Public App Logo
Jansamasya
हादसा
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
कांग्रेस
बीजेपी
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Up
अमित_शाह
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Nsui
उत्तरप्रदेश
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी

*चरखी दादरी मेडिकल कॉलेज का नाम “शहीद राजा राव तुलाराम राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय” रखने के निर्णय का स्वागत* कोसली, ओमप्रकाश डाबला अहीरवाल क्षेत्र के महान स्वतंत्रता सेनानी, वीर योद्धा और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायक शहीद राजा राव तुलाराम के सम्मान में चरखी दादरी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज का नाम “शहीद राजा राव तुलाराम राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय” रखने के निर्णय का अहीरवाल क्षेत्र के लोगों ने हर्ष और गर्व के साथ स्वागत किया है। हरियाणा सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय ऐतिहासिक, न्यायोचित और राष्ट्रहित में है। राजा राव तुलाराम न केवल अहीरवाल के गौरव थे, बल्कि वे भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रमुख सैन्य नेताओं में से एक थे। उन्होंने अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों का सशक्त विरोध किया और वर्ष 1857 में नारनौल के समीप नसीबपुर के ऐतिहासिक युद्ध में अंग्रेजों के विरुद्ध निर्णायक संघर्ष का नेतृत्व किया। इतिहास के अनुसार नसीबपुर का युद्ध प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के सबसे भीषण युद्धों में से एक था, जिसमें अहीरवाल क्षेत्र के लगभग 5000 से अधिक वीर युवाओं ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। राजा राव तुलाराम के नेतृत्व में अहीर सैनिकों ने अदम्य साहस, वीरता और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया। युद्ध के बाद अंग्रेजों ने राजा राव तुलाराम का लगातार पीछा किया, जिसके कारण उन्हें गुप्त रूप से समुद्री मार्ग से भारत छोड़ना पड़ा। वे ईरान होते हुए अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंचे। वहां उन्होंने ईरान, रूस तथा विभिन्न अरब शासकों से संपर्क स्थापित कर आर्थिक एवं सैन्य सहायता जुटाई और अंग्रेजों के विरुद्ध पुनः संगठित सैन्य अभियान चलाने की तैयारी प्रारंभ की। दुर्भाग्यवश मात्र 36 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, जो भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति थी। अनेक इतिहासकारों का मत है कि यदि राजा राव तुलाराम कुछ वर्ष और जीवित रहते तो भारत की स्वतंत्रता का इतिहास भिन्न हो सकता था और देश को संभवतः बहुत पहले आजादी मिल जाती। यह भी माना जाता है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस विदेशी धरती पर सेना गठित करने के विचार से प्रेरित हुए थे, जिसकी झलक राजा राव तुलाराम के संघर्ष और प्रयासों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। प्रख्यात समाजसेवी, शिक्षाविद्, पूर्व सैन्य अधिकारी एवं लेखक डॉ. टी.सी. राव ने राजा राव तुलाराम के जीवन, संघर्ष, वीरता और राष्ट्रभक्ति पर विस्तृत पुस्तक लिखी है तथा भारत सरकार से उन्हें मरणोपरांत “भारत रत्न” प्रदान किए जाने की मांग भी की है। इस संबंध में राष्ट्रपति महोदया तथा भारत सरकार को अनेक ज्ञापन एवं प्रतिनिधित्व भेजे गए हैं। देश के स्वतंत्रता संग्राम में उनके अमूल्य योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। हम हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर तथा हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री सुश्री आरती सिंह राव का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने अहीरवाल के इस महान सपूत को सम्मानित करते हुए मेडिकल कॉलेज का नाम उनके नाम पर रखने की ऐतिहासिक पहल की है। यह निर्णय न केवल अहीरवाल क्षेत्र बल्कि पूरे हरियाणा और राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है तथा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, बलिदान और नेतृत्व की प्रेरणा देता रहेगा।

Haryana, India | Jun 3, 2026