जाती हैं। प्रेम प्रेम में तो पाकिस्तानी पठान भी गढ़वाली ब्राह्मण को अपने घर शाकाहारी भोजन के लिए आमंत्रित करता है - but that’s a story for another day. 🫡 अक्षित बड़थ्वाल उक्रांद केंद्रीय उपाध्यक्ष- उक्रांद प्रवासी प्रकोष्ठ सह संपादक- जागो उत्तराखंड

Dehradun, Dehradun | Jun 26, 2026

MORE NEWS

🚨रिस्पना नदी के पुनर्जीवन को मिली नई गति, डीएम ने गठित कराई टास्कफोर्स; 7 दिन में मांगा विस्तृत एक्शन प्लान

 जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में रिस्पना नदी के पुनर्जीवन, संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा एक व्यापक पर्यावरणीय मिशन है।
बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निगम को निर्देशित किया कि रिस्पना नदी के लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में गिरने वाले सभी नालों एवं गार्बेज प्वाइंट्स का चिन्हीकरण किया जाए। साथ ही संपूर्ण क्षेत्र का ड्रोन सर्वे एवं स्ट्रेचवार सर्वे कराकर प्रत्येक स्थान पर कूड़े की मात्रा, सफाई व्यवस्था तथा आवश्यक कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर 07 दिवस के भीतर प्रस्तुत किया जाए।

उन्होंने सिंचाई विभाग को नदी तटों पर घाट निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं नदी किनारे विकसित किए जाने वाले स्थलों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को प्रस्तावित एलिवेटेड रोड निर्माण के अंतर्गत नदी क्षेत्र में आने वाले पिलर्स एवं अन्य संरचनाओं का समुचित तकनीकी प्लान प्रस्तुत करने को कहा।

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को रिस्पना नदी के पुनर्जीवन अभियान के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से एक प्रभावी टास्कफोर्स गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी में कूड़ा गिरने की समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब आमजन के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाया जाए। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने नगर पालिका मसूरी को निर्देश दिए कि मसूरी क्षेत्र में रिस्पना नदी के अंतर्गत आने वाले हिस्सों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखी जाए तथा किसी भी प्रकार का अपशिष्ट नदी में न जाने दिया जाए। वहीं वन विभाग को नदी के पुनरुद्धार एवं पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत व्यापक वृक्षारोपण एवं हरित पट्टी विकसित करने की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना नदी के पुनर्जीवन के लिए शॉर्ट टर्म एवं लॉन्ग टर्म रणनीति के अनुरूप कार्य किए जाएं। शॉर्ट टर्म योजना के अंतर्गत नदी एवं उसके आसपास जमा कूड़े का तत्काल उठान, गार्बेज प्वाइंट्स का उन्मूलन, नदी में कूड़ा फेंकने पर रोक तथा जनजागरूकता अभियान को प्राथमिकता दी जाए। वहीं लॉन्ग टर्म योजना के तहत घाट निर्माण, नदी तटों का सौंदर्यीकरण, हरित विकास, आधारभूत संरचनाओं का विकास तथा नदी संरक्षण के लिए स्थायी एवं समग्र कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन देहरादून की पर्यावरणीय धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, नगर मजिस्टेªट आशीष तिवारी, नगर निगम, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, नगर पालिका मसूरी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

