
गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड में एक बार फिर बड़े पैमाने पर अवैध माइका उत्खनन और तस्करी किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रखंड के उत्तरी एवं दक्षिणी छोर पर स्थित दूरदराज के गांवों और जंगलों में अवैध रूप से माइका का उत्खनन कराया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि प्रतिदिन करीब 25 लाख रुपये से अधिक मूल्य के माइका की तस्करी की जा रही है।बताया जाता है कि पचरुखी, खटपोक, लोकाय, साखम, गोलगो, कर्णपुरा, डुबा, असनातरी, दानोखूंटा, नारोटांड़ तथा मांसाडीह सहित कई गांवों के आसपास बड़े भूभाग में अवैध खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं। उत्खनन के बाद माइका को गांवों के कुछ घरों में संग्रहित किया जाता है और फिर रात के समय 407, 709 तथा पिकअप वाहनों के माध्यम से खिजुरी, घंघरीकुरा और गावां मार्ग होते हुए जमडार, डोमचांच एवं मसनोडीह की ओर भेजा जाता है। मजे कि बात यह है कि यह पूरा कारोबार वन विभाग, पुलिस और खनन विभाग के नाक के नीचे से इस गोरखधंधे को अंजाम दिया जाता है , लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि पूर्व में कुछ कथित माइका कारोबारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे, लेकिन गिरफ्तारी नहीं होने के कारण अवैध कारोबार से जुड़े लोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है।
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