
ठाढ़ी में गरजे माले नेता बीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, "बुलडोजर नहीं, भूमि का परचा दो" 14 जुलाई को अनुमंडल कार्यालय पर होगा बड़ा प्रदर्शन।
बगहा/वाल्मीकिनगर: ठाढ़ी गांव में वन विभाग की कार्रवाई के बाद भूमि अधिकार का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। भाकपा (माले) नेता बीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने सरकार पर गरीब मजदूरों और किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ठाढ़ी के जोत-आबाद करने वाले परिवारों को भूमि का परचा दिया जाए, न कि बुलडोजर चलाकर उन्हें बेघर किया जाए। माले नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में "बुलडोजर और दमन की सरकार" चल रही है। उनका कहना है कि ठाढ़ी के मजदूरों और किसानों पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं तथा वन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। नेता ने आरोप लगाया कि वन विभाग ने करीब 5 एकड़ में लगी गन्ने की फसल को नष्ट कर दिया, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। साथ ही सात गरीब परिवारों की झोपड़ियां उजाड़ने वाले संबंधित रेंजर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की भी मांग की गई। माले ने यह भी आरोप लगाया कि ठाढ़ी के लगभग 200 परिवारों की 62 एकड़ आवासीय भूमि की बंदोबस्ती का परचा रद्द करने की सरकारी साजिश रची जा रही है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि इस प्रयास को नहीं रोका गया तो व्यापक जन प्रतिरोध किया जाएगा। इसी क्रम में 14 जुलाई को अनुमंडल कार्यालय पर विशाल प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की गई है। प्रदर्शन के माध्यम से ठाढ़ी सहित क्षेत्र के पर्चाधारी परिवारों को भूमि पर अधिकार दिलाने, वनाधिकार कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने, बीबी राम जी योजना के तहत 125 दिनों के रोजगार, उचित मजदूरी तथा गरीब किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई जाएगी। माले नेता ने कहा कि यह आंदोलन केवल ठाढ़ी गांव का नहीं, बल्कि भूमि, आवास और आजीविका के अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों, मजदूरों और आम लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। मौके पर दिनेश कुशवाहा, बाललदेव मुखिया, आनंद कुमार, गरम लाल , रामा धनगढ, फूल मोहम्मद ,उत्तर मुखिया, सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।