
कुछ हज़ार रुपए के लालच में न गवाएँ अपना भविष्य!
हाल ही में हमने देखा है की कई लोग, ख़ास तौर से युवाओं ने अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को कुछ हज़ार रुपए के बदले दे दिए है। पहले साइबर ठगी की FIR दर्ज नहीं होती थी। अब प्रत्येक ठगी की फिर दर्ज हो रही है। पुलिस अपराधियों से पहले बैंक खाताधारकों को पकड़ रही है। पकड़े जाना तय है । तब कुछ हज़ार के लालच में लाखों रुपये कोर्ट कचहरी में लग जाएँगे । जिंदगी ख़राब हो जाएगी। अतः तुरंत अपने ऐसे बैंक खाते बंद करवा दें ।
वर्ष 2026 में राजस्थान पुलिस की cyber cell ने राज्य भर में 82,400 से अधिक ऐसे 'म्यूल बैंक खातों' की पहचान की है, जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम घुमाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 723 से अधिक FIR दर्ज कीं और 650 से ज्यादा खाताधारकों और एजेंटों को गिरफ्तार किया।
सच्चाई जो आपको जाननी ज़रूरी है:
* अब cyber fraud की हर शिकायत पर अनिवार्य रूप से FIR दर्ज की जा रही है।
* Cyber सेल की जांच में जिस खाते में पैसे ट्रांसफर होते हैं, सबसे पहले उसी खाताधारक (Account Holder) को गिरफ्तार किया जाता है।
* मुख्य अपराधी तक पहुँचने से पहले ही आपका नाम पुलिस रिकॉर्ड और कोर्ट के मामलों में दर्ज हो जाता है, जिससे सरकारी नौकरी, पासपोर्ट और करियर हमेशा के लिए प्रभावित हो सकता है।
राजस्थान पुलिस की सलाह:
* अपना कोई भी बैंक खाता, सिम कार्ड, ATM कार्ड या UPI क्रैडेंशियल किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
* अगर आपने अनजाने में किसी को अपना खाता इस्तेमाल करने दिया है, तो तुरंत अपने बैंक जाकर उसे ब्लॉक/बंद करवाएं और पुलिस को सूचित करें।
Cyber Fraud होने पर बिना देरी किए साइबर Helpline नंबर 1930, WhatsApp नंबर: 9256001930, 9257510100 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
राजस्थान पुलिस - आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर।
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