
🖋️चुनाव की आहट और अचानक जागी समाजसेवा!
रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल की आहट के साथ ही कुछ चेहरों की सक्रियता भी अचानक बढ़ती नजर आ रही है। जो चेहरे लंबे समय तक क्षेत्र की सियासत और जनसंपर्क से दूर दिखाई देते थे, वे अब लोगों के सुख-दुख में शामिल होते नजर आने लगे हैं।
चुनावी चर्चा के बीच कुछ संभावित दावेदारों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि कौन चुनाव लड़ेगा और कौन नहीं, इसका फैसला वक्त के साथ ही साफ होगा, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती राजनीतिक हलचल ने चर्चाओं को हवा जरूर दे दी है।
जनता के बीच पहुंचने का सिलसिला तेज है—कहीं हालचाल पूछे जा रहे हैं, कहीं कार्यक्रमों में मौजूदगी दर्ज हो रही है तो कहीं समाजसेवा के जरिए लोगों से जुड़ने की कोशिश दिखाई दे रही है।यह सक्रियता वास्तविक जनसेवा है या चुनावी तैयारी?
लेकिन लोकतंत्र में जनता सिर्फ चुनावी मौसम की सक्रियता नहीं देखती। जनता यह भी देखती है कि मुश्किल समय में कौन साथ खड़ा रहा, क्षेत्र में किसकी कितनी मौजूदगी रही और जनता के मुद्दों को लगातार किसने उठाया।
क्योंकि चुनाव के समय चेहरे भले नए अंदाज में नजर आएं, लेकिन जनता की याददाश्त पुरानी बातों को भी संभालकर रखती है।
➡️ अब चुनावी मौसम है… सक्रियता बढ़ेगी, दावे होंगे और वादे भी होंगे।
➡️फैसला आखिरकार जनता की नजर और उसके विवेक पर ही निर्भर करेगा।
~ रमन सिंह पत्रकार~
मो.9198035153