परियोजना से प्रतिदिन लगभग 8 से 9 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन होगा, जिसे विद्युत वितरण कंपनी को सप्लाई किया जाएगा। इससे नगर निगम को हर महीने लाखों रुपये की बचत होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। लगभग 10 बीघा अनुपयोगी पहाड़ी भूमि पर विकसित होने वाले इस प्लांट का संचालन और रखरखाव अगले 10 वर्षों तक संबंधित एजेंसी करेगी। नगर निगम का मानना है कि यह परियोजना न केवल हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाएगी, बल्कि शहर के बढ़ते बिजली खर्च को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।