
मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय अनुशासन और सरकारी खर्चों में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्त विभाग ने बजट वर्ष 2027-28 के लिए बजटीय प्रावधानों में व्यापक बदलाव करते हुए 74 पुरानी बजटीय मदों को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही मंत्रियों और विधायकों को मिलने वाले भोजन, त्योहार और अवकाश यात्रा जैसे विशेष भत्तों पर भी रोक लगा दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत सरकारी खर्चों की कोडिंग प्रणाली में भी बदलाव किया जाएगा, जिससे विभागवार व्यय की निगरानी अधिक प्रभावी हो सके। सरकार का उद्देश्य बजट प्रबंधन को आधुनिक बनाना, अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण करना और वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, समाप्त की गई बजटीय मदों के स्थान पर नई और अधिक व्यवस्थित व्यवस्था लागू होगी। इससे बजट तैयार करने, खर्च दर्ज करने और लेखांकन प्रक्रिया में एकरूपता आएगी। साथ ही सरकारी योजनाओं और विभागीय व्यय का आकलन पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और आसान होगा।
सरकार का मानना है कि इन बदलावों से सार्वजनिक धन के उपयोग में जवाबदेही बढ़ेगी और वित्तीय प्रबंधन अधिक प्रभावी बनेगा। आगामी बजट में नई कोडिंग व्यवस्था और संशोधित बजटीय ढांचा लागू होने के बाद सभी विभागों को उसी के अनुरूप कार्य करना होगा।
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