
अद्भुत प्रतिभा होती है दृष्टिबाधितों में, बस अवसर की जरूरत है: पालिकाध्यक्ष
फैमिली काउंसलिंग का आयोजन किया गया दृष्टिबाधितों के लिए, आत्मनिर्भर बनने का दिया संदेश
750 दृष्टिबाधितों को प्रशिक्षण दिया गया है, 410 लोगों को दी गई 15-15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
कोंच। ऑल इंडिया कनफेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड (एआईसीबी), दिल्ली के तत्वावधान में दृष्टिबाधित व्यक्तियों और उनके परिजनों के लिए फैमिली काउंसलिंग का आयोजन नगर के होटल कान्हा इन में बुधवार दोपहर किया गया। कार्यक्रम में कोंच नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से 40 से अधिक दृष्टिबाधित व्यक्ति अपने परिवार के सदस्यों के साथ शामिल हुए। बतौर मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा, दृष्टिबाधितों में अद्भुत प्रतिभा होती है और अवसर मिलने पर वे हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नगर पालिका स्तर की योजनाओं में उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। बतौर विशिष्ट अतिथि सभासद अनिल वर्मा भी मौजूद रहे। एआईसीबी के परियोजना अधिकारी सुधांशु शुक्ला ने कहा, यदि दृष्टिबाधित व्यक्तियों को परिवार और समाज का सहयोग मिले तो वे सामान्य लोगों की तरह हर कार्य करने में सक्षम हैं। उन्होंने परिवार के सदस्यों से अपील की कि वे दृष्टिबाधितों के साथ न तो जरूरत से ज्यादा सुरक्षा का व्यवहार करें और न ही उन्हें उपेक्षित करें, बल्कि उन्हें समान अवसर देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ें। उन्होंने बताया कि संस्था ने कोंच नगर और ब्लॉक के गांवों में 150 से अधिक दृष्टिबाधित व्यक्तियों की पहचान की है, जिनमें से 80 लोगों को घर-घर जाकर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के तहत चलना-फिरना, घरेलू कार्य, मोबाइल चलाना तथा महिलाओं को भोजन बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ सफल प्रशिक्षुओं को 15 हजार रुपये का अनुदान देकर स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। जिले में अब तक 750 से अधिक दृष्टिबाधितों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा 410 लोगों को 15-15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देकर दुकान, बकरी पालन, गाय पालन सहित अन्य रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया गया है। कार्यक्रम के दौरान लोकेंद्र, वंदना (नदीगांव) तथा नेवालाल (कौशलपुर) सहित कई लाभार्थियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड भी उपलब्ध कराए गए।
Konch, Jalaun | Jul 8, 2026