🚨रिस्पना नदी के पुनर्जीवन को मिली नई गति, डीएम ने गठित कराई टास्कफोर्स; 7 दिन में मांगा विस्तृत एक्शन प्लान जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में रिस्पना नदी के पुनर्जीवन, संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा एक व्यापक पर्यावरणीय मिशन है। बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निगम को निर्देशित किया कि रिस्पना नदी के लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में गिरने वाले सभी नालों एवं गार्बेज प्वाइंट्स का चिन्हीकरण किया जाए। साथ ही संपूर्ण क्षेत्र का ड्रोन सर्वे एवं स्ट्रेचवार सर्वे कराकर प्रत्येक स्थान पर कूड़े की मात्रा, सफाई व्यवस्था तथा आवश्यक कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर 07 दिवस के भीतर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग को नदी तटों पर घाट निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं नदी किनारे विकसित किए जाने वाले स्थलों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को प्रस्तावित एलिवेटेड रोड निर्माण के अंतर्गत नदी क्षेत्र में आने वाले पिलर्स एवं अन्य संरचनाओं का समुचित तकनीकी प्लान प्रस्तुत करने को कहा। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को रिस्पना नदी के पुनर्जीवन अभियान के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से एक प्रभावी टास्कफोर्स गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी में कूड़ा गिरने की समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब आमजन के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाया जाए। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नगर पालिका मसूरी को निर्देश दिए कि मसूरी क्षेत्र में रिस्पना नदी के अंतर्गत आने वाले हिस्सों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखी जाए तथा किसी भी प्रकार का अपशिष्ट नदी में न जाने दिया जाए। वहीं वन विभाग को नदी के पुनरुद्धार एवं पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत व्यापक वृक्षारोपण एवं हरित पट्टी विकसित करने की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना नदी के पुनर्जीवन के लिए शॉर्ट टर्म एवं लॉन्ग टर्म रणनीति के अनुरूप कार्य किए जाएं। शॉर्ट टर्म योजना के अंतर्गत नदी एवं उसके आसपास जमा कूड़े का तत्काल उठान, गार्बेज प्वाइंट्स का उन्मूलन, नदी में कूड़ा फेंकने पर रोक तथा जनजागरूकता अभियान को प्राथमिकता दी जाए। वहीं लॉन्ग टर्म योजना के तहत घाट निर्माण, नदी तटों का सौंदर्यीकरण, हरित विकास, आधारभूत संरचनाओं का विकास तथा नदी संरक्षण के लिए स्थायी एवं समग्र कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन देहरादून की पर्यावरणीय धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, नगर मजिस्टेªट आशीष तिवारी, नगर निगम, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, नगर पालिका मसूरी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Dehradun, Dehradun | Jun 27, 2026

परिवार में क्या है ऐसी दुश्मनी जो विधवा पुत्रवधू में बयान की अपनी पीड़ा

परिवार में क्या है ऐसी दुश्मनी जो विधवा पुत्रवधू में बयान की अपनी पीड़ा

Dehradun, Dehradun | Jun 27, 2026

गढ़वाल की 330 मेगावाट श्रीनगर जलविद्युत परियोजना के अडानी समूह के अधिग्रहण को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है।

कांग्रेस ने राज्य सरकार पर कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। प्रदेश प्रवक्ता सुजाता पॉल ने कहा कि प्रदेश की जमीन, जल और प्राकृतिक संसाधनों को लगातार बड़े उद्योगपतियों के हवाले किया जा रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और भूकंप जैसी संवेदनशील चुनौतियों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।
देखिए कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता सुजाता पॉल ने इस मुद्दे पर क्या कहा.

#SrinagarHydelProject  
#AdaniGroupUttarakhand  
#CongressVsBJP  
#SujataPaul  
#PahadKeSansadhan

गढ़वाल की 330 मेगावाट श्रीनगर जलविद्युत परियोजना के अडानी समूह के अधिग्रहण को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। प्रदेश प्रवक्ता सुजाता पॉल ने कहा कि प्रदेश की जमीन, जल और प्राकृतिक संसाधनों को लगातार बड़े उद्योगपतियों के हवाले किया जा रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और भूकंप जैसी संवेदनशील चुनौतियों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। देखिए कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता सुजाता पॉल ने इस मुद्दे पर क्या कहा. #SrinagarHydelProject #AdaniGroupUttarakhand #CongressVsBJP #SujataPaul #PahadKeSansadhan

