
गीता विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करने वाला ग्रंथ है-पूज्य स्वामीश्रीविमर्शानंदगिरि जी महाराज
बीकानेर। परम श्रद्धेय स्वामी संवित् सोमगिरिजी महाराज के आशीर्वाद से तथा उनके कृपापात्र शिष्य, मंदिर अधिष्ठाता पूज्य स्वामी श्रीविमर्शानंदगिरि जी महाराज के सान्निध्य में 30वीं गीता ज्ञान लिखित परीक्षा आज शनिवार, 3 अक्टुबर को प्रातः 11 से 12 बजे तक विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित हुई। जिसके लिए श्रीमद्भगवद्गीता क्रमांक 20, गीताप्रेस, गोरखपुर अथवा मानव प्रबोधन प्रन्यास द्वारा प्रकाशित गीता-पुस्तक की सहायता से विद्यार्थियों ने अपने प्रश्न-पत्र को हल किया। परीक्षा पाठ्यक्रम का कक्षा वार वर्गीकरण शिशु वर्ग कक्षा- 4 व 5 के विद्यार्थियों हेतु गीता के 1 से 3 अध्याय तक, कनिष्ठ वर्ग कक्षा- 6, 7, 8 के विद्यार्थियों हेतु गीता के 1 से 9 अध्याय तक, वरिष्ठ वर्ग कक्षा- 9 से 12 के विद्यार्थियों हेतु गीता के 1 से 18 अध्याय तक तथा महाविद्यालय वर्ग सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों हेतु गीता के 1 से 18 अध्याय निर्धारित किया गया।
मानव प्रबोधन प्रन्यास के विजेन्द्र सिंह भाटी बताया कि पंजीकृत सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक गीता ज्ञान परीक्षा में सम्मिलित होकर प्रश्नों को हल किया, जिसमें बीकानेर के अतिरिक्त श्रीडूंगरगढ़, लूणकरणसर, नोखा, कातर तथा कोलायत क्षेत्र के विद्यालयों के विद्यार्थी भी सम्मिलित हुएं। इस वर्ष की गीता ज्ञान परीक्षा में कुल 17440 विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा शेष विद्यालयों के 10151 विद्यार्थियों की परीक्षा शनिवार, 10 अक्टुबर को आयोजित की जाएगी। गीता ज्ञान परीक्षा के संपूर्ण आयोजन में गीता प्रभारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों का अपार सहायोग प्राप्त हुआ।