
करोड़ों की कृषि भूमि हड़पने की साजिश: बीमार किसान के साथ धोखाधड़ी, 8 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज
L.b. Bhakhar #LalBahadurbhakarjournalist
पीलीबंगा हनुमानगढ़ :- (राजस्थान)
बीमार किसान की करोड़ों रुपये की नहरी कृषि भूमि को फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पीलीबंगा थाना पुलिस ने अदालत के आदेश (इस्तगासे) पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो स्थानीय निवासियों सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
दर्ज एफआईआर के अनुसार, गोलूवाला निवासी पीड़ित किसान गगनदीप सिंह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। आरोप है कि उनकी इस लाचारी और बीमारी का फायदा उठाकर आरोपियों ने उनकी करोड़ों रुपये मूल्य की कीमती नहरी कृषि भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने और उसे हड़पने का एक सुनियोजित ताना-बाना बुना।
परिवादी गगनदीप सिंह ने शिकायत में स्पष्ट किया है कि उन्होंने पहले जो भी राशि ली थी, उसका पूरा भुगतान वे समय रहते वापस कर चुके थे। इसके बावजूद, आरोपियों ने उनके साथ विश्वासघात किया।
मुख्य आरोप यह कि आरोपियों ने वर्ष 2024 और 2026 में अलग-अलग तारीखों में जमीन से जुड़े कई फर्जी इकरारनामे और कूट रचित (जाली) दस्तावेज तैयार किए। इन कागजातों में लाखों रुपये नकद और चेक के जरिए भुगतान करना दर्शाया गया, जबकि वास्तविकता में पीड़ित किसान को ऐसी कोई राशि प्राप्त नहीं हुई थी।
अदालत के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने न्यायलय के आदेश पर इस साजिश में शामिल राजस्थान और हरियाणा के रहने वाले शिमला (पत्नी सुधीर जाट),अभिमन्यु सहारण (पुत्र भीमसैन, सादुलशहर,सिद्धार्थ गोदारा(पुत्र रमेश गोदारा),शैलेन्द्र कुमार (पुत्र अंतराम जाट),भीमसेन (पुत्र शैलेन्द्र जाट),विक्रम गोदारा (पुत्र मनीराम जाट),पंकज(पुत्र नेकीराम बिश्नोई),,चेतन शर्मा (पुत्र सोहनलाल शर्मा) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है
अदालत से प्राप्त इस्तगासे पर केस दर्ज करने के बाद पीलीबंगा पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब जमीन से जुड़े उन सभी दस्तावेजों और इकरारनामों की प्रामाणिकता की जांच कर रही है, जिन्हें परिवादी ने फर्जी और कूटरचित बताया है।
पत्रकार लालबहादुर भाखर संवाददाता