
हमीरपुर का मुख्यमंत्री राजेंद्र राणा को रास नहीं आ रहा : रुबल सिंह ठाकुर
हमीरपुर
पूर्व विधायक सुजानपुर राजेंद्र राणा इन दिनों विकास की राजनीति नहीं, बल्कि केवल बयानबाज़ी की राजनीति कर रहे हैं। लगभग हर दूसरे दिन वे प्रेस वार्ता कर माननीय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ अनर्गल, निराधार और तथ्यहीन आरोप लगाकर राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।
हकीकत यह है कि जिस हमीरपुर जिले की जनता वर्षों तक बड़े विकास कार्यों का इंतजार करती रही, उसी हमीरपुर को आज मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में ऐतिहासिक सौगातें मिल रही हैं। प्रदेश का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक बस अड्डा हमीरपुर में बन रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे से जुड़े अनेक विकास कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि यह विकास राजेंद्र राणा को रास नहीं आ रहा।
ऐसा प्रतीत होता है कि राजेंद्र राणा आज भी इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि हमीरपुर ने प्रदेश को मुख्यमंत्री दिया है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जिला विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। यही कारण है कि वे विकास कार्यों की चर्चा करने के बजाय हर मंच से केवल मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत और राजनीतिक हमले करने में व्यस्त रहते हैं।
राजनीति में स्वस्थ आलोचना का स्वागत है, लेकिन केवल विरोध के लिए विरोध करना जनता के साथ न्याय नहीं है। यदि राजेंद्र राणा वास्तव में हमीरपुर के हितैषी हैं, तो उन्हें विकास कार्यों में सहयोग देना चाहिए, न कि जनता को भ्रमित करने का प्रयास करना चाहिए।
हमीरपुर की जनता सब देख रही है। जनता यह भी जानती है कि एक तरफ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू विकास को नई गति दे रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ नेता केवल नकारात्मक राजनीति के सहारे अपनी खोई हुई राजनीतिक ज़मीन तलाश रहे हैं। आने वाले समय में जनता विकास और बयानबाज़ी के बीच का अंतर अपने लोकतांत्रिक निर्णय से स्पष्ट कर देगी।