
#सफाई कर्मचारियों को लेकर बड़ी खबर
सरकार ने सफाई कर्मचारियों एवं फायर कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचारोपरांत दी सैद्धांतिक सहमति।
इस संदर्भ में नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा एवं फायर कर्मचारी यूनियन की अधिकतम मांगों पर सैद्धांतिक तौर पर माना है, जोकि मुख्यतः निम्न हैं :-
वर्दी भत्ता ₹440 प्रतिमाह — वेतन के साथ दिया जा रहा है।
समान कार्य–समान वेतन एवं एरियर — पात्र कर्मचारियों को भुगतान किया जा चुका है।
एल.टी.सी. का लाभ — दिया जा रहा है।
न्यूनतम वेतन — न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार निर्धारित न्यूनतम वेतन दिए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति।
कर्मचारी राज्य बीमा (ई.एस.आई.) का लाभ पात्र कर्मचारियों को दिए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति।
कर्मचारी भविष्य निधि (ई.पी.एफ.) का लाभ पात्र कर्मचारियों को दिए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति।
सफाई कर्मचारियों को भी ₹2,000 प्रतिमाह जोखिम भत्ता दिए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति।
अनुकम्पा सहायता ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख किए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति।
दुर्घटना बीमा — मृत्यु पर ₹50 लाख एवं स्थायी दिव्यांगता पर ₹25 लाख की सैद्धांतिक स्वीकृति।
पी.एम.जे.ए.वाई.-चिरायु में पालिका रोल एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मी शामिल किए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति।
20 मेडिकल एवं 20 आकस्मिक अवकाश की सैद्धांतिक स्वीकृति।
सफाई कर्मचारियों एवं सीवरमैनों की लिपिक (ग्रुप-सी) पद पर पदोन्नति के प्रावधान की सैद्धांतिक स्वीकृति।
मुख्य गतिरोध का मुद्दा पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों एवं फायर कर्मचारियों को नियमित करने बारे है। जिसका सरकार द्वारा कानूनी परीक्षण किया जा रहा है।
सरकार इन कर्मचारियों को हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम, 2024 के दायरे में लाने के लिए तैयार है ताकि इन कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के लगभग समान लाभ प्राप्त हो सकें। इन कर्मचारियों को 60 वर्ष तक सेवा की सुनिश्चितता देने के लिए सरकार तैयार है। सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए इनकी न्यूनतम सैलरी को भी पात्रता के अतिरिक्त 15 प्रतिशत अधिक राशि देने को तैयार है। वर्तमान में पालिका रोल सफाई कर्मचारियों को 19,000/- रुपये, जिसे सरकार बढ़ाकर 21,000/- मासिक करने पर विचार कर लिया है।
उक्त अधिनियम, 2024 के तहत कर्मचारियों को अन्य लाभ जैसे कि अर्ध वार्षिक वेतन वृद्धि, डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी, मातृत्व अवकाश सुविधा तथा एच.के.आर.एन.एल. के तहत एक्स-ग्रेशिया वित्तीय सहायता राशि एवं एक्स-ग्रेशिया नियुक्ति इत्यादि (जोकि नियमित कर्मचारियों के लगभग समकक्ष हैं) देने पर सैद्धांतिक तौर पर सहमत है।
इस प्रकार से सरकार ने संघ की सफाई एवं फायर कर्मचारियों से संबंधित लगभग सभी मांगों को सैद्धांतिक रूप से मान लिया है। फिर भी सफाई कर्मचारी की हठधर्मिता के कारण ना केवल सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है अपितु जन साधारण को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
सरकारी कर्मचारियों द्वारा हड़ताल पर जाने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वे अन्य कर्मचारी जोकि अपना सफाई का कार्य करना चाहते हैं उन्हें रोका जाए। ऐसा करना कानूनन गलत है। ऐसी स्थिति में कानून तोड़ने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के अलावा अन्य कोई रास्ता नहीं बचता।
अतः कोई भी कर्मचारी कानून को अपने हाथ में लेगा तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।