श्रमण संघीय उपाध्याय गौतम मुनि जी के सान्निध्य में शंभूपुरा में धर्मसभा का आयोजन।
दैनिक वीरधरा राजस्थान।
चित्तौड़गढ़। आत्मा का ध्यान करना ही मोक्ष को प्राप्त करना है। भीतर की आंखों से भगवान दिखते हैं, संसार में रहकर रमो मत,
उक्त विचार श्रमण संघीय उपाध्याय प्रवर श्री गौतम मुनि जी म.सा. ने सोमवार प्रातः शम्भूपुरा जैन स्थानक में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
धर्मसभा में श्री वैभव मुनि जी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि खुद का अनुसंधान कर अपनी चेतना को धर्म में लगाना होगा। धर्म इस जन्म में भी लाभ देगा तथा अगले जन्म में भी लाभ देगा। हमारा ध़ार्मिक विकास, आध्यात्मिक विकास केसे हो इस पर हमें चिंतन करना होगा
महासाध्वी श्री अर्पण प्रज्ञा जी म.सा. ने कहा कि दुख ऐसी अवस्था है जो खुद को ही भोगना पडता हें दुख को बाटा नहीं जा सकता हें, प्रतिदिन जीवन में ऐसा पुरुषार्थ करें जिससे दुख कभी भी आ ही नही पाए।
धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।