
जिले के सभी निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों में अनिवार्य रूप से होगा फायर ड्रिल*
*उपायुक्त श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन पर अग्निशमन विभाग द्वारा निर्धारित तिथियों में किया जाएगा फायर ड्रिल एवं सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण*
पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 06 व 07 जुलाई को फायर ड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में सभी निजी अस्पताल एवं क्लीनिक संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित तिथि के अनुसार अपने-अपने संस्थानों में अनिवार्य रूप से फायर ड्रिल का आयोजन सुनिश्चित करें तथा अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार प्रत्येक निजी स्वास्थ्य संस्थान में आग जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का व्यवहारिक परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान अस्पतालों में स्थापित अग्निशमन यंत्रों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी प्रणाली, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता तथा कर्मचारियों की आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों का भी मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मियों को आग लगने की स्थिति में मरीजों के सुरक्षित निकासी, प्राथमिक प्रतिक्रिया एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अग्निशमन विभाग के फायर सेफ्टी पदाधिकारी एवं उनकी टीम संबंधित निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों का भ्रमण करेगी। निरीक्षण के दौरान संस्थानों में उपलब्ध अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी तथा जहां भी आवश्यक होगा, वहां सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। उक्त के संदर्भ में *उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि "अस्पताल एवं स्वास्थ्य संस्थान ऐसे स्थान हैं जहां बड़ी संख्या में मरीज, उनके परिजन एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहते हैं। ऐसी स्थिति में अग्नि सुरक्षा के मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन अत्यंत आवश्यक है। किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्व तैयारी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। नियमित फायर ड्रिल से न केवल कर्मचारियों की आपातकालीन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता विकसित होती है, बल्कि मरीजों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।"*
उपायुक्त ने सभी निजी अस्पताल एवं क्लीनिक संचालकों से अपील करते हुए कहा कि "फायर ड्रिल को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि इसे संस्थान की सुरक्षा संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाएं। सभी स्वास्थ्य संस्थान निर्धारित तिथियों पर आयोजित फायर ड्रिल में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें तथा अग्निशमन विभाग द्वारा दिए गए सभी सुरक्षा निर्देशों का अक्षरशः पालन करें।" जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार फायर सेफ्टी अधिकारी संबंधित निजी स्वास्थ्य संस्थानों का भ्रमण करेंगे। सभी अस्पताल एवं क्लीनिक संचालकों से अपेक्षा की गई है कि वे फायर ड्रिल के दौरान अपने संस्थान के समस्त चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा अग्नि सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक संसाधनों को कार्यशील अवस्था में रखें। जिला प्रशासन का उद्देश्य जिले के प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना तथा किसी भी संभावित अग्नि दुर्घटना की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम करना है।