
FIR दर्ज कराने के लिए भी नेता को थाने में धरना देना पड़ेगा क्या? — अजय गौतम
पंचकूला, 22 अगस्त। जिला उपाध्यक्ष पंचकूला कांग्रेस कमेटी अजय गौतम ने राहुल गांधी द्वारा थाने में करीब सात घंटे बैठकर विरोध दर्ज कराने के बाद एफआईआर दर्ज होने को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
अजय गौतम ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब देश में किसी आम नागरिक की शिकायत पर एफआईआर तभी दर्ज होगी, जब कोई बड़ा नेता थाने में सात घंटे बैठकर धरना देगा? उन्होंने कहा कि यदि किसी युवा पर लाठीचार्ज या पेलेट गन का इस्तेमाल हुआ और पीड़ित की शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की गई, तो सवाल उठता है कि कानून के मुताबिक यह कार्रवाई पहले क्यों नहीं की गई।
गौतम ने कहा कि कानून की नजर में आम नागरिक और नेता दोनों बराबर होने चाहिए। किसी भी पीड़ित की शिकायत बिना राजनीतिक दबाव या सिफारिश के तुरंत दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
अजय गौतम ने कहा कि यदि हर एफआईआर के लिए विपक्षी नेताओं को थाने में धरना देना पड़ेगा, तो फिर पुलिस व्यवस्था और कानून के राज का क्या मतलब रह जाएगा। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि शिकायतें मिलने के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को इस तरह की व्यवस्था को समाप्त करना चाहिए और पुलिस प्रशासन को कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश देने चाहिए। किसी भी युवा, किसान, मजदूर या आम नागरिक को न्याय पाने के लिए राजनीतिक संरक्षण की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए।
अजय गौतम ने कहा कि कांग्रेस आम जनता के साथ अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।
उन्होंने कहा, “एफआईआर किसी नेता के धरने का परिणाम नहीं, बल्कि कानून के राज के तहत हर नागरिक का अधिकार होनी चाहिए। शिकायत सही है तो कार्रवाई तुरंत होनी चाहिए—सात घंटे के धरने के बाद नहीं।”
अजय गौतम
जिला उपाध्यक्ष, पंचकूला कांग्रेस कमेटी
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