
पीलीबंगा: प्लॉट कब्जे के विवाद में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज, 5 नामजद; मारपीट और चेन स्नेचिंग का आरोप
L.b. Bhakhar #lalbahadurbhalharjournlist
पीलीबंगा हनुमानगढ़
पीलीबंगा उपखंड क्षेत्र के गांव सदासिंहवाला में एक भूखंड (प्लॉट) पर जबरन कब्जे को लेकर मारपीट, चोरी और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित की अर्जी पर अदालत (इस्तगासा) के आदेश के बाद पुलिस ने दो महिलाओं सहित पांच नामजद लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई रिपोर्ट में सदासिंहवाला निवासी धर्माराम पुत्र मुंशीराम ने बताया कि उसने बीती 20 अप्रैल 2026 को गांव में एक भूखंड खरीदा था। सुरक्षा के लिहाज से उसने प्लॉट की चारदीवारी करवाकर बकायदा गेट पर ताला लगा दिया था।
पीड़ित का आरोप है कि 16 मई 2026 की सुबह आरोपी रणजीत कुमार, मांगीलाल, राकेश कुमार, सुगना और धापू लाठियों से लैस होकर आए। आरोपियों ने गेट का ताला तोड़कर प्लॉट में जबरन प्रवेश किया। जब धर्माराम ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
शिकायत के अनुसार, मारपीट के दौरान आरोपी धापू ने धर्माराम के गले में पहनी हुई करीब दो तोला चांदी की चेन भी तोड़ ली। वहीं, अन्य आरोपियों ने थप्पड़ मारे और उसे जान से मारने की धमकी दी।
परिवादी का यह भी गंभीर आरोप है कि आरोपी प्लॉट पर अपना हक (पजेशन) साबित करना चाहते थे। इसके लिए वे प्लॉट में रखा सामान समेटकर अपने साथ ले गए और सोची-समझी साजिश के तहत दो महिलाओं को बच्चों सहित वहां बैठा दिया, ताकि कोर्ट-कचहरी में वे इसे अपना पुराना कब्जा दिखा सकें।
माननीय न्यायलय के आदेश पर पीलीबंगा पुलिस ने रणजीत कुमार (पुत्र मोडूराम),मांगीलाल (पुत्र मोडूराम),राकेश कुमार (पुत्र रणजीत कुमार),सुगना (पत्नी रणजीत कुमार),धापू (पत्नी मांगीलाल) के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर बीएनएस की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी कमान उपनिरीक्षक (SI) राजेन्द्र कुमार को सौंपी गई है, जो मौके का मुआयना कर साक्ष्य जुटा रहे हैं।
पत्रकार लालबहादुर भाखर संवाददाता