
अदम्य साहस की मिसाल : कैप्टन स्मित मच्छार को भारत रत्न देने की मांग, भिवानी में गूंजा वीरता का जयघोष
भिवानी, 02 अक्तूबर : हवाई इतिहास में अदम्य साहस और सूझबूझ का अद्वितीय उदाहरण पेश करने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिए जाने की मांग उठी है। स्थानीय गौशाला मार्केट स्थित भारत माता अभिनंदन संगठन (रजि.) के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित एक विशेष बैठक में यह मांग प्रमुखता से रखी गई। बैठक को संबोधित करते हुए भारत माता अभिनंदन दिवस के प्रणेता डा. पुरुषोत्तम दास मित्तल राजधानी कॉपी वाले ने कहा कि 30 सितंबर का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज हो चुका है। आसमान में जब कुवैत से तेल अवीव जा रहा फ्लाइंग दुबई विमान180 यात्रियों से भरा यह विमान गंभीर संकट में फंसा और अनहोनी की आशंका से कोहराम मच गया, तब कैप्टन स्मित मच्छार ने देवदूत बनकर कमान संभाली। कॉकपिट में विवाद सुलझाने के दौरान चाकू का वार अपनी छाती पर झेलने के बावजूद, उन्होंने लहूलुहान हालत में विमान का अद्भुत नियंत्रण किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित जमीन पर उतार दिया। डा. मित्तल ने भावुक होते हुए बयान दिया कि यह कारनामा किसी चमत्कार से कम नहीं है। दादरी विमान हादसे की यादों को ताजा करते हुए उन्होंने कहा कि यदि थोड़ी सी भी चूक होती, तो सैकड़ों निर्दोष जानें जा सकती थीं। कैप्टन स्मित ने विषम परिस्थितियों में भी अपना हिन्दू धर्म होने काकर्तव्य निभाकर पूरी दुनिया के सामने भारत का सिर गर्व से ऊंचा किया है। आज विश्व भर में उनके इस अदम्य पराक्रम की सराहना हो रही है। संगठन ने केंद्र सरकार से पुरजोर अपील की है कि भारत माता के इस जांबाज सपूत को त्वरित रूप से भारत रत्न से अलंकृत किया जाए। साथ ही ऐसे वीर सपूत को जन्म देने वाली उनकी माता को भी देश के सर्वोच्च महिला सम्मान से नवाजा जाए। इस असाधारण शौर्य की चर्चा के दौरान बैठक में मौजूद सभी सदस्यों के रोंगटे खड़े हो गए और सभी ने एक स्वर में कैप्टन के दीर्घायु जीवन की कामना की। इसके साथ साथ मिस्टर मित्तल ने बताया कि आज पूरे इजरायल में हिंदू धर्म की जय जयकार हो रही है। भारत माता के इस महान सपूत को सलाम किया जा रहा है। कुछ मुस्लिमों ने भी कैप्टेन स्मित मच्छआर की तुलना हिंदुओं के भगवान हनुमान से की है। हनुमान जी को अदम्य साहस एवं संकट मोचन के नाम से पूजा जाता है इस अवसर पर इंडियन नेशनल लोकदल कार्यकर्ता मंजू मित्तल राजधानी, पवन अग्रवाल, अरुण गोयल , ऑफिस इंचार्ज संजय कुमार, मोनू, संजय पायलट, संदीप कायला, प्रहलाद मालो, दीपक बंगाली, राजेश प्रजापत, सतबीर शर्मा, तुषार मुटरेजा, बाबा सुनील, सुखबीर, रामशरण सोनी, नरेश शर्मा, दीपक जैन चौक इत्यादि मौजूद रहे।