
एक्शन में मुजफ्फरपुर डीएम कुमार गौरव अचनाक पहुंच गए, मचा हड़कंप फाइलों की जांच बच्चों से भी किया बात....
बाल संरक्षण संस्थानों की व्यवस्था पर डीएम की नजर, बच्चों की शिक्षा-स्वास्थ्य और पुनर्वास पर दिया जोर।
मुजफ्फरपुर में मिशन वात्सल्य योजना के तहत संचालित बाल संरक्षण संस्थानों की व्यवस्थाओं को परखने के लिए जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बुधवार को पर्यवेक्षण गृह, वृहद आश्रय गृह और विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को एसओपी के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सिकंदरपुर स्थित पर्यवेक्षण गृह में डीएम ने वहां रह रहे बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी दिनचर्या और सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित शिक्षा और सुधारात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर बल दिया। डीएम ने कहा कि विधि के उल्लंघन के आरोपित बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनमें सकारात्मक बदलाव लाना संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
नरौली स्थित वृहद आश्रय गृह में बच्चों की रहने की व्यवस्था, स्वच्छता और शिक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने प्रत्येक बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए व्यक्तिगत योजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही बच्चों के पारिवारिक पुनर्वास को प्राथमिकता देने की बात कही।
खबड़ा स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में डीएम ने दत्तक ग्रहण प्रक्रिया की पारदर्शिता, बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाल संरक्षण संस्थानों में रह रहे प्रत्येक बच्चे को सम्मानजनक वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बच्चों के कौशल विकास और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।