
सोशल मीडिया पर लिखने के बजाय डीजी सूचना बंशीधर तिवारी जी से मुलाकात कर हम अपनी बात रख सकते हैं
लोकल न्यूज़ पोर्टलों की सूचीबद्धता के लिए दरें पोर्टलों ने स्वयं की निर्धारित इसको कोई भी नकार नहीं सकता, टेंडर निकलता है उसके बाद हम ही बीट डालते हैं। सबसे कम जिसका रेट होता है उसका ही फाइनल माना जाता है, लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि हमारे ही बीच से ऐसा कौन रहता है जो यह नहीं चाहता कि रेट अच्छे हों।
लोकल न्यूज़ पोर्टलों की सूचीबद्धता के लिए सूचना विभाग द्वारा अपनाई गई निविदा प्रक्रिया को लेकर सामने आ रहे विरोध के बीच ये जानना जरूरी है कि निविदा में एल-1 एल-2 दरें सूचना विभाग द्वारा निर्धारित नहीं की गई हैं, बल्कि संबंधित न्यूज़ पोर्टलों ने निविदा प्रक्रिया के तहत अपनी दरें स्वयं प्रस्तुत की हैं।
निविदा में प्राप्त दरों को लेकर किसी प्रकार की असहमति होने की स्थिति में संबंधित पोर्टल संचालकों के पास अपनी आपत्ति अथवा असहमति लिखित रूप में दर्ज कराने का विकल्प है। केवल इस आधार पर कि कुछ दरें अपेक्षाकृत कम प्राप्त हुई हैं, पूरी प्रक्रिया स्वतः निरस्त नहीं हो सकती है।
नियमानुसार निविदा प्रक्रिया को एक बार जारी किया जाना आवश्यक था और पोर्टलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी दरें प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। अब यदि संबंधित पोर्टल संचालक प्रस्तावित दरों को स्वीकार नहीं करते हैं तो वे विभाग को लिखित रूप में अपनी असहमति से अवगत करा सकते हैं।
ऐसी स्थिति में प्राप्त आपत्तियों और संबंधित नियमों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सकता है।
निविदा में किसी पोर्टल द्वारा स्वयं प्रस्तुत की गई दर को बाद में विभाग द्वारा तय की गई दर के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। दरें निविदा प्रक्रिया में संबंधित प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत की गई हैं।
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