
शिक्षा विभाग में स्थानांतरण हुए, अब व्यवस्था भी संभालनी होगी
संगरिया की आवाज़।
राजस्थान सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में लंबे समय बाद बड़े स्तर पर किए गए स्थानांतरण निश्चित रूप से एक सकारात्मक कदम हैं। वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों और शिक्षकों का स्थानांतरण प्रशासनिक दृष्टि से आवश्यक भी था।
लेकिन इसके साथ ही उन कुप्रभावों पर भी गंभीर मंथन होना चाहिए जो इन तबादलों के कारण सामने आए हैं। अनेक विद्यालयों में प्राचार्य और शिक्षकों के पद खाली हो गए हैं। कई स्कूलों में पूरा स्टाफ बदल गया, जबकि कुछ जगहों पर स्थानांतरण तो कर दिए गए, लेकिन रिक्त पदों पर नए कार्मिकों की नियुक्ति नहीं हुई।
सबसे अधिक चिंता उन अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की है, जहां अनुभवी प्राध्यापकों को अन्य हिंदी माध्यम विद्यालयों में भेज दिया गया, लेकिन उनके स्थान पर किसी योग्य शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई। ऐसे में वर्षों की मेहनत से बेहतर परिणाम देने वाले विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है।
प्रश्न यह भी है कि बिना प्राचार्य के विद्यालयों का प्रभावी संचालन कैसे होगा? विद्यार्थियों की पढ़ाई, प्रशासनिक कार्य और शिक्षा की गुणवत्ता पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
राज्य सरकार को चाहिए कि स्थानांतरण प्रक्रिया के बाद उत्पन्न हुई इन व्यावहारिक समस्याओं की तत्काल समीक्षा करे। जहां पद रिक्त हैं, वहां शीघ्र नियुक्तियां की जाएं तथा जिन विद्यालयों की व्यवस्था प्रभावित हुई है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। स्थानांतरण तभी सफल माने जाएंगे जब शिक्षा व्यवस्था भी पहले की तरह सुचारु और गुणवत्तापूर्ण बनी रहे।
Vijay Singh Beniwal
संगरिया की आवाज़
Gurdeep Singh Shahpini Pramod Delu MADAN DILAWAR District Collector & Magistrate - Hanumangarh MGGS Dhaban Government of Rajasthan
Pmshri State School sangaria
PM SHRI MGGS Ratanpura ,Sangaria
#संगरिया विधानसभा क्षेत्र में
क्या आपके भी नजदीक के किसी विद्यालय में स्थानांतरण की वजह से शिक्षक सीट खाली हुई है तो उसे भरने के लिए अपने गांव के सरपंच ,पंचायत समिति सदस्य ,जिला परिषद सदस्य, व सत्तापक्ष से जुड़े हुए विधायक , सांसद ,भाजपा जिला अध्यक्ष से एक बार संपर्क कर सीट को अवश्य भरवाने की कोशिश की जाए ताकि अपने-अपने गांव में शिक्षा व्यवस्था फिर पूर्ण रूप से सुचारू हो सके, स्थानांतरण होना एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन उसके स्थान पर किसी भी योग्य व्यक्ति को लाना भी हमारे जनप्रतिनिधियों का धर्म बनता है।
विजयसिहं बैनिवाल