Dehradun, Dehradun | Jun 27, 2026

यूकेडी नेता आशीष नेगी की जनता से बड़ी अपील।

'1984' और 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' को लेकर जारी विवाद के बीच आशीष नेगी ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और अब पूरे विवाद का असली चेहरा सामने आ गया है।
वीडियो में आशीष नेगी ने जनता से अपील करते हुए पूरे मामले को तथ्यों के आधार पर समझने की बात कही और अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी।
पूरा वीडियो देखें और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

#AshishNegiAppeal  
#UKDLeaderVideo  
#OperationBlueStarVivad  
#UttarakhandPolitics  
#1984Controversy

यूकेडी नेता आशीष नेगी की जनता से बड़ी अपील। '1984' और 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' को लेकर जारी विवाद के बीच आशीष नेगी ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और अब पूरे विवाद का असली चेहरा सामने आ गया है। वीडियो में आशीष नेगी ने जनता से अपील करते हुए पूरे मामले को तथ्यों के आधार पर समझने की बात कही और अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। पूरा वीडियो देखें और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। #AshishNegiAppeal #UKDLeaderVideo #OperationBlueStarVivad #UttarakhandPolitics #1984Controversy

Dehradun, Dehradun | Jun 27, 2026

आशीष नेगी के '1984' और 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' संबंधी बयान पर जारी विवाद के बीच यूकेडी ने दिया अपना पक्ष।

उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय नेता देवचंद उत्तराखंडी ने कहा कि आशीष नेगी के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उनका कहना है कि बयान का उद्देश्य किसी धर्म, जाति या समुदाय को बांटना नहीं था।

यूकेडी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय दल पार्टी की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही स्पष्ट किया कि उत्तराखंड क्रांति दल हमेशा से हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सहित सभी समुदायों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी रही है और सामाजिक सौहार्द व उत्तराखंड की एकता में विश्वास रखती है।

#AshishNegiVivad  
#UKDStatement  
#DevchandUttarakhandi  
#UttarakhandKrantiDal  
#pahadkirajneeti

आशीष नेगी के '1984' और 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' संबंधी बयान पर जारी विवाद के बीच यूकेडी ने दिया अपना पक्ष। उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय नेता देवचंद उत्तराखंडी ने कहा कि आशीष नेगी के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उनका कहना है कि बयान का उद्देश्य किसी धर्म, जाति या समुदाय को बांटना नहीं था। यूकेडी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय दल पार्टी की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही स्पष्ट किया कि उत्तराखंड क्रांति दल हमेशा से हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सहित सभी समुदायों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी रही है और सामाजिक सौहार्द व उत्तराखंड की एकता में विश्वास रखती है। #AshishNegiVivad #UKDStatement #DevchandUttarakhandi #UttarakhandKrantiDal #pahadkirajneeti

Dehradun, Dehradun | Jun 27, 2026

Communication - संवाद इस फोटो में मेरे साथ दिख रहा यह व्यक्ति एक चाइनीज़ नागरिक है। इसका नाम है “काइ” काइ पेशे से चाइना में एक सिविल इंजीनियर था, लेकिन हायर स्टडीज और शायद विदेश में बसने के सपने के साथ कुछ वर्ष पहले न्यूज़ीलैंड आ गया। चीन में अपनी पत्नी और ५-६ वर्षीय बच्चे को छोड़कर पिछले करीब १० महीने से यह मेरे साथ घर शेयर करके रह रहा था। न्यूजीलैंड में मकान अकेले किराए में लेना काफ़ी मंहगा पड़ता है, सबसे ज़्यादा खर्चा ही किराए में होता है। इसलिए बड़ा घर किराए में लेकर उसे सबलेट करके शेयर करके रहना “फ्लैटिंग” ज़्यादा किफायती रहता है। पिछले ११ वर्षों में विभिन्न प्रांतों के भारतीय और विदेशी बहुत से लोगों के साथ रहने/काम करने का मौक़ा मिला, अरे खेलना तो मैं भूल ही गया, क्रिकेट भी बहुत खेला। काइ के साथ रहना इन सब अनुभवों से अलग अनुभव था, या ये कहिये कि सारे अनुभव अपने आप में यूनिक होते हैं, यह भी एक अलग अनुभव था। कारण था- Communication प्रॉब्लम। वो निरा चाइनीज़ आदमी, अंग्रेजी उतनी ही जानता है जितनी मोदी जी, जैसे मोदी जी अपने मित्र को ‘दोलांड’ करके संबोधित करते हैं, वैसे ही काइ भी मुझे अक..क्षित, टाइप का कुछ तो बोलता था। अंतर एकमात्र लैंग्वेज का ही नहीं था, ख़ान पान का भी था, मैं शुद्ध शाकाहारी, पिछले ३-४ साल से अंडे से भी दूर। काइ तो भैया चाइनीज़ है, खाने पीने में भेदभाव नहीं करता, एक बार मेरा कोई दूसरा चाइनीज़ मित्र बड़े गर्व से (मज़ाक़ में) कह रहा था कि, ”धरती पर चलती, आकाश में उड़ती, और पानी में तैरती हर चीज हमारा भोजन है।” “We eat everything that crawls, flies or swims.” इस मंगलवार को काइ अपनी मास्टर्स की पढ़ाई का आख़िरी प्रेजेंटेशन ख़त्म करके, अच्छे रोजगार के अवसर की तलाश में न्यूजीलैंड के सबसे बड़े शहर ऑकलैंड में शिफ्ट हो गया, तो मुझे पिछले १० महीने रिफ्लेक्ट करने का मौक़ा मिला। पिछले १० महीने में एक भी मौका नहीं आया जब हमारे बीच कोई विवाद हुआ हो, उसका कारण था एक दूसरे के लिए कंसीडरेट होना। एक दूसरे की संस्कृति, रहन सहन, आदतों इत्यादि को समझना और सम्मान करना। काइ को पता था भाई ये शाकाहारी लोग हैं, तो वो पूरी कोशिश करता था कि घर में मांस की बदबू ना आए, इसलिए मांस पकाते वक्त एग्जॉस्ट के साथ दरवाज़े खिड़कियां भी खोल देता था, और मैं यह समझता था कि भई जो वो बना रहा है वो उसका भोजन है, मैं वह सब नहीं खाता इसका अर्थ यह नहीं है कि वो ऐसा भोजन ना बनाये। इसके अलावा भी बहुत सी छोटी बड़ी बातें हैं। यह सब आज इसलिए लिख रहा हूँ कि जिन लोगों तक मेरी बात पहुँच रही है, वे ये समझें कि काफ़ी सारी समस्याएँ सिर्फ़ एक कम्युनिकेशन गैप या संवाद की कमी के कारण उत्पन्न होती हैं, और बहुत सारी ग़लतफ़हमियाँ तो सिर्फ़ २ मिनट की बातचीत से दूर हो जाती हैं। सामने वाले की बातें प्रेम पूर्वक समझकर और अपनी बातें विनम्रतापूर्वक समझाकर समस्याओं के हल निकल आते हैं। तावबाज़ी से आप ख़ुद देख लो कितना पागलपन दुनिया में छा रखा है, और मिलता क्या है अंत में ? सालों के युद्ध के बाद अंत में समस्याएँ बातचीत और आपसी समझदारी से ही निपटाई जाती हैं। प्रेम प्रेम में तो पाकिस्तानी पठान भी गढ़वाली ब्राह्मण को अपने घर शाकाहारी भोजन के लिए आमंत्रित करता है - but that’s a story for another day. 🫡 अक्षित बड़थ्वाल उक्रांद केंद्रीय उपाध्यक्ष- उक्रांद प्रवासी प्रकोष्ठ सह संपादक- जागो उत्तराखंड - Dehradun News