
गांव कुत्ताबढ का वीर सपूत तीस वर्ष की उम्र में ही हुआ वीरगति को प्राप्त!आज 12 बजे पैतृक गांव में पहुंचेगा पार्थिव शरीर...
सिरसा जिले का जवान विरगति को प्राप्त हो गया है। जिले के लिए बहुत ही दुखदाई खबर है देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद सरदार सुखचैन सिंह की जम्मू-कश्मीर में शहादत हुई है। उनका यह सर्वोच्च बलिदान हमेशा देश याद रखेगा।
शहीद सुखचैन सिंह जम्मू कश्मीर के राजौरी में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए हैं। आज उनका पार्थिव शरीर राजौरी से सिरसा एयरपोर्ट्स लाया जाएगा।उसके बाद उनके पैतृक गांव कुत्ताबढ में करीब 12 बजे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहीद सुखचैन सिंह 27 सितंबर 2015 को आर्मी में भर्ती हुआ था। सुखचैन सिंह की उम्र करीब 30 वर्ष है। जो कि रानियां विधानसभा के गांव कुत्ताबढ़ रहने वाला है अगर हाल ही की बात की जाए तो शहीद सुखचैन सिंह 59 इंजीनियरिंग रेजीमेंट राजौरी कश्मीर में डयूटी दे रहा था और जोकि वहीं ड्यूटी के दौरान ही शहीद हो गया। सिरसा जिला के लिए बहुत बड़ी क्षति है
अगर सुखचैन सिंह के परिवार की बातचीत की जाए तो उनके परिवार में उनकी धर्मपत्नी निर्मल कौर है निर्मल कोर से उनकी शादी करीब छह वर्ष पहले हुई थी और उनका एक पाँच वर्ष का बेटा भी है। शहीद सुखचैन सिंह के पिता का नाम बलविंदर सिंह था सुखचैन सिंह के पिता का भी काफी समय पहले देहांत हो चुका था। शहीद सुखचैन सिंह की माता का नाम अमरकौर है। उनकी माता और पत्नी घर में ही रहती है शहीद सुखचैन सिंह कंबोज बिरादरी से संबंध रखता है।सुखचैन सिंह दो भाई हैं एक बहन भी है शहीद सुखचैन सिंह का बडा भाई गांव में ही शैटरिंग का काम करता है। फिलहाल तीनों भाई बहन शादीशुदा है। शहीद सुखचैन सिंह का बडा भाई और सुखचैन सिंह का परिवार पिछले काफी समय से गांव कुत्ताबड़ में ही अपने परिवार के साथ रह रहे हैं #Suknchain #satyanewsharyana #viralvideochallenge #Jammukashmir #
Sirsa, Sirsa | Sep 4, 2026