बस्तर के सोनारपाल, चपका, मधोता और भैंसगांव समेत दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी उतरते ही तबाही का खौफनाक मंजर सामने आया है। लंबे समय तक जलभराव के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल जड़ से सड़कर सूख चुकी है, वहीं कई ग्रामीणों के आशियाने भी ढह गए हैं। बीज, खाद, दवा और मजदूरी पर बड़ी रकम लगाने के साथ भारी कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों की पूरी लागत डूब चुकी है, जिससे ग्रामीण परिवारों पर गहरा आर्थिक संकट मंडरा रहा है।
फसल बीमा के दावों और सरकारी राहत नियमों को लेकर किसान असमंजस में हैं। किसानों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि प्रभावित गांवों में तुरंत प्रशासनिक टीमें भेजकर वास्तविक नुकसान का मौके पर सर्वे कराया जाए। समय रहते बीमित किसानों को क्लेम की स्पष्ट प्रक्रिया और गैर-बीमित किसानों को आपदा राहत राशि नहीं मिली, तो अन्नदाता दोहरी मार झेलने को मजबूर होंगे।
#BastarFloods #ChhattisgarhNews #KisanVirodh #CropDamage #FarmersCrisis #PaddyCrop #Bastar #DisasterRelief #CGNews #AgricultureCrisis #FatafatNews