
28 जून को पंचायत विकास दिवस का होगा आयोजन, सभी पंचायतों में ग्राम सभा के माध्यम से विकास योजनाओं की होगी व्यापक समीक्षा
जिलाधिकारी ने सफल एवं सुचारु आयोजन के लिए जारी किए आवश्यक दिशा-निर्देश
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मुजफ्फरपुर,
27 जून, 2026
ग्रामीण विकास को नई गति देने तथा ग्राम पंचायतों को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनभागीदारी आधारित बनाने के उद्देश्य से जिले की सभी 373 ग्राम पंचायतों में 28 जून को "पंचायत विकास दिवस" का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए कार्यक्रम का सफल, व्यवस्थित एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायत विकास दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। इसके माध्यम से पंचायत स्तर पर संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा, जनसमस्याओं का समाधान तथा आगामी विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम में अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित कर इसे जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाए।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में पूर्वाह्न निर्धारित समय पर ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। ग्राम सभा में पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, विकास मित्र, जीविका समूह की दीदियां, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, आशा कार्यकर्ता, शिक्षक, किसान, युवा, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य तथा आम ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम सभा में पंचायत क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए विकास संबंधी सुझाव प्राप्त किए जाएंगे।
उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत विकास दिवस के अवसर पर पंचायत भवन एवं आयोजन स्थल की समुचित साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्र, बिजली तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराई जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम सभा में पंचायत की आय-व्यय, विकास योजनाओं की स्थिति, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, कृषि एवं अन्य विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान के लिए आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर उपलब्ध परिसंपत्तियों, सामुदायिक भवनों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य उपकेंद्रों, खेल मैदानों, तालाबों तथा सार्वजनिक स्थलों की स्थिति की भी समीक्षा की जाए। ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीणों से सुझाव प्राप्त कर उन्हें आगामी कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि पंचायत विकास दिवस के दौरान e-Gram Swaraj पोर्टल, e-Panchayat प्रणाली तथा पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) से संबंधित जानकारी भी ग्रामीणों के साथ साझा की जाए। पंचायतों के समग्र विकास के लिए निर्धारित मानकों एवं संकेतकों पर चर्चा करते हुए पंचायतों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसलिए कार्यक्रम के दौरान योजनाओं के लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा शिकायत निवारण व्यवस्था के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पंचायत विकास दिवस के दौरान महिलाओं, युवाओं, किसानों तथा कमजोर वर्गों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। ग्राम सभा में प्राप्त सुझावों एवं निर्णयों का विधिवत कार्यवृत्त तैयार कर उसे संबंधित पोर्टल पर अपलोड किया जाए तथा आवश्यक अनुपालन की कार्रवाई समयबद्ध तरीके से की जाए।
उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वयं कार्यक्रम की निगरानी करें तथा पंचायतों में आयोजित ग्राम सभाओं का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें। किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सहभागी विकास की अवधारणा को मजबूत करना, पंचायतों को अधिक सक्षम एवं उत्तरदायी बनाना तथा गांव के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाकर अपने गांव के समग्र विकास में योगदान दें, ताकि पंचायतें आत्मनिर्भर, पारदर्शी और विकासोन्मुख बन सकें।