
खाकी हुई कलंकित: समस्तीपुर में मरीज को ले जा रहे परिवार से बदसलूकी, गर्भवती महिला सड़क पर गिरी
समस्तीपुर की सड़कों पर 'सुरक्षा' के दावे उस समय हवा-हवाई साबित हो गए, जब वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों की संवेदनहीनता और बर्बरता का एक शर्मनाक मामला सामने आया.आरोप है कि अस्पताल जा रहे एक परिवार से न केवल अवैध वसूली की कोशिश की गई, बल्कि विरोध करने पर मारपीट भी की गई। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में बाइक पर सवार गर्भवती महिला सड़क पर गिरकर बेहोश हो गई।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक अपनी गर्भवती भाभी की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए बाइक से अस्पताल ले जा रहा था। इस दौरान रास्ते में ट्रैफिक पुलिस ने चेकिंग के नाम पर उनकी बाइक रोक ली। आरोप है कि महिला की गंभीर हालत को नजरअंदाज करते हुए पुलिसकर्मियों ने दस्तावेजों या हेलमेट का हवाला देकर ₹3,500 की अवैध मांग की।
विरोध करने पर की मारपीट
पीड़ित युवक ने जब पुलिस की इस अवैध मांग का विरोध किया और घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग करनी चाही, तो पुलिसकर्मी आपा खो बैठे। पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। इस अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की के बीच, पीछे बैठी गर्भवती महिला अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई और तुरंत अचेत हो गई।
प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस के इस अमानवीय व्यवहार पर तीखी नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्या खाकी का काम अब केवल जनता को प्रताड़ित करना रह गया है? पुलिस का यह रवैया न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी तार-तार करने वाला है।
कार्रवाई की मांग
इस घटना ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। फिलहाल, इस मामले में विभाग की ओर से किसी भी अधिकारी ने आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर पुलिस की इस बर्बरता के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश है। लोग मामले की उच्च-स्तरीय जांच और दोषियों को सेवा से बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं।
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