
मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं पर कर्मचारियों ने उठाए गंभीर सवाल
दवाओं की कमी, अस्पताल भवन की मरम्मत और कार्यालयों के स्थानांतरण को लेकर शासन से हस्तक्षेप की मांग
हरदोई। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला पुरुष एवं महिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को लेकर चिकित्सकों और कर्मचारियों में असंतोष सामने आया है। अस्पताल कर्मियों की ओर से शासन को भेजे गए पत्र में प्रशासनिक दबाव, कार्यालयों के स्थानांतरण, दवाओं की उपलब्धता, अस्पताल भवन की मरम्मत और महत्वपूर्ण अभिलेखों के रखरखाव सहित कई गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं। कर्मचारियों ने शासन से मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक हस्तक्षेप और समस्याओं के समाधान की मांग की है।
कर्मचारियों के अनुसार मई 2021 में जिला पुरुष एवं महिला चिकित्सालय को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध किए जाने के बाद से अस्पताल की कार्यप्रणाली में कई बदलाव हुए हैं। शासन को भेजे गए पत्र में पीएमएस संवर्ग के चिकित्सकों, एनएचएम से जुड़े चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों पर विभिन्न स्तरों से मौखिक एवं लिखित दबाव बनाए जाने की शिकायत की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे कार्य का वातावरण प्रभावित हो रहा है और उन्हें अनावश्यक मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यालयों के स्थानांतरण पर भी जताई चिंता
पत्र में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पुरुष एवं महिला चिकित्सालय के कार्यालयों को मेडिकल कॉलेज के आईपीडी भवन की चौथी मंजिल पर स्थानांतरित किए जाने के दबाव का भी उल्लेख किया गया है। कर्मचारियों ने अस्पताल के पुराने अभिलेखों की सुरक्षा और उनके व्यवस्थित रखरखाव को लेकर चिंता जताई है।
कर्मचारियों का कहना है कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सहित कई महत्वपूर्ण अभिलेख लंबे समय से अस्पताल की व्यवस्था का हिस्सा हैं। ऐसे में कार्यालय स्थानांतरण से पहले इन रिकॉर्डों के सुरक्षित संरक्षण, पहुंच और रखरखाव की स्पष्ट व्यवस्था किया जाना जरूरी है। पत्र में एक दिव्यांग वरिष्ठ सहायक को चौथी मंजिल पर बैठने के लिए कहे जाने का मामला भी उठाया गया है। कर्मचारियों ने इसे व्यावहारिक कठिनाई से जोड़ते हुए दिव्यांग कर्मचारी की सुविधाओं और सुगम आवागमन को ध्यान में रखकर व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
दवाओं की उपलब्धता पर उठे सवाल
अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था से जुड़ा एक प्रमुख मुद्दा दवाओं की उपलब्धता का भी है। कर्मचारियों ने मुख्य औषधि भंडार में पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाएं उपलब्ध न होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दवाओं की उपलब्धता प्रभावित होने की स्थिति में मरीजों और उनके तीमारदारों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। कर्मचारियों ने मांग की है कि अस्पताल में आवश्यक दवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ औषधि भंडार की व्यवस्था की समीक्षा की जाए, ताकि मरीजों को इलाज के दौरान अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
महिला अस्पताल के भवन की हालत को लेकर भी चिंता
महिला चिकित्सालय के भवन की स्थिति को लेकर भी कर्मचारियों ने सवाल उठाए हैं। पत्र के मुताबिक अस्पताल में लंबे समय से रंगाई-पुताई और आवश्यक मरम्मत का कार्य नहीं होने के कारण वार्ड, ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम सहित कई हिस्सों में सुधार की आवश्यकता है। कर्मचारियों का आरोप है कि अस्पताल की मरम्मत और नवीनीकरण को लेकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की ओर से मांग रखी गई, लेकिन अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके अलावा महिला अस्पताल परिसर में संचालित पीपीसी कार्यालय को भी मेडिकल कॉलेज के आईपीडी भवन में स्थानांतरित किए जाने के दबाव का उल्लेख पत्र में किया गया है।
समाधान नहीं हुआ तो धरने की चेतावनी
चिकित्सकों और कर्मचारियों ने शासन से पूरे मामले का संज्ञान लेकर अस्पताल की प्रशासनिक एवं चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा कराने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि उठाई गई समस्याओं का समयबद्ध समाधान जरूरी है, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कर्मचारी सामूहिक धरना देने के लिए मजबूर हो सकते हैं। हालांकि, कर्मचारियों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
प्राचार्य ने कहा कि मांगों पर जल्द होगा विचार
मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने कहा कि स्टाफ के सभी कर्मचारियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही इन पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। ऐसे में अब कर्मचारियों की ओर से उठाए गए बिंदुओं पर प्रशासन की कार्रवाई और समस्याओं के समाधान को लेकर आगे की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
Hardoi, Hardoi | Sep 20, 2026