दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्मभूषण, राष्ट्रपति भवन में भावुक पल
देश की राजधानी स्थित राष्ट्रपति भवन में मंगलवार, 23 जून को आयोजित समारोह एक ऐतिहासिक और भावुक क्षण का साक्षी बना, जब झारखंड आंदोलन के महान पुरोधा और आदिवासियों के मसीहा दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्मभूषण सम्मान से नवाजा गया।
यह सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन की अस्मिता के लिए दशकों तक चले संघर्ष को देश की ओर से दी गई सच्ची श्रद्धांजलि थी। जैसे ही शिबू सोरेन का नाम पुकारा गया, पूरा सभागार सम्मान और गौरव की भावना से भर उठा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह प्रतिष्ठित सम्मान उनकी धर्मपत्नी रूपी सोरेन को प्रदान किया। इस दौरान मंच पर भावनात्मक माहौल देखने को मिला। रूपी सोरेन ने अपने जीवनसाथी के संघर्ष, त्याग और आदिवासी समाज के हक की लड़ाई का प्रतीक बनकर यह सम्मान ग्रहण किया।
ऐसा लगा मानो रामगढ़ के नेमरा गांव की पगडंडियों से शुरू हुआ उनका संघर्ष आज देश के सर्वोच्च मंच पर सम्मान के रूप में स्थापित हो गया हो।
केंद्र सरकार ने 25 जनवरी 2026 को लोक कल्याण के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए इस सम्मान की घोषणा की थी, जो आज साकार हुआ।
इस ऐतिहासिक अवसर पर उनकी बहू कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं और इस गौरवपूर्ण पल की साक्षी बनीं।
Simdega, Simdega | Jun 23, 